नई दिल्ली,१६ मई २०२४(ए)। एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड की कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड के संभावित दुष्प्रभावों की रिपोर्ट के बीच कोवैक्सिन बनाने वाली भारत बायोटेक ने पिछले दिनों एक बयान जारी कर कहा था कि उसके वैक्सीन के सुरक्षा रिकॉर्ड शानदार रहे हैं। कंपनी ने कहा था कि उसकी वैक्सीन से खून के थक्के,प्लेटलेट की कमी जैसे दुष्प्रभाव सामने नहीं आए हैं लेकिन बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कोवैक्सीन लेने वाले 30 फीसदी लोगों को कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। बीएचयू के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में भारत बायोटेक की कोवैक्सिन टीके के दीर्घकालिक प्रभावों की जांच में यह खुलासा हुआ है कि लगभग एक-तिहाई लोगों पर प्रभाव देखने को मिला है। स्टडी रिपोर्ट में कहा गया है कि अध्ययन के लिए चुने गए 926 प्रतिभागियों में से लगभग एक-तिहाई लोगों में ऊपरी सांस की नली में वायरल संक्रमण सबसे आम शिकायत है। इसके अलावा लोगों में ब्लड क्लॉटिंग और एलर्जी के भी प्रभाव देखने को मिले हैं।
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