मानद पीएचडी के बाद मिली दूसरी बड़ी उपलब्धि,ज्योतिष एवं वास्तु के क्षेत्र में योगदान के लिए सेवाप्रीत फाउंडेशन लखनऊ ने किया सम्मानित
-संवाददाता-
बैकुंठपुर/रनई,15 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। पूर्व छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले और ग्राम रनई के लिए एक बार फिर गौरव का क्षण आया है,ग्राम रनई निवासी ज्योतिषाचार्य डॉ. आलोक तिवारी (मनीष) को ज्योतिष की प्राचीन एवं वैदिक विद्या के क्षेत्र में उनके ज्ञान,ज्योतिषीय विद्वता,आध्यात्मिक मार्गदर्शन, मानव सेवा, समर्पण एवं समाज में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान सेवाप्रीत फाउंडेशन, लखनऊ द्वारा प्रदान किया गया। बताया गया कि 4 सितंबर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर डॉ. आलोक तिवारी को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया, उनकी इस उपलब्धि से उनके गृह ग्राम रनई सहित कोरिया जिले में खुशी का माहौल है, इस उपलब्धि को लेकर प्रकाशित रिपोर्ट में भी उन्हें मानद पीएचडी के बाद मिली दूसरी बड़ी उपलब्धि बताया गया है।
मानद पीएचडी के बाद जुड़ी एक और बड़ी उपलब्धि- डॉ. आलोक तिवारी के लिए वर्ष 2026 उपलब्धियों से भरा रहा है, 29 जून 2026 को उन्हें ज्योतिष एवं वास्तु के क्षेत्र में विशेष अनुभव एवं शोध के आधार पर Honorary Doctorate (मानद पीएचडी) की उपाधि प्राप्त हुई थी, इसके बाद उनके नाम के साथ ‘डॉ.’ जुड़ा, अब कुछ ही समय बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ‘राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न सम्मान 2026’ मिलने से उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है।
दोनों उपलब्धियों का श्रेय गुरुदेव को- अपनी दोनों उपलब्धियों का श्रेय डॉ. आलोक तिवारी ने अपने गुरुदेव अन्तरिक्ष शुक्ला (अयोध्या) को दिया है, डॉ. तिवारी के अनुसार,गुरुदेव के मार्गदर्शन और आशीर्वाद ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उनका कहना है कि गुरुदेव का मार्गदर्शन उनके लिए हमेशा प्रेरणा और शक्ति का स्रोत रहा है, उन्होंने कहा कि उनके जीवन में जो भी उपलब्धियां आई हैं, उनमें गुरु के मार्गदर्शन का विशेष योगदान है।
रनई के सरकारी स्कूल से शुरू हुआ सफर-डॉ. आलोक तिवारी की प्रारंभिक शिक्षा उनके गृह ग्राम रनई के शासकीय विद्यालय से हुई, एक छोटे से गांव से निकलकर ज्योतिष के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना उनके लिए आसान सफर नहीं रहा। उन्होंने अपने परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति,ज्योतिषीय ज्ञान और लगातार सीखने की ललक के जरिए इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई,उनकी उपलब्धि को ग्रामीण अंचल के युवाओं के लिए प्रेरणा के रूप में भी देखा जा रहा है,उनका कहना है कि यदि व्यक्ति के भीतर कुछ कर दिखाने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो और उसे उचित मार्गदर्शन मिले,तो वह अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है, डॉ. तिवारी के बारे में दी गई जानकारी के अनुसार,ज्योतिष के क्षेत्र में उनकी पहचान भारत तक सीमित नहीं है और उन्हें विदेशों में भी ख्याति प्राप्त हुई है।
यूट्यूब के जरिए निःशुल्क दे रहे ज्योतिष की शिक्षा-ज्योतिषाचार्य डॉ. आलोक तिवारी केवल ज्योतिषीय कार्य तक सीमित नहीं हैं,बल्कि इस विद्या को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए Alok Tiwari ASTROLOGER’ नामक यूट्यूब चैनल के माध्यम से निःशुल्क ज्योतिष शिक्षा भी दे रहे हैं, उनका कहना है कि ज्योतिष शास्त्र भारत की प्राचीन वैदिक विद्या है और इसका ज्ञान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसी उद्देश्य से वे अपने स्तर पर लगातार प्रयास कर रहे हैं,उनके अनुसार, इच्छुक लोग उनके यूट्यूब चैनल के माध्यम से ज्योतिष सीख सकते हैं।
गुरुदेव बोले-शिष्य की सफलता गुरु के लिए गौरव– डॉ. आलोक तिवारी के गुरुदेव अन्तरिक्ष शुक्ला से फोन के माध्यम से चर्चा किए जाने पर उन्होंने शिष्य की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की, उन्होंने कहा कि किसी गुरु के लिए यह गर्व और गौरव की बात होती है कि उसका शिष्य अपने क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करे,डॉ. तिवारी की दो महत्वपूर्ण उपलब्धियों को उन्होंने अपने लिए भी गौरव का क्षण बताया,गुरुदेव ने डॉ. आलोक तिवारी को शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देते हुए कामना की कि वे इसी तरह निरंतर आगे बढ़ते रहें और अपने ज्ञान के माध्यम से मानव कल्याण के लिए कार्य करते रहें।
बचपन के मित्र बोले…रनई के युवाओं के लिए बने प्रेरणा-डॉ. आलोक तिवारी के बचपन के मित्र शशि प्रकाश जायसवाल ने उनकी उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की,उन्होंने कहा कि जिस मित्र के साथ बचपन में गांव की गलियों और धूल में खेलते हुए समय बिताया,वही आज अपनी मेहनत और ज्ञान के बल पर देश-विदेश में पहचान बना रहा है,उन्होंने कहा कि डॉ. तिवारी की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है,बल्कि ग्राम रनई के युवाओं के लिए भी प्रेरणा है,उनकी इस सफलता से उनके साथ-साथ पूरे ग्राम रनई के लोगों में खुशी की लहर है,शशि प्रकाश जायसवाल ने अपने बचपन के मित्र को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
गांव से राष्ट्रीय पहचान तक पहुंचने की कहानी-डॉ. आलोक तिवारी की कहानी ग्रामीण अंचल से निकलकर अपने ज्ञान और परिश्रम के जरिए पहचान बनाने की कहानी के रूप में सामने आती है,रनई जैसे छोटे गांव से प्रारंभिक शिक्षा हासिल करने के बाद ज्योतिष के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई,मानद पीएचडी और राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न सम्मान—2026 में मिली इन दो उपलब्धियों ने रनई से लेकर पूरे कोरिया जिले तक उनके नाम को गौरव से जोड़ दिया है।
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