हाईकोर्ट को दी गई जानकारी, अफसरों के उड़े होश
कोलकाता,08 फरवरी 2024(ए)। कलकत्ता हाईकोर्ट के सामने को हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। अदालत को जानकारी दी गई है कि सजा काटने के दौरान पश्चिम बंगाल की जेलों में बंद महिलाएं गर्भवती हो रही हैं। मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की बेंच के सामने जानकारी पेश की गई है। साथ ही मांग की गई है कि सुधारगृह में महिला कैदियों के पास पुरुष कर्मचारियों का जाना बंद कराया जाए। इस मामले में सोमवार को सुनवाई हो सकती है।
एमिकस क्यूरी ने अदालत को जानकारी दी, ‘कैदी सजा के दौरान गर्भवती हो रही हैं। कम से 196 बच्चों का जन्म जेलों में हुआ है।’ उन्होंने कहा, ‘दिलचस्प बात यह है कि कस्टडी में रहने के दौरान कैदी गर्भवती हो रही हैं। बाद में बच्चे जेलों में पैदा हो रहे हैं।’ उन्होंने बताया कि फिलहाल 196 बच्चे पश्चिम बंगाल की अलग-अलग जेलों में रह रहे हैं।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि वह हाल ही में पुलिस अधिकारी के साथ एक सुधारगृह पहुंच थे। उन्होंने कहा, ‘मैंने पाया कि एक महिला गर्भवती है और कम से कम 15 अन्य महिलाएं बच्चों के साथ रह रही हैं। उनका जन्म जेल में ही हुआ था।’ अदालत की तरफ से इस मामले को गंभीर बताया गया है। एक वरिष्ठ ढ्ढक्कस् अधिकारी ने जानकारी दी है कि अगर 6 साल की उम्र से कम की महिला को गिरफ्तार किया जाता है, तो बच्चे को मां के साथ रहने की अनुमति दी जाती है।
उन्होंने कहा, 6 साल से कम उम्र के बच्चे को जेल में उनकी मां के साथ रहने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इस बात की मुझे कोई जानकारी नहीं है कि महिला जेलों में गर्भवती हो रही हैं। इसक संभावनाएं नहीं हैं। अगर यह मेरी जानकारी में आता है, तो मैं निश्चित रूप से इसकी जांच करूंगी।’
सूत्रों ने जानकारी दी है कि 1 जनवरी 2024 के आंकड़े बताते हैं कि पश्चिम बंगाल की 60 जेलों में करीब 26 हजार महिला कैदी रह रही हैं। जनवरी में 1265 अंडरट्रायल थीं और 448 दोषी साबित हो चुकी हैं। जबकि, 174 उम्रकैद की सजा काट रही हैं।
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