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अम्बिकापुर@ब्रह्माकुमारी केंद्र में चैतन्य देवियों की झांकी शुरू,20 अक्टूबर तक कर सकेंगे दर्शन

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दीप प्रज्वलन और आरती के साथ शुभारंभ,विद्या दीदी ने कहा… आध्यात्मिक ज्ञान से विकारों का नाश कर जीवन को बनाएं स्वर्ग समान

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,12 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय, अंबिकापुर में चैतन्य देवियों की झांकी का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं आरती के साथ हुआ। कार्यक्रम में आध्यात्मिक ज्ञान, सकारात्मक सोच और देवी स्वरूप के श्रेष्ठ गुणों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। झांकी के दर्शन के लिए शहरवासियों को 20 अक्टूबर तक अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सरगुजा विशेष शाखा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों,विशिष्ट अतिथि अनुविभागीय पुलिस अधिकारी राकेश बघेल तथा उप निरीक्षक अभय तिवारी उपस्थित रहे। इनके अलावा वरिष्ठ समाजसेविका वंदना दत्ता, समाजसेवी अजय तिवारी (आर्ट ऑफ लिविंग),नवा बिहान नशामुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श केंद्र सरगुजा के संयोजक मंगल पाण्डेय,अमृत लाल प्रधान, शिल्पा पाण्डेय,हिना खान,संतोष कुमार विश्वकर्मा, निशा बहन तथा ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र की मुख्य संचालिका विद्या दीदी सहित अन्य अतिथियों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर विद्या दीदी ने नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान मनुष्य के भीतर मौजूद आसुरी संस्कारों और विकारों को समाप्त करने का मार्ग दिखाता है। देवी-देवताओं के गुणों को केवल पूजा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपने व्यवहार और जीवन में उतारना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपने भीतर सकारात्मक बदलाव लाता है, तो परिवार में सुख-शांति और समाज में सद्भाव का वातावरण बनता है। आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से जीवन को श्रेष्ठ बनाकर स्वर्ग समान बनाया जा सकता है। मुख्य अतिथि अमोलक सिंह ढिल्लों ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था स्थानीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आध्यात्मिक ज्ञान के प्रसार और समाज के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। ऐसे आयोजन लोगों को शांति,सद्भाव और सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करते हैं। समाजसेविका शिल्पा पाण्डेय ने चैतन्य देवियों की झांकी को शांति और सकारात्मकता का अनुभव कराने वाला आयोजन बताया। वरिष्ठ समाजसेविका वंदना दत्ता ने देवी स्वरूप के गुणों को आत्मसात करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, समाजसेवी मंगल पाण्डेय ने कहा कि अध्यात्म से जुड़कर व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव है। इसके लिए अपने अवगुणों को दूर कर श्रेष्ठ संस्कारों को अपनाना जरूरी है। कार्यक्रम में रेखा बहन,अजय तिवारी और उनके समूह ने देवी भजनों की प्रस्तुति दी। भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया। उपस्थित अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं।
20 अक्टूबर तक शाम 6ः30 से रात 10 बजे तक दर्शन : ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र में आयोजित चैतन्य देवियों की झांकी 20 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 6ः30 बजे से रात 10 बजे तक शहरवासियों के दर्शन के लिए खुली रहेगी। श्रद्धालु निर्धारित समय में पहुंचकर झांकी के दर्शन कर सकेंगे।


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