नई दिल्ली,17 अगस्त 2023 (ए)।सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गुजरात सरकार से दोषियों को चुनिंदा छूट नीति का लाभ देने पर सवाल उठाया और कहा कि सुधार करने और समाज के साथ फिर से जुड़ने का अवसर हर कैदी को दिया जाना चाहिए।
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने 2002 राज्य में गोधरा दंगे में बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार और उसके परिवार के सदस्यों की हत्या के मामले में गुजरात सरकार द्वारा 11 दोषियों को दी गई छूट को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उपरोक्त टिप्पणी की। पीठ ने कहा, छूट की नीति को चयनात्मक रूप से क्यों लागू किया जा रहा है? पुन: शामिल होने और सुधार का अवसर प्रत्येक कैदी को दिया जाना चाहिए, न कि केवल कुछ दोषियों को। क्या 14 साल के बाद आजीवन कारावास की सजा पाने वाले सभी दोषियों को छूट का लाभ दिया जा रहा है। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस.वी. से पूछा। राजू, गुजरात राज्य की ओर से उपस्थित हुए।
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