घाटी में उड़ाने की प्रैक्टिस कर रहे पायलट
चीन-पाकिस्तान बॉर्डर के चलते संवेदनशील
नई दिल्ली,30 जुलाई 2023 (ए)। वायुसेना ने लड़ाकू विमान तेजस को कश्मीर भेजा है। चीन-पाकिस्तान बॉर्डर के चलते संवेदनशील इलाके और घाटी में उड़ाने की प्रैक्टिस कर रहे पायलट। भारतीय वायुसेना ने 123 तेजस फाइटर जेट मांगे थे। जिसमें से 26 मिल चुके हैं। ये सभी तेजस मार्क -1 हैं। ऐसे फाइटर एयरक्राफ्ट अभी 13 और मिलेंगे। स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने 2003 में इसे ‘तेजस’ नाम दिया था। तब प्रधानमंत्री वाजपेयी ने कहा था कि ये संस्कृत शब्द है, जिसका मतलब ‘चमक’ है। जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा एयरबेस पर हल्के लड़ाकू विमान तेजस एमके-1 को तैनात किया है। सेना का कहना है कि उसके पायलट्स घाटी में उड़ान का अनुभव ले रहे हैं। भारतीय वायु सेना के पास मौजूदा वक्त में 31 तेजस विमान हैं। तेजस रू्य-1 मल्टीरोल हल्का लड़ाकू विमान है जो वायुसेना को कश्मीर के जंगल और पहाड़ी इलाकों में और मजबूत करेगा। वेस्टर्न कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल पीएम सिन्हा ने 27 जुलाई को अवंतीपोरा एयरबेस का दौरा किया। तेजस के साथ उनकी यह तस्वीर वेस्टर्न कमांड के ट्विटर हैंडल से शेयर की गई है।
विदेशी आसमान में भी करतब दिखा चूका तेजस
फरवरी 2023 में इंडियन एयरफोर्स ने पहली बार लड़ाकू विमान तेजस को मिलिट्री एक्सरसाइज के लिए देश से बाहर भेजा था। संयुक्त अरब अमीरात में डेजर्ट फ्लैग नाम से 27 फरवरी से 17 मार्च तक मिलिट्री एक्सरसाइज हुई, जिसमें भारत की तरफ से 5 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस और 2 सी-17 शामिल हुए थे।
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