नई दिल्ली,28 जून 2023 (ए)। इसरो चंद्रयान मिशन प्रक्षेपण के लिए तैयार है और इसका लॉन्च अगले महीने जुलाई में होगा। चंद्रयान-3 मिशन 13 जुलाई को 14.30 बजे श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा। यह चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग और घूमने में एंड-टू-एंड क्षमता प्रदर्शित करने के लिए चंद्रयान -2 के बाद का मिशन है। इसमें लैंडर और रोवर कॉन्फि़गरेशन है। यह जानकारी इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने दी। सोमनाथ ने कहा कि चंद्रयान-3 का फोकस चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंड करने पर है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में ये भारत की एक और बड़ी कामयाबी होगी। इस मिशन को लॉन्च करने की तैयारी अपने अंतिम चरणों में है। लॉन्चिंग की तैयारियों में लगी टीम भारत के सबसे भारी रॉकेट, लॉन्च व्हीकल मार्क-आईआईआई पर मध्य जुलाई तक लॉन्चिंग के लक्ष्य को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।
चंद्रयान-3 मिशन के साथ कई प्रकार के वैज्ञानिक उपकरणों को भेजा जाएगा, जिससे लैंडिंग साइट के आसपास की जगह में चंद्रमा की चट्टानी सतह की परत, चंद्रमा के भूकंप और चंद्र सतह प्लाज्मा और मौलिक संरचना की थर्मल-फिजिकल प्रॉपर्टीज की जानकारी मिलने में मदद हो सकेगी।
चंद्रयान-3 क्या है?
चंद्रयान मिशन के तहत इसरो चांद की स्टडी करना चाहता है। भारत ने पहली बार 2008 में चंद्रयान-1 की सफल लॉन्चिग की थी। इसके बाद 2019 में चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग में भारत को असफलता मिली। अब भारत चंद्रयान-3 लॉन्च करके इतिहास रचने की कोशिश में है। इसकी लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से होगी। चंद्रयान-3 के तीन हिस्से- प्रोपल्शन मॉड्यूल, लैंडर मॉड्यूल और रोवर तैयार किए गए हैं। इन्हें जिसे टेक्निकल भाषा में मॉड्यूल कहते हैं।
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