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बलरामपुर/कुसमी@ग्रामीण विकास के दावों की खुली पोल,गड्ढों में तब्दील सड़क बनी ग्रामीणों की मुसीबत

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चांदो से इदरी कला-कुरड़ी मार्ग बदहाल,बारिश में बढ़ा हादसों का खतरा; कलेक्टर से सड़क निर्माण की आस

-संवाददाता-
बलरामपुर/कुसमी,13 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। ग्रामीण विकास के नाम पर हर साल लाखों-करोड़ों रुपये का बजट जारी किए जाने के दावों के बीच गांवों की सड़कों की बदहाली सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत सामने ला रही है। बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चांदो से इदरी कला और कुरड़ी को जोड़ने वाली मुख्य पंचायती सड़क इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा और बदहाली की मिसाल बन चुकी है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और बारिश से बिगड़ी स्थिति ने ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण यह सड़क अब सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन गई है।
गड्ढों में सफर, हर दिन हादसे का डर : मानसून की बारिश ने सड़क के गड्ढों को और गहरा कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों पर सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी चुनौती बन गया है। यह मार्ग आसपास की कई पंचायतों को आपस में जोड़ता है और ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही का प्रमुख साधन है। इसके बावजूद सड़क की उचित देखरेख और मरम्मत नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वाहन फिसलने और दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। सड़क की बदहाली का असर पैदल चलने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है।
मरीजों और स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ी : चांदो से इदरी कला और कुरड़ी को जोड़ने वाली सड़क केवल आवागमन का मार्ग नहीं, बल्कि ग्रामीणों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी महत्वपूर्ण सड़क है। मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने से लेकर बच्चों के स्कूल जाने तक, ग्रामीणों को इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। आपातकालीन स्थिति में खराब सड़क परेशानी को और बढ़ा देती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की जरूरत पड़े, तो गड्ढों से भरी सड़क के कारण समय पर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। स्कूली बच्चों और रोजी-रोजगार के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को भी हर दिन जोखिम उठाना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क की बदहाली लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है। बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो गई है।
पंचायतों को बजट, फिर सड़क की मरम्मत क्यों नहीं? ग्रामीणों ने पंचायतों को मिलने वाले वित्त आयोग और मूलभूत सुविधाओं के बजट के उपयोग पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण विकास के लिए हर साल लाखों रुपये की राशि और योजनाएं स्वीकृत होती हैं। इसके बावजूद चांदो से इदरी कला-कुरड़ी जैसे महत्वपूर्ण मार्ग की हालत सुधारने के लिए ठोस पहल नहीं हो रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब पंचायतों को सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए बजट मिलता है, तो इस मुख्य सड़क की मरम्मत को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जा रही? क्या जिम्मेदार अधिकारी सड़क की वास्तविक स्थिति से अनजान हैं या फिर समस्या को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है? ग्रामीणों ने 14वें और 15वें वित्त आयोग सहित पंचायतों को मिलने वाले मूलभूत विकास मद की राशि के उपयोग पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि उपलब्ध बजट का सही तरीके से उपयोग किया जाता, तो सड़क की हालत में सुधार हो सकता था। हालांकि, संबंधित पंचायत और विभाग द्वारा इस सड़क के लिए स्वीकृत राशि, पूर्व में हुए कार्यों और मरम्मत की स्थिति की जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रशासनिक अनदेखी पर उठ रहे सवाल : ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों और समस्याओं के बावजूद सड़क की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। जनपद और जिला प्रशासन के अधिकारियों से सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा है,लेकिन अब तक ग्रामीणों को राहत नहीं मिल सकी है। सड़क जैसी बुनियादी सुविधा की बदहाली ग्रामीण विकास की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करती है। सरकार गांवों के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के दावे करती है,लेकिन चांदो से इदरी कला-कुरड़ी मार्ग की स्थिति इन दावों की जमीनी परीक्षा ले रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत केवल बारिश के समय गड्ढों में मिट्टी या गिट्टी डालकर नहीं, बल्कि स्थायी रूप से की जानी चाहिए।
हर वर्ष बरसात में सड़क खराब होने और फिर मरम्मत के नाम पर खर्च होने वाली राशि के बजाय पक्के निर्माण की दिशा में पहल जरूरी है।
स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं, अब कलेक्टर से आस
सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने के कारण अब जिले के कलेक्टर और संबंधित मंत्री से हस्तक्षेप की उम्मीद है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और बारिश के कारण बने गड्ढों की मरम्मत कर आवागमन सुचारु किया जाए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निम्न मांगें रखी हैं—

  • चांदो से इदरी कला और कुरड़ी को जोड़ने वाली मुख्य पंचायती सड़क का तत्काल निरीक्षण कराया जाए।
  • सड़क के गहरे गड्ढों की तत्काल मरम्मत कर आवागमन सुरक्षित बनाया जाए।
  • सड़क के स्थायी एवं पक्के निर्माण के लिए आवश्यक बजट और कार्ययोजना तैयार की जाए।
  • पंचायत और संबंधित विभाग द्वारा सड़क के लिए स्वीकृत एवं खर्च की गई राशि की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
  • ग्रामीणों की शिकायतों पर जनपद और जिला प्रशासन द्वारा समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
    ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या का समाधान केवल कागजी आश्वासनों से नहीं होगा। इसके लिए मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेना और निर्माण कार्य शुरू करना जरूरी है।
    विकास के दावे जमीन पर कब उतरेंगे?
    चांदो से इदरी कला-कुरड़ी मार्ग की बदहाली ने ग्रामीण विकास के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि कलेक्टर के हस्तक्षेप से सड़क की स्थिति में सुधार होगा और उन्हें सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस सड़क की समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और ग्रामीणों को कब तक राहत मिलती है। फिलहाल ग्रामीणों की नजरें जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों की मांग है कि विकास के दावों को कागजों से बाहर निकालकर सड़क की जमीनी हालत सुधारी जाए, ताकि मरीजों, स्कूली बच्चों और आम ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

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