अम्बिकापुर,04 अक्टूबर 2022(घटती-घटना)। शारदीय नवरात के नवमी के अवसर पर गाजे-बाजे के साथ जवारा विसर्जन किया गया। मायापुर स्थित देवी धाम से मां की ज्वारा निकाली गई जो भ्रमण के बाद महामाया मंदिर में विसर्जन किया गया। शोभा यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों ने बाना को जीभ से आरपार भेदकर शोभायात्रा में शामिल हुए। मायापुर चांदनी चौक स्थित देवी धाम से प्रति वर्ष जवारा का विसर्जन किया जाता है। शारदीय नवरात्र के नवती तिथि पर जवार विसर्जन के लिए भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। इस दौरान महिला व पुरुष भक्तो ने अपने जीभ पर बाना भेदकर शोभायात्रा में शामिल हुए। धाम से निकली शोभायात्रा मायापुर, गुरुनानक चौक, महामाया चौक, समलाया मंदिर होते हुए महामाया मंदिर पहुंची जहां ज्वार का विधि-विधान पूर्वक पूजा अर्चना के साथ विसर्जन किया गया। शोभायात्रा के दौरान सतीश बारी, अतिश सिंह(सिन्टू सिंह), सतीश सिंह, कालीचरण, दिनेश बारी, पूनम सिंह, कृष्णा, प्रीति सिंह, भूसील, प्रियंका सिंह, पलक सिंह, बीना सिंह, अविनाश सिंह, देवीचरण सिंह, राजेन्द्र सिंह, नवीन अग्रवाल, ओमप्रकाश बारी,अवनी सिंह अर्पिता सिंह शीलू अगरिया सुमित अग्रवाल वीर सोनी अनुराग शुक्ला सत्या सिंह दीपक सोनी सत्यम सिंह आशी सिंह अंकुश कृष्णा खगरिया राजेश गुप्ता आलोक बारी नमन सोनी महेश सिंह, सुरेंद्र सिंह आदित्य कश्यप रतन गुप्ता निशांत सोनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे।
75 फिट के रावन के पुतले का दहन आज
विजया दशमी के अवसर पर प्रति वर्ष पीजी कॉलेज मैदान में विशालकाय रावण के पुतले का दहन किया जाता है। हालांकि पिछले दो वर्ष कोरोना संक्रमण काल के कारण रावण दहन का भाव्य आयोजन नहीं हो सका था। सांकेतिक रूप से शहर के कला केन्द्र मैदान में छोटे काय का रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले का दहन किया गया था। इस वर्ष भाव्य आयोजन किया जा रहा है।
इस वर्ष लगभग 75 फिट के रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले को बनाया गया है। जिसे बुधवार की शाम को विजयादशमी के अवसर पर दहन किया जाएगा। रावण का पुतला तैयार करने वाले जावेद द्वारा पिछले कई वर्षों से रावन, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाया जाता रहा है। रावण का पुतला जहां 75 फीट का होगा, वहीं कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों की ऊंचाई 45-45 फीट रखी गई है।
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