Breaking News

कोरबा,@डीजल चोरों के हौसले बुलंद,आखिर किसके संरक्षण में हो रहा चोरी

Share


कोरबा,28 जुलाई 2023 (घटती घटना) जिले के कोयला खदानों में बढ़ती डीजल और कोयला चोरी को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने मोर्चा खोल दिया है। मजदूर संघ ने खदानों की सुरक्षा में तैनात पेट्रो सैन्य बल के जवानों पर सह देकर चोरी करने का आरोप लगाया है कहीं प्रशासनिक व राजनीतिक पार्टी का संरक्षण तो नहीं मिल रहा है इसी कारण एसईसीएल के अधिकारी डीजल चोरी करने वाले गिरोह के सामने सहमे हुए हैं ।खदान में 363 जवान तैनात हैं जो 8-8 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं इसके बाद भी चोरों का गिरोह खदान में उत्पाद मचा रहा है । पिछले दिनों एसईसीएल की कुसमुंडा खदान में त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के जवानों ने एक आईएल टैंकर को पकड़ कर जावानों ने कुसमुंडा थाने को सौप दिया था जबकी पुलिस ने अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया पुलिस का कहना है कि मामले में जांच चल रही है जल्द ही कार्रवाई की जाएगी । अब तक खदान के अंदर कोयला और डीजल चोरी पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं । संघ के महामंत्री अशोक सूर्यवंशी ने एसईसीएल के मेगा प्रोजेक्ट में लागे त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के जावनों पर सवालिया निशान उठाते हुए बताया गया है कि खदानों में हर तरफ जावानों को लगाया गया है इसके बावजूद जवानों के आंख के सामने चोरी की घटनाएं हो रही हैं । छाीसगढ़ परिक्रमा की टीम ने इसे गंभीरता से लेते हुए तहकीकात की तो हकीकत सामने आ गई। छाीसगढ़ परिक्रमा के हाथ वह तस्वीरें लगे जो सच बयान कर रहे थे। ड्यूटी में तैनात जवनों के सामने डीज़ल चोरी करते चोरों के हौसला बुलंद नज़र आये । सूत्रों के अनुसार डीजल चोरी की घटना के बाद चारों तरफ हल्ला हो गया था कि एक तस्कर को ईडी की टीम ने गोवा से गिरफ्तार किया है यह सही है यह गलत यह अभी सामने नहीं आया है लेकिन कुछ लोगों का कहना भी है जिस तस्कर को टीम ने पकड़ा था उसे जिले में ही देखा गया है । संघ के महामंत्री अशोक सूर्यवंशी ने कहा कि यदि खदान में चोरी की घटना नहीं रुकेगी तो आने वाले महीने में गेट के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा ढ्ढ अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में डीजल की चोरी पर कितना अंकुश लग पाता है ?


Share

Check Also

अम्बिकापुर@दवाओं की उपलब्धता पर भी उठे सवाल

Share अम्बिकापुर,18 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा औषधि विक्रेता संघ ने जिले में दवाओं की सीमित …

Leave a Reply