अम्बिकापुर@मरीज को भर्ती होते ही बेड पर मिलेगी सारी सुविधाएं

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मेडिकल कॉलेज अस्पताल अम्बिकापुर में शुरू की गई ई-हॉस्पिटल सेवा,केवल एक बार कटाना होगा पर्ची

अम्बिकापुर 12 जनवरी 2022 (घटती-घटना)। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए प्रदेश शासन के निर्देश पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ई-हॉस्पिटल की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिला अस्पताल में भी प्रारंभ होने जा रही है। मरीजों को अब बार-बार इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। मरीजों को सारी सुविधाएं वार्ड में भर्ती होने के बाद मिलनी शुरू हो जाएगी।
ई-हॉस्पिटल के संबंध में बताया, इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के साथ ही जिला अस्पताल सहित मरीजों का पूरा डाटा ऑनलाइन हो जाएगा। जिसे देश में कहीं भी देखा जा सकेगा। अस्पताल में भी रिकॉर्ड प्रबंधन आसान हो जाएगा। पहले चरण में ओपीडी, आईपीडी और बिलिंग सिस्टम को प्रारंभ किया जाएगा। इसके बाद ब्लड बैंक सहित अन्य सेवाएं भी जोड़ी जाएंगी। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने मानव श्रम और कम्प्यूटरों की कमी के साथ ही खराब नेट व्यवस्था का दुखड़ा रोया। बताया गया, जल्द ही कलेक्टर के साथ एनआईसी टीम और अस्पताल प्रबंधन आगे की रणनीति तय करेगा।यानी मरीज को वार्ड में बेड पर ही सारी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएगी।
मरीज व उनके परिजनों को इजाज के लिए ओपीडी में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। ई हॉस्पिटल प्रक्रिया से मरीजों को समय पर इलाज मिल जाएगा और सारी जरूरत की प्रक्रिया है ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगी। मरीजों को सैंपल जांच के लिए भी ब्लड बैंक या पैथोलैब नहीं जाना पड़ेगा। इसकी ऑनलाइन जानकारी पैथोलैब 1 विभागों को भी वार्ड से ही मिल जाएगी और समय पर शैंपिंग व जांच कर वार्ड इंचार्ज को ऑनलाइन भेज दिया जाएगा।

केवल ओपीडी में एक बार कटानी पड़ेगी पर्ची

मेडिकल कॉलेज अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर लखन सिंह ने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए इ सेवा हॉस्पिटल की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। अब मरीजों को हर काम के लिए ओपीडी नहीं जाना पड़ेगा। केवल एक बार मरीज को ओपीडी पर्ची कटाने के बाद डॉक्टर से दिखाने के बाद अगर डॉक्टर भर्ती लिखता है तो सारी सुविधाएं मरीज को वार्ड में हे मिलनी शुरू हो जाएगी। पहले मरीज के भर्ती कराने के बाद परिजन को जांच आयुष्मान कार्ड शुरू करने सहित अन्य कामों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था।अगर डायग्नोस्टिक की आवश्यकता पड़ती है तो इसकी जानकारी ऑनलाइन डायग्नोस्टिक सेंटर को दे दिया जाएगा और उसकी सारी जांच मरीज को बेड पर ही कर दिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर लखन सिंह ने बताया कि अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भी इ सेवा हॉस्पिटल शुरू कर दी गई है। फिलहाल विभिन्न वार्डों में 16 कंप्यूटर लगाए गए हैं। जिसमें एमसीएच लेबर वार्ड सहित अन्य वार्डों के साथ-साथ आयुष्मान काउंटर व पैथोलैब को जोड़ा गया है। सारे उपचार आयुष्मान कार्ड से कनेक्ट कर किया जाएगा।

ऐसा होगा ई-हॉस्पिटल

एनआईसी डीआईओ के अनुसार, ई-हॉस्पिटल व्यवस्था लागू होने के साथ ही ऑनलाइन मरीजों का पंजीयन होने लगेगा। मरीज का पूरा डेटाबेस, बीमारी, जांच रिपोर्ट, दवाएं ऑनलाइन हो जाएंगी। यही जानकारियां भर्ती मरीजों की ऑनलाइन होंगी। यह पूरा डाटा ऑनलाइन सुरक्षित रहेगा। यह भी पता चलेगा कि किस डॉक्टर ने कब किस मरीज का क्या इलाज किया।


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