जीवित होने का प्रमाण देने कलेक्ट्रेट पहुंचा पीडि़त
- राजा मुखर्जी –
कोरबा,22 फरवरी 2023 (घटती-घटना)।राजस्व विभाग के कामकाज में पारदर्शिता लाने की तमाम कोशिशों के बावजूद कुछ कर्मियों के द्वारा तमाम कोशिशों को ध्वस्त किया जा रहा है। इनके कारण शासन-प्रशासन की छवि खराब हो रही है,साथ ही पीडि़त और उसका परिवार शारीरिक-आर्थिक और मानसिक तकलीफ से गुजरने मजबूर हो रहा है। राजस्व रिकार्ड में हेराफेरी कर एक ग्रामीण का पिता बदल दिया गया और फिर उसी कथित फर्जी पिता बनाए गए युवक को मृत दर्शाकर रेल कॉरिडोर के मुआवजा राशि में गड़बड़झाला कर 4 लाख हड़प लिए गए। मामला पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम बरतराई का है। यहां के निवासी विक्रमदास पिता लच्छन दास 35 वर्ष की पुश्तैनी जमीन कोरबा-पेण्ड्रा रोड रेल कॉरिडोर में आई है। खसरा नंबर 390/2 रकबा 0.162 हेक्टेयर भूमि रेल कॉरिडोर में आने के बाद जब उसने मुआवजा के लिए लिखा-पढ़ी किया तो धोखाधड़ी का पता चला। उसने थाना जाकर गुहार लगाई तो तहसीलदार के पास आवेदन देने और आदेश आने पर कार्यवाही संबंधी सुझाव दिया गया। 14 नवंबर 2022 को तहसीलदार के पास जाने से विक्रमदास को आश्वासन मिला कि उसके जमीन का मुआवजा हिस्सा दिलाया जाएगा लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। पीडि़त के मुताबिक रिश्ते में उसके चाचा व फूफा लगने वाले नारायणदास एवं वचन दास द्वारा पटवारी से मिली भगत कर उसकी जमीन का 4 लाख रुपया धोखाधड़ी कर हड़प लिया गया। थाना व तहसील में कोई सुनवाई नहीं हुई। पीडि़त विक्रम दास ने अपने मुआवजा की राशि दिलवाने तथा धोखाधड़ी करने और पैसा हथियाने के लिए उसे जुगुल दास का पिता बनाने वालों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही का आग्रह किया है। यह भी आरोप है कि उपरोक्त लोगों के द्वारा उसके पूर्वज जुगुल दास के भी जमीन का मुआवजा धोखाधड़ी कर हड़प लिया गया है।
पीडि़त विक्रमदास ने बताया कि उसके खसरा नंबर 390/2 रकबा 0.162 हेक्टेयर भूमि का नामांकन पंजी में उसे फौत होना लिखा गया है। उसके पिता का नाम लच्छन दास है जबकि इस खसरा नंबर की जमीन के रिकार्ड में किसी जुगुल दास का पिता के रूप में उसे दर्शा कर फौत होना बता दिया गया है जबकि जुगुल दास के पिता का नाम महंगू दास महंत है। आवेदन के साथ प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों पर गौर करें तो 10 मई 2017 को तहसीलदार पोड़ी-उपरोड़ा के हस्ताक्षर से एसडीएम के निर्देश पर वंशवृक्ष तैयार किया गया था। तत्कालीन पटवारी हल्का नंबर 33 नीरा कुमारी द्वारा हस्ताक्षरित इस पंचनामा में लगन साय के पुत्र महंगू दास, जंगू दास व नान्ही दास हैं। महंगू दास के पुत्र जुगुल दास और जुगुल के वंश में पुत्री शांति बाई, फूल बाई दर्शित है। बी-1 किश्तबंदी खतौनी में भी इस खसरा रकबा में जुगुल दास, महंगू दास दर्ज है लेकिन नामांतरण पंजी में यही खसरा नंबर 390/2 रकबा 0.162 हेक्टेयर भूमि जमीन विरासतन हक से जुगुल दास पिता विक्रम दास फौत वारिसान पुत्री शांति बाई, फूल बाई पूर्ववत काबिज अभिलेख दुरूस्ती हेतु प्रस्तावित बताया गया एवं मंगलू दास, जंगलू दास बिना वारिस फौत होना दर्शाया है।
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