बोले- इसमें हेराफेरी है; तटस्थ एजेंसी से दोबारा करवाई जाए
चिराग पासवान ने प्रदेश सरकार, चाचा पशुपति पारस और लालू यादव को लेकर खुलकर की बात
चिराग ने बिहार से जुड़े मुद्दों के साथ अपनी राजनीति और रणनीति पर भी रखे विचार
पटना,07 अक्टूबर 2023 (ए)। मंडल और मंदिर के बीच बंटती जा रही बिहार की राजनीति में इन दिनों दो युवाओं की खूब चर्चा होती है- तेजस्वी यादव और चिराग पासवान लालू प्रसाद अगर इस राजनीति के अतीत हैं तो नीतीश कुमार वर्तमान माने जा सकते हैं।
इस कड़ी में अगर मंडल राजनीति की भविष्य को देखें तो इस समय यही दोनों चेहरे नजर आएंगे। संयोग यह कि निश्चित समर्थक वर्ग के साथ इन दोनों के वोट बैंक में अच्छी खासी पूंजी विरासत के रूप में जमा है।
ये कहीं भी रहें, मोटे तौर पर इनका वोट बैंक साथ चलता रहता है। समय-समय पर तेजस्वी और चिराग-दोनों ने इसे साबित भी किया है।
चिराग लगातार इस प्रयास में हैं कि पिता रामविलास पासवान की विरासत को न सिर्फ संभाले, बल्कि उसे बहुत दूर तक ले जाएं।राजनीतिक निर्णयों में लचीचापन के मोर्चे पर वह बहुत हद तक पिता के करीब और कुछ मामलों में उनसे कुछ दूर भी चले जाते हैं।
उनके शब्दकोष में सभी दलों के लिए समझौते की गुंजाइश तो है, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए कोई नरमी नहीं है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur