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अंबिकापुर @ होटल मयूरा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ…दीपक बैज बोले…जिलाध्यक्षों के बाद अब ब्लॉक से बूथ तक संगठन को मजबूत करने की तैयारी

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टीएस सिंहदेव ने राजस्व व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति पर दिया प्रशिक्षण,
अमरजीत भगत ने खनिज संपदा व वन संरक्षण और भानुप्रताप सिंह ने जनजातीय अधिकारों पर रखे विचार
-संवाददाता-
अंबिकापुर,15 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
कांग्रेस ने आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर सरगुजा संभाग में अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है, इसी उद्देश्य से कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों एवं मास्टर ट्रेनरों का सरगुजा संभाग स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर मंगलवार से होटल मयूरा में शुरू हुआ,प्रशिक्षण शिविर में संगठनात्मक मजबूती,पार्टी की विचारधारा, जनहित के मुद्दों और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों को लेकर वरिष्ठ नेताओं तथा प्रशिक्षकों ने विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
शिविर का शुभारंभ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज,पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत तथा प्रभारी प्रदेश संगठन महामंत्री मलकीत गैदु ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद कांग्रेस से जुड़ी देश की महान विभूतियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई,प्रशिक्षण शिविर में सरगुजा संभाग के छह जिलों के 49 संगठनात्मक ब्लॉक के ब्लॉक अध्यक्ष तथा सभी जिलों के 12 मास्टर ट्रेनर शामिल हो रहे हैं। उद्घाटन सत्र में संभाग के विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्षों के साथ पूर्व विधायक भी मौजूद रहे, कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर पार्टी की उस रणनीति का हिस्सा है,जिसमें संगठन को केवल जिला या ब्लॉक स्तर तक सीमित रखने के बजाय बूथ स्तर तक सक्रिय और प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अन्य संभागों में भी इसी अभियान के तहत ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण के बाद अब ब्लॉक अध्यक्षों की बारी-उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण की प्रक्रिया जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण से शुरू हुई थी,अब उसी प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण है,उन्होंने कहा कि संगठन को एक दिशा देने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है और इसकी प्रक्रिया आगे बूथ स्तर तक जारी रहेगी, बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है और पार्टी आगामी चुनावों की तैयारियों में जुट गई है, दरअसल, किसी भी राजनीतिक दल के लिए ब्लॉक अध्यक्ष और बूथ स्तर का संगठन चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, प्रदेश नेतृत्व की रणनीति और स्थानीय जनता के बीच पार्टी की गतिविधियों को पहुंचाने में ब्लॉक अध्यक्ष महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाते हैं,वहीं मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से प्रशिक्षण और संगठनात्मक दिशा को आगे कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने की जिम्मेदारी तय होती है, इसी वजह से इस प्रशिक्षण शिविर को कांग्रेस के संगठनात्मक अभियान का महज एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि जमीनी संगठन को पुनर्गठित और सक्रिय करने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
पहले दिन पांच प्रशिक्षण सत्र, अलग-अलग मुद्दों पर हुआ मंथन- प्रशिक्षण शिविर के प्रथम दिन उद्घाटन सत्र के अलावा कुल पांच अन्य सत्र आयोजित किए गए,प्रत्येक सत्र में संगठन और जनहित से जुड़े अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने राजस्व व्यवस्था एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक परिस्थितियों पर अपनी बात रखी, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने खनिज संपदा की लूट और वनों के विनाश जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया। वहीं जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने आयोग की कार्यशैली एवं जनजातीय अधिकारों पर प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी दी,पीसीसी के प्रशिक्षक युगल किशोर पांडेय ने प्रशिक्षण की आवश्यकता और कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के उद्देश्य को विस्तार से समझाया, प्रशिक्षक अशोक चतुर्वेदी ने कांग्रेस के इतिहास और उसकी विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं को पार्टी के ऐतिहासिक योगदान से अवगत कराया,इस प्रकार पहले दिन के प्रशिक्षण में केवल संगठनात्मक विषय ही नहीं, बल्कि राजस्व,जनकल्याणकारी योजनाएं, खनिज,वन,जनजातीय अधिकार,कांग्रेस का इतिहास और विचारधारा जैसे विषयों को भी शामिल किया गया।
खनिज,वन और जनजातीय अधिकारों पर विशेष फोकस- सरगुजा संभाग की सामाजिक और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए खनिज संपदा, वन क्षेत्र और जनजातीय अधिकारों से जुड़े विषय राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हैं, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत द्वारा खनिज संपदा और वनों से जुड़े विषय पर प्रशिक्षण दिया जाना इस बात की ओर संकेत करता है कि कांग्रेस अपने ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को स्थानीय और क्षेत्रीय मुद्दों की राजनीतिक समझ देने पर भी जोर दे रही है,इसी तरह जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने जनजातीय अधिकारों और आयोग की कार्यशैली पर जानकारी दी। इसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं को उन संवेदनशील मुद्दों से अवगत कराना है,जो सरगुजा क्षेत्र के बड़े हिस्से में सीधे जनता के जीवन और अधिकारों से जुड़े हैं,कांग्रेस की ओर से चलाए जा रहे संगठनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अन्य संभागों में भी जनहित,संगठन, पार्टी विचारधारा और स्थानीय मुद्दों को प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया गया है।
दूसरे दिन भूपेश बघेल, ताम्रध्वज साहू और राजेश तिवारी देंगे टिप्स-प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,पूर्व कैबिनेट मंत्री ताम्रध्वज साहू, एआईसीसी सचिव राजेश तिवारी सहित अन्य वक्ता प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन देंगे,वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में होने वाले इन सत्रों को कांग्रेस के ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव प्रशिक्षणार्थियों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है,छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अन्य संभागों में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी प्रदेश नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं ने संगठन को बूथ तथा ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की भूमिका प्रभावी बनाने और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने पर जोर दिया है।
प्रशिक्षण से आगे अब मैदान में उतरने की चुनौती-कांग्रेस के लिए इस प्रशिक्षण अभियान की सबसे बड़ी परीक्षा शिविर खत्म होने के बाद होगी,तीन दिनों तक वरिष्ठ नेताओं से प्रशिक्षण लेने के बाद ब्लॉक अध्यक्ष और मास्टर ट्रेनर अपने-अपने क्षेत्रों में इस ज्ञान और रणनीति को किस तरह लागू करते हैं, यही संगठन की वास्तविक ताकत तय करेगा, राजनीतिक दलों में अक्सर चुनाव के करीब आते ही संगठन को सक्रिय करने की कोशिश होती है,लेकिन कांग्रेस के इस अभियान में प्रशिक्षण की प्रक्रिया को पहले से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है,हाल के अन्य संभागीय प्रशिक्षणों में भी पार्टी ने बूथ और ब्लॉक स्तर को मजबूत करने की रणनीति पर जोर दिया है, यानी कांग्रेस की कोशिश केवल चुनाव के समय कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की नहीं, बल्कि लगातार सक्रिय रहने वाला संगठन तैयार करने की दिखाई दे रही है।
आगामी चुनावों की तैयारी का संकेत-प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा यह कहना कि कांग्रेस आगामी चुनावों की तैयारियों में जुट गई है,प्रशिक्षण शिविर के राजनीतिक महत्व को और स्पष्ट करता है, भले ही प्रशिक्षण का घोषित उद्देश्य संगठन को मजबूत करना है,लेकिन राजनीतिक दलों के लिए मजबूत संगठन अंततः चुनावी तैयारी की सबसे महत्वपूर्ण बुनियाद होता है, यदि ब्लॉक अध्यक्ष सक्रिय रहते हैं,मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण को आगे बढ़ाते हैं और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की टीम लगातार जनता से संपर्क बनाए रखती है,तो पार्टी के पास चुनाव से पहले ही मजबूत जमीनी नेटवर्क तैयार हो सकता है,इसी दृष्टि से यह प्रशिक्षण शिविर कांग्रेस के लिए संगठनात्मक पुनर्सक्रियता और भविष्य की चुनावी तैयारी के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बनता दिखाई दे रहा है।
17 सितंबर तक चलेगा प्रशिक्षण शिविर- होटल मयूरा में शुरू हुआ यह संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर 17 सितंबर तक चलेगा,तीन दिनों के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता, प्रशिक्षक और संगठन के पदाधिकारी विभिन्न विषयों पर ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों को मार्गदर्शन देंगे,उद्घाटन सत्र में पूर्व विधायकों और संभाग के सभी जिलों के जिलाध्यक्षों की मौजूदगी ने भी कार्यक्रम के संगठनात्मक महत्व को रेखांकित किया, प्रशिक्षण का संचालन मुख्य प्रशिक्षक युगल किशोर पांडेय ने किया।
सरगुजा से बूथ तक संगठन खड़ा करने की कवायद
कांग्रेस के इस पूरे अभियान को यदि एक लाइन में समझा जाए तो पार्टी अब जिला से आगे ब्लॉक और ब्लॉक से बूथ तक संगठन को सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रही है, दीपक बैज के नेतृत्व में चल रही यह प्रशिक्षण प्रक्रिया पार्टी के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 49 ब्लॉक अध्यक्ष और 12 मास्टर ट्रेनर आगे हजारों कार्यकर्ताओं तक संगठन की दिशा और रणनीति पहुंचाने वाली कड़ी बनेंगे, अब असली सवाल यह नहीं कि होटल मयूरा में कितने नेताओं ने भाषण दिया,बल्कि यह है कि प्रशिक्षण के बाद कितने ब्लॉक अध्यक्ष अपने क्षेत्र में सक्रिय संगठन खड़ा कर पाते हैं और कितने मास्टर ट्रेनर इस पूरी प्रक्रिया को बूथ तक पहुंचा पाते हैं,कांग्रेस के लिए यही इस प्रशिक्षण शिविर की असली सफलता की कसौटी होगी।


टीएस सिंहदेव बोले…ऐसी कार्यकर्ता इकाई तैयार हो जो लगातार जनाधार बढ़ाए
पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी ऐसी कार्यकर्ता इकाई तैयार करने की दिशा में काम कर रही है,जो निरंतरता के साथ कांग्रेस के जनाधार को बढ़ाने में योगदान दे,उन्होंने कहा कि उदयपुर अधिवेशन के संकल्प के अनुरूप कांग्रेस बूथ स्तर तक एक मजबूत संगठन तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, सिंहदेव का जोर इस बात पर रहा कि संगठन की मजबूती केवल चुनाव के समय सक्रियता से हासिल नहीं की जा सकती, इसके लिए कार्यकर्ताओं को लगातार जनता के बीच रहना होगा और स्थानीय समस्याओं से जुड़कर संगठन की भूमिका को प्रभावी बनाना होगा, प्रशिक्षण के दौरान सिंहदेव ने राजस्व व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं की यथार्थ परिस्थितियों पर भी प्रशिक्षण दिया। यह विषय सीधे आम जनता की रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़ा है, लिहाजा ब्लॉक अध्यक्षों के लिए इसे महत्वपूर्ण विषय के रूप में देखा जा रहा है।
मास्टर ट्रेनरों की भूमिका होगी अहम
इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल 12 मास्टर ट्रेनरों की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, प्रशिक्षण के बाद संगठनात्मक जानकारी और रणनीति को आगे कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने में मास्टर ट्रेनर महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेंगे,वहीं 49 ब्लॉक अध्यक्षों पर अपने-अपने संगठनात्मक क्षेत्रों में प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी को व्यवहारिक रूप देने की जिम्मेदारी होगी, कांग्रेस का लक्ष्य यदि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना है तो केवल प्रदेश और जिला स्तर पर रणनीति बनाना पर्याप्त नहीं होगा,ब्लॉक और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को यह स्पष्ट होना जरूरी है कि उनकी भूमिका क्या है,जनता के मुद्दों को संगठन तक कैसे पहुंचाना है और संगठन की गतिविधियों को लगातार कैसे संचालित करना है,इसी कारण प्रशिक्षण शिविर में संगठनात्मक जिम्मेदारियों और प्रशिक्षण की आवश्यकता को प्रमुख विषय बनाया गया है।


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