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अम्बिकापुर@ मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर कांग्रेस का हल्लाबोल,दिल्ली महारैली की तैयारी तेज…

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सरगुजा में जिला कांग्रेस और बीएलओ की महत्वपूर्ण बैठक,टी.एस. सिंहदेव बोले…एसआईआर की खामियों को दूर करने पारदर्शी प्रक्रिया जरूरी…
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,26 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने अपना राजनीतिक अभियान तेज कर दिया है।‘वोट बचाओ,देश बचाओ’आंदोलन के तीसरे चरण और आगामी 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली की तैयारियों को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा के कार्यालय राजीव भवन में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। एआईसीसी द्वारा आंदोलन के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक देवाशीष पटनायक की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, छत्तीसगढ़ कांग्रेस की सहप्रभारी जरिता लैतफलांग सहित जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों, ब्लॉक एवं मंडल अध्यक्षों और बड़ी संख्या में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने हिस्सा लिया। बैठक में मतदाता सूची की कथित अनियमितताओं, एसआईआर के दौरान छूटे मतदाताओं के नाम दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया तथा आंदोलन को बूथ स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
‘मताधिकार की लड़ाई किसी एक नेता की नहीं,देश के नागरिकों के अधिकार की लड़ाई’
बैठक को संबोधित करते हुए एआईसीसी पर्यवेक्षक देवाशीष पटनायक ने एसआईआर की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया गैर-संवैधानिक तरीके से संचालित की गई और इसके परिणामस्वरूप देश के लगभग 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इसी मुद्दे को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही इस लड़ाई को किसी एक नेता की व्यक्तिगत लड़ाई मानना गलत होगा, क्योंकि इसका संबंध देश के प्रत्येक नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार से है। पटनायक ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस अभियान को केवल राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित न रखें,बल्कि मतदाता सूची में अपना नाम तलाशने,पात्र मतदाताओं के नाम छूटने की शिकायतों की जानकारी जुटाने और प्रभावित लोगों की सहायता करने पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आंदोलन की सफलता के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को पूरी निष्ठा, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ मैदान में उतरना होगा।
सिंहदेव ने एसआईआर के बाद एसएसआर कराने पर उठाए सवाल : पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने अपने संबोधन में कहा कि एसआईआर के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) की प्रक्रिया अपनाया जाना इस बात की ओर संकेत करता है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सामने आई समस्याओं और कमियों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने एसआईआर के दौरान छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के इस्तेमाल को लेकर अपनी आपत्ति जताई। सिंहदेव के अनुसार,फॉर्म-6 के साथ दिए जाने वाले घोषणा-पत्र में आवेदक को निर्धारित जानकारियां और घोषणाएं करनी होती हैं। ऐसे में यदि पहले से मतदाता रहे किसी व्यक्ति का नाम एसआईआर के दौरान सूची से छूट गया है,तो उसका नाम जोड़ने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया स्पष्ट और उपयुक्त होनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि गलत तरीके से घोषणा-पत्र भरने की स्थिति में संबंधित नागरिक को भविष्य में कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि एसआईआर के दौरान छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए संसद के माध्यम से उपयुक्त संशोधित प्रपत्र को मंजूरी दिलाई जाए और इसके बाद एसएसआर की प्रक्रिया के जरिए ऐसे मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जाएं। उनका कहना था कि पात्र मतदाता को अपने मताधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए और नाम जोड़ने की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें किसी नागरिक को अनावश्यक कानूनी जोखिम न उठाना पड़े। सिंहदेव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूचियों की बारीकी से जांच करने और पुनरीक्षण के दौरान सतर्क रहने की अपील भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने पर भाजपा मतदाता सूचियों में गड़बड़ी कर चुनावी लाभ लेने की कोशिश करती है। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत शहर विधानसभा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ऐसी कथित अनियमितताओं के प्रति सजग रहना होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा का जनाधार कमजोर होने के कारण वह चुनाव जीतने के लिए मतदाता सूची में कथित गड़बडि़यों और निर्वाचन व्यवस्था में प्रभाव का सहारा ले रही है। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस नेताओं द्वारा बैठक में लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
अजय अग्रवाल बोले…कार्यकर्ताओं को कथित मिलीभगत नाकाम करने के लिए सक्रिय होना होगाः बैठक में 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने भी भाजपा और निर्वाचन व्यवस्था को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में बन रहे राजनीतिक माहौल से भाजपा के खिलाफ जनभावना बढ़ने का संकेत मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव के दौरान निर्वाचन व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के सहारे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर सकती है। अग्रवाल ने कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस चुनौती का मुकाबला संगठनात्मक एकजुटता के साथ करें। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की जांच और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी भूमिका निभानी होगी, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम सूची से छूटने की स्थिति में उसकी शिकायत को सामने लाया जा सके।
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी महारैली : बैठक का प्रमुख एजेंडा 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली‘वोट बचाओ,देश बचाओ’ महारैली की तैयारियां भी रहीं। कांग्रेस इस रैली के जरिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण,कथित वोट चोरी और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है। पार्टी नेतृत्व का जोर अधिक से अधिक नेताओं,पदाधिकारियों और कार्य कर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर है। कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर पर घोषित कार्यक्रम के अनुसार,तीसरे चरण के आंदोलन को 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक व्यापक जनसंपर्क अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की योजना है। इसके तहत 1 नवंबर की महारैली के बाद भी मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों पर जनजागरूकता और संगठनात्मक गतिविधियां जारी रहेंगी। पार्टी का लक्ष्य है कि मतदाता सूची में नाम कटने या छूटने की शिकायतों की जानकारी जुटाकर पात्र नागरिकों को नियमानुसार नाम जुड़वाने की प्रक्रिया में सहायता दी जाए।
तीसरे चरण में गांव-गांव और बूथ-बूथ तक पहुंचेगा आंदोलन…
छत्तीसगढ़ कांग्रेस की सहप्रभारी जरिता लैतफलांग ने‘वोट बचाओ,देश बचाओ’आंदोलन के तीसरे चरण की रूपरेखा साझा करते हुए कार्यकर्ताओं से पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ अभियान में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन के प्रत्येक स्तर पर सक्रियता जरूरी है। मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ ही कार्यकर्ताओं को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गंभीरता से करना होगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अभियान के तीसरे चरण में मतदाता सूची की जांच,पात्र नागरिकों के नाम छूटने की जानकारी जुटाने और लोगों को अपने मताधिकार के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। पार्टी की घोषित रणनीति के मुताबिक,अभियान को जिला मुख्यालयों से आगे बढ़ाकर गांवों, वार्डों और मतदान केंद्रों तक ले जाने की तैयारी है। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची में नामों की स्थिति की पड़ताल करने और नाम छूटने या विवरण में गड़बड़ी की शिकायत सामने आने पर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष नियमानुसार आवेदन करने में नागरिकों की सहायता करने की अपेक्षा की जा रही है।
बीएलओ की मौजूदगी में संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा
राजीव भवन में आयोजित बैठक में जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं,जिला कार्यकारिणी सदस्यों,ब्लॉक अध्यक्षों,मंडल अध्यक्षों और बड़ी संख्या में बीएलओ की उपस्थिति रही। बैठक में मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों को लेकर बूथ स्तर पर समन्वय मजबूत करने और आंदोलन के संदेश को आम नागरिकों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने किया। कांग्रेस के लिए यह अभियान अब केवल चुनावी आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा नहीं,बल्कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता और पात्र नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक संघर्ष का रूप ले चुका है। वहीं,एसआईआर और एसएसआर की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह भी महत्वपूर्ण होगा कि मतदाता सूची में नाम छूटने की शिकायतों का निर्वाचन अधिकारियों के स्तर पर किस तरह निराकरण किया जाता है। लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना और निर्वाचन प्रक्रिया पर जनता का भरोसा कायम रहना चुनाव व्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता है।


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