नई दिल्ली,18 मई 2024 (ए)। ब्रिटिश-स्वीडिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन से एक और गंभीर बीमारी के खतरे का पता चला है। दरअसल एस्ट्राजेनेका की कोविड वैक्सीन में एक और खतरनाक ब्लड क्लॉटिंग डिसऑर्डर मिला है। शोधकर्ताओं का दावा है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सहयोग से बनाई गई ब्रिटिश-स्वीडिश फार्मा दिग्गज एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन-प्रेरित इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिया और थ्रोम्बोसिस (वीआईटीटी) के खतरे को और अधिक बढ़ाती है वीआईटीटी एक दुर्लभ लेकिन घातक रक्त का थक्का जमने वाला विकार है। हालांकि, खून का थक्का जमाने वाला ये रेयर डिसऑर्डर (किसी-किसी को होने वाला) है, लेकिन खतरनाक है।
हालांकि यह नया नहीं है,वीआईटीटी एडेनोवायरस वेक्टर-आधारित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के बाद एक नई बीमारी के रूप में उभरा जिसे भारत में 2021 में कोविड महामारी के चरम पर कोविशील्ड और यूरोप में वैक्सज़ेवरिया के रूप में बेचा गया। रिसर्च के अनुसार, खतरनाक ब्लड एंटीबॉडी ‘प्लेटलेट फैक्टर 4’ वीआईटीटी के लिए जिम्मेदार है। प्लेटलेट फैक्टर 4, प्रोटीन के खिलाफ काम करता है।
अब एक नए शोध में ऑस्ट्रेलिया में फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी और अन्य अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने पाया कि एडेनोवायरस संक्रमण से जुड़े वीआईटीटी और क्लासिक एडेनोवायरल वेक्टर वीआईटीटी दोनों में पीएफ4 एंटीबॉडी समान मॉलिक्यूलर में है।
फ्लिंडर्स के प्रोफेसर टॉम गॉर्डन ने कहा कि वास्तव में इन विकारों में घातक
एंटीबॉडी बनने का तरीका समान है। शोधकर्ता ने कहा कि हमारे समाधान वीआ ईटीटी संक्रमण के बाद रक्त के थक्के जमने के दुर्लभ मामलों पर लागू होते हैं, यह टीके के विकास पर भी काम करते हैं। इसी टीम ने 2022 के एक शोध में पीएफ4 एंटीबॉडी के मॉलिक्यूलर का पता लगाया था, साथ ही एक आनुवंशिक जोखिम की पहचान की थी।
कोविड टीका बहुत ही दुर्लभ मामलों में बन सकता है टीटीएस का कारण बन
यह शोध एस्ट्राजेनेका की ओर से फरवरी में हाई कोर्ट में प्रस्तुत एक कानूनी दस्तावेज में स्वीकार किए जाने के बाद आया है कि इसका कोविड टीका बहुत ही दुर्लभ मामलों में थ्रोम्बोटिक थ्रोम्बोसाइटोपेनिक सिंड्रोम (टीटीएस) का कारण बन सकता है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur