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महासमुंद@खैर लकड़ी तस्करी सिंडिकेट पर पुलिस का शिकंजा….

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ओडिशा से हिमाचल प्रदेश तक 120 करोड़ से अधिक के अवैध कारोबार के मिले प्रमाण,फेक इनवॉयस देने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार…


महासमुंद,15 सितंबर 2026। खैर लकड़ी की अवैध तस्करी के मामले में महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस की तकनीकी जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल के सिंडीकेट ने पिछले दो वर्षों के दौरान ओडिशा से हिमाचल प्रदेश तक 120 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की खैर लकड़ी की कथित तौर पर तस्करी की। अवैध कारोबार को कागजों में वैध दिखाने के लिए फर्जी इनवॉयस तैयार किए जाते थे और इसके लिए आठ शेल कंपनियों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है।
इस मामले में महासमुंद पुलिस ने फर्जी कंपनियों का संचालन करने और तस्करी के नेटवर्क को फेक इनवॉयस उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को 14 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के साथ-साथ पूरे वित्तीय नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
7 सितंबर को मुख्य आरोपी के ठिकाने से 81 लाख रुपये जब्त : विवेचना के दौरान पुलिस ने मामले की कडि़यों को जोड़ना शुरू किया। इसी क्रम में महासमुंद पुलिस ने 7 सितंबर को मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल के ठिकाने की तलाशी ली, जहां से 81 लाख रुपये जब्त किए गए। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और जांच के दौरान सामने आई जानकारियों से यह मामला महज खैर लकड़ी के अवैध परिवहन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक बड़े अंतरराज्यीय और संगठित नेटवर्क के रूप में सामने आया।
महासमुंद पुलिस की तकनीकी जांच के अनुसार, आरोपी मनीष अग्रवाल और उसके कथित सिंडीकेट द्वारा पिछले दो वर्षों के भीतर सुनियोजित तरीके से ओडिशा से लेकर हिमाचल प्रदेश तक 120 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की खैर लकड़ी की अवैध तस्करी की गई। पुलिस के मुताबिक, इस अवैध कारोबार को दस्तावेजों में वैध कारोबार के रूप में प्रस्तुत करने के लिए फेक इनवॉयसिंग का सहारा लिया जाता था।
इसके लिए कुल आठ शेल कंपनियों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी जांच में सामने आई है।
लेनदेन और रकम की लेयरिंग के लिए 10 से ज्यादा म्यूल अकाउंट
जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि अवैध कारोबार से प्राप्त भारी-भरकम रकम के लेनदेन, भुगतान और उसकी लेयरिंग के लिए 10 से अधिक म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस अब इन खातों के जरिए हुए लेनदेन की वित्तीय कडि़यों की जांच कर रही है। इसके साथ ही अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों और धन के स्रोत का भी पता लगाया जा रहा है।
फेक इनवॉयस उपलब्ध कराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महासमुंद पुलिस ने ओडिशा से फर्जी कंपनियों का संचालन करने और इस नेटवर्क को फेक इनवॉयस उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी 14 सितंबर 2026 को की गई और उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल किया गया है।


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