वकील ने कहा…भगवान को पता चले कि उनके नाम पर बच्चे बीमार हो रहे तो वो भी हैरान होंगे
नई दिल्ली,12 अक्टूबर 2026। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर रोक लगाने की मांग पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य और धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन जरूरी है। सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने लोगों से कम प्रदूषण वाले तरीकों से त्योहार मनाने की अपील की। सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने कहा, अगर भगवानों को पता चले कि उनके नाम पर बच्चे पीडि़त हो रहे हैं और बीमार पड़ रहे हैं, तो वे भी हैरान रह जाएंगे। अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।
ऐसा आदेश नहीं देंगे जिसे लागू न किया जा सके : बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना शामिल थे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पटाखों से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आदेश देने से पहले यह देखना जरूरी है कि उसे व्यावहारिक और लागू करने योग्य बनाया जा सकता है या नहीं। जस्टिस बागची ने पटाखे फोड़ने के धार्मिक आधार पर सवाल उठाया।
जागरूकता और कम प्रदूषण वाले पटाखों पर जोर : सीजेआई ने कहा कि लोगों को समझदार बनाना होगा और जागरूक करना होगा। उन्हें बताना होगा कि कौन से पटाखे ज्यादा नुकसानदायक हैं। हमें लोगों को अपनी मूल संस्कृति की ओर लौटने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उस समय केवल फुलझडि़यां जलती थीं और दीपक जलाए जाते थे। ‘ वरिष्ट वकील पराजिता सिंह ने कहा कि सही तरीके से लागू किए बिना प्रतिबंध प्रभावी नहीं होंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल ग्रीन पटाखों की अनुमति दी थी
पिछले साल दिवाली से पहले दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 पार हो गया था। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और नेशनल कैपिटल रीजन में ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी थी। यह छूट परंपराओं और पर्यावरण व स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन बनाने की शर्तों के साथ दी गई थी।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur