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अनूपपुर,@उपलब्धि के नाम पर “ठन ठन गोपाल” विधायक सुनील सराफ़

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सुनील हटाओ – कोतमा बचाओ नारे के साथ मैदान में जी-23 टीम

अगर चुनाव न हों तो हमें पता ही न चले कि हमारे आसपास जनसेवा के लिये तत्पर कितने सारे महान लोग मौजूद हैं। जिन्हें सिर्फ एक मौका चाहिए और ये द्रुत गति से विकास में जुट जाएंगे। बांकि विकास किसका होगा.? ये पूछकर हमें स्वयं के सामान्य ज्ञान पर प्रश्न चिन्ह नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि जो जीत चुका नेता है वो पर्याप्त विकास कर चुका है लेकिन फिर भी उसका मन नहीं भरा है और जो अब तक नहीं जीता है वो विकास करने को कसमसा रहा है।

-अरविंद द्विवेदी-
अनूपपुर,14 सितम्बर 2023 (घटती-घटना)। विधानसभा चुनाव की सरगरमियां धीरे-धीरे सिरे चढ़ने लगी हैं। चुनावी समर में भाग्य आजमाने के लिए जहां नेता ताल ठोक रहे हैं वहीं जिले की कोतमा विधानसभा के वर्तमान विधायक के रूप में सुनील सराफ की क्या उपलब्धियां रही हैं.? इस बेबाक प्रश्न पर एक भी ऐसी उपलब्धी सामने नहीं आई जो लोगों की जुबान पर हो। हाँ एक बात तो है कि क्षेत्र की जनता को गर.! कुछ (सुनने मात्र) मिला तो वह है फेसबुक लाईव के माध्यम से “प्रणाम करता हूँ व नमन करता हूँ”। बांकि विधानसभा की जनता ने क्या-क्या सुना और देखा यह बात “ठन ठन गोपाल” कहावत को परिभाषित करती है।
कटे पंखों के साथ लम्बी उड़ान की तैयारी
राजनीति में आजकल टांग खींचने वाली प्रतियोगिता अंतर्गत एक-दूसरे को धक्का देने वालों की कमी नहीं है। फिलहाल चुनावी समर में क्षेत्र के सभी कुर्ताधारी स्वयं को राजनीति में दक्ष बताने से बाज़ नहीं आ रहे। और मजे की बात तो यह है कि आजकल विरोधी भी एक-दूसरे के साथ मिलकर विधायकी के सफर की अपनी-अपनी ऊंची उड़ान भरने की योजना भी बना रहे हैं। फिलहाल पूर्व की ज़मीनी हकीकत के अनुरूप कौन, किसके राजनीतिक पंख काटेगा यह तो आने वाला समय तय करेगा। लेकिन मजे की बात तो यह है क्षेत्र के वर्तमान माननीय कटे पंखों के साथ ही सुपरमैन की वर्दी पहन कर लम्बी उड़ान की तैयारियां कर रहे हैं।
जनता को उपलब्ध नहीं उनके चुने विधायक
जन के ही चुने जनप्रतिनिधि जनता की ही कितनी सुनते हैं और जन के ये सेवक जनता को ही कितने सुलभ उपलब्ध हैं यह बात किसी से छुपी नहीं। अगर कभी किसी साधारण व्यक्ति ने फोन के माध्यम से सम्पर्क भी करना चाहा तो मानो उसे यह महसूस होता है कि माननीय के पीए भी अपने कई पीए रखते हैं और अगर कोई बहुत ही करीबी है तो उसे ड्राईवर साहब ही बता पाते हैं कि माननीय कब और कहां उपस्थित रहेंगे। अब भला उन्हें यह बात कौन समझाए कि आम जनता का इस तरह के वीवीआईपी रवैये से क्या लेना-देना।
सुनील हटाओ, कोतमा बचाओ के लगे नारे
वर्तमान कोतमा विधायक सुनील सराफ़ के लगातार हो रहे विरोध के कारण होने वाले विधानसभा चुनाव का समीकरण भी बिगाड़ता जा रहा है। वहीं चर्चा-ए-आम है कि उनके छत्ते की मधुमक्खियों को लगने लगा कि हमारी यह रानी मक्खी खुद भी गिरेगी और हमें भी कहीं का नहीं छोड़ेगी। विधायक विरोधी खेमें के कारण दो टुकड़ों में बटी कांग्रेस के आलाकमानों के लिए यह विडंबना की घड़ी है। अगर समय रहते उनके द्वारा उचित फैसला नहीं लिया गया तो वो दिन भी दूर नहीं कि उन्हें कोतमा विधानसभा की सीट से ही हाँथ धोना पड़ जाए।
कांग्रेस समन्वय समिति जी-23 का हल्लाबोल
वर्तमान विधायक के कार्यकाल से नाखुश हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं और पदाधिकारियों की एक टीम जिन्होंने मिलकर कांग्रेस समन्वय समिति जी-23 का गठन किया है। इस टीम में विधानसभा के वो सभी पदाधिकारी शामिल हैं जिनकी बदौलत बीते चुनाव में सुनील सराफ़ के सर विधायक की ताजपोशी हुई थी। चूंकि बीते समय में विधायक ने अपने कार्यों से सभी को नाराज़ कर रखा है जिसकी बानगी विरोध के रूप गठित हुई नई टीम कांग्रेस समन्वय समिति या जी-23 के रूप में साफ देखा जा सकती है जो पूरे विधानसभा क्षेत्र में आज चर्चा का विषय बना हुआ है।


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