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अम्बिकापुर@ साइबर सेल पहुंचकर विद्यार्थियों ने समझीं डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध की बारीकियां

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राजीव गांधी शासकीय पीजी कॉलेज के एमएससी-बीएससी के 50 विद्यार्थियों ने लिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,२6 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)।
राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय,अम्बिकापुर के कंप्यूटर साइंस विभाग के एमएससी एवं बीएससी के लगभग 50 छात्र-छात्राओं ने साइबर सेल अम्बिकापुर का दौरा कर डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराधों की जांच प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। सरगुजा रेंज के आईजी दीपक कुमार झा की अनुमति तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल सिन्हा और कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष सुश्री मोनिका खेस के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय‘ÒCyber Security AwarenessÑ On-Field Experience of Digital Security and Law at Cyber Cell AmbikapurÓ’था। कार्यक्रम का समन्वय सहायक प्राध्यापक उमेश पांडेय, विनोद कुमार गुप्ता और अनुभव श्रीवास्तव ने किया। आईजी के निर्देश पर रेंज साइबर थाना प्रभारी अश्वनी सिंह ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए विशेष टीम गठित की। साइबर सेल में अधिकारियों ने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सुरक्षा, अपराधों की निगरानी और साइबर अपराधों की जांच की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। साइबर विशेषज्ञ अधिकारी गणेश कदम ने शहर की निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी कैमरों, फेस डिटेक्शन, वाहन पहचान तकनीक तथा आपराधिक गतिविधियों की निगरानी में उपयोग होने वाले सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की जानकारी दी। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रणालियों का प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कंट्रोल रूम में डायल 112 के अधिकारियों ने आपातकालीन सहायता सेवा, यातायात नियंत्रण तथा इसकी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कार्यप्रणाली के बारे में बताया। महिला सुरक्षा के लिए 112 इंडिया ऐप की उपयोगिता और लोकेशन आधारित सहायता प्रणाली की जानकारी भी दी गई। उपनिरीक्षक अभय तिवारी ने विभिन्न साइबर अपराधों की केस स्टडी के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, मोबाइल गुम होने, ब्लैकमेलिंग और ऑनलाइन अरेस्ट जैसी घटनाओं के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि साइबर अपराधों की रोकथाम, डिजिटल साक्ष्य जुटाने और अपराधियों तक पहुंचने में इंटरनेट, नेटवर्क विश्लेषण तथा अन्य तकनीकी संसाधनों का किस प्रकार उपयोग किया जाता है। साथ ही साइबर अपराध का शिकार होने पर शिकायत दर्ज कराने और ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को आपातकालीन सहायता नंबर 112, साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हेल्पलाइन 1930, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 तथा सीईआईआर सहित संबंधित शिकायत पोर्टल की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई, ताकि विद्यार्थी जरूरत पड़ने पर स्वयं जागरूक रहने के साथ दूसरों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सकें। कंप्यूटर साइंस विभाग की इस पहल से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ साइबर सुरक्षा और कानून के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी विभाग के विद्यार्थियों ने अम्बिकापुर पॉलीटेक्निक कॉलेज में एआईसीटीई द्वारा आयोजित सात दिवसीय कार्यक्रम में स्टेट फोरेंसिक टीम, इसरो के वैज्ञानिकों और राज्य के साइबर विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सुरक्षा और भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार करने में सहायक हैं।


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