नई दिल्ली,16 अगस्त 2023 (ए)। देश की अदालतों में प्रॉस्टिट्यूट-मिस्ट्रेस जैसे शब्द महिलाओं के लिए नहीं होंगे इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के लिए शब्दावली जारी की अब से देश की अदालतों में प्रॉस्टिट्यूट-मिस्ट्रेस जैसे शब्द किसी महिला के लिए उपयोग नहीं किये जायेंगे। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के लिए शब्दावली जारी की है। इसकी बाकायदा घोषणा आज कर दी गई। बता दें इस नई शब्दावली को 3 महिला जजों ने बनाया है।
अब से सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और दलीलों में अब जेंडर स्टीरियोटाइप शब्दों का इस्तेमाल नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले आपत्तिजनक शब्दों पर रोक लगाने के लिए जेंडर स्टीरियोटाइप कॉम्बैट हैंडबुक लॉन्च की है।
जानकारी के मुताबिक 8 मार्च को महिला दिवस पर सुप्रीम कोर्ट में हुए इवेंट में सीजेआईडीवाई चंद्रचूड़ ने कहा था कि कानूनी मामलों में महिलाओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल रुकेगा, जल्द डिक्शनरी भी आएगी। सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के लिए शब्दावली जारी की, इसे 3 महिला जजों ने बनाया है।
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