वाड्रफ नगर@बाघ एवं वन्य प्राणियों के विषय में प्रशिक्षण आंकलन का दो दिवसीय कार्यक्रम संम्पन्न

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वाड्रफ नगर 12 अक्टूबर 2021 (घटती-घटना)। बलरामपुर जिले के वनमण्डल बलरामपुर केअंतर्गत उपवनमण्डल वाड्रफनगर में दो दिवसीय अखिल भारतीय बाघ आंकलन का विस्तृत प्रशिक्षण संपन्न।
आयोजित कार्यशाला में उप वनमण्डल वाड्रफनगर अंतर्गत परिक्षेत्र वाड्रफनगर, रघुनाथनगर धमनी के सभी अधिकारी / कर्मचारी उपस्थित रहे, बाघ एवं वन्य प्राणियों का आंकलन वर्ष 2022 में नई तकनीकी द्वारा संपादित किया जायेगा, जिस हेतु मोबाईल ऐप लांच किया गया है। इस वैज्ञानिक सर्वेक्षण हेतु फील्ड के वन कर्मचारियों को मोबाईल में ऐप के माध्यम से प्रशिक्षण वनक्षेत्र में जंगल मे जाकर एक-एक बिन्दुओं पर कराया गया, आंकलन हेतु “देखना है, और खोजना है” के सूत्र पर काम करते हुये सघन वनों में वन्य प्राणियों के प्राकृतिक रहवास, आवागमन पर नजर रखकर आंकलन किया जायेगा। वन्य प्राणियों के द्वारा पेंड़ों में लगाये गये पंजो के निशान, जमीन / पेड़ों पर मारे गए खरोंच, पगमार्क, शिकार, विष्ठा, लेंडी, गोबर आदि चिन्हों का जी.पी.एस. एवं फोटो लेते हुये अपलोड किया जायेगा। बड़े मांसाहारी प्रजातियों जैसे बाघ, तेन्दुआ की उपस्थिति ज्ञात होने पर उस क्षेत्र में कैमरा, ट्रेप लगाया जाकर उनके प्रत्यक्ष प्रवास संकलित किये जायेंगे। साथ ही उस क्षेत्र में पायी जाने वाली समस्त वनस्पतियों की प्रजाति का डाटा भी संग्रहित किया जायेगा। भारत में पाये जाने वाले चार प्रकार के गिद्ध में से किस प्रजाति का उपलब्ध है का भी आंकलन किया जायेगा। नयी वैज्ञानिक तकनीकी से भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून द्वारा वन्य प्राणियों का आंकलन कराया जा रहा है। ज्ञात हो की प्रति 4 वर्ष पश्चात वन्य प्राणियों की गणना की जाती है। पूरे विश्व के 70 प्रतिशत बाघ हमारे देश के जंगलों में पाये जाते हैं। प्रशिक्षण कार्य उप वनमण्डलाधिकारी वाड्रफनगर एस. सिंहदेव एवं उप वनमण्डलाधिकारी राजपुर व्ही, बी. केरकेट्टा के द्वारा दिया गया । इस दौरान वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर अशोक तिवारी, रेंजर रघुनाथनगर के रामशरण राम, रेंजर धमनी के अजय वर्मा एवं उप वनमण्डल वाड्रफनगर के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।


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