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सूरजपुर@ हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का शुभारंभ,कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ होगी बड़ी पहल

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मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बोलीं-आंगनबाड़ी केंद्र से लेकर ग्राम पंचायत तक जिम्मेदारी तय, 52,553 केंद्रों के जरिए 7.88 लाख परिवारों को जोड़ा जाएगा
-संवाददाता-
सूरजपुर,13 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
पारंपरिक तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की उपस्थिति में प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया,इस अवसर पर अभियान के आधिकारिक लोगो का अनावरण किया गया तथा पोषण जागरूकता के लिए ‘सुपोषण रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया,अभियान का उद्देश्य मुनगा के माध्यम से परिवारों को स्थानीय और पौष्टिक आहार से जोड़ते हुए कुपोषण तथा एनीमिया के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाना है।
कुपोषण के खिलाफ प्राकृतिक पोषण का अभियान- मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुनगा प्रकृति का अनमोल उपहार है, जिसमें आयरन,कैल्शियम,प्रोटीन और विभिन्न विटामिन सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। महिलाओं में एनीमिया और बच्चों में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए मुनगा का नियमित उपयोग प्रभावी जनभागीदारी का माध्यम बन सकता है, उन्होंने कहा कि अभियान के तहत प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पोषण वाटिकाओं और ग्रामीण परिवारों की बाडि़यों में मुनगा के पौधे लगाए और वितरित किए जा रहे हैं, इससे विशेष रूप से ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं, किशोरी बालिकाओं और बच्चों को अपने घर की बाड़ी से पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी प्रदेशवासियों से अपने घरों और आसपास मुनगा लगाने तथा इसके पोषण गुणों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारी तय- अभियान को केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं, राज्य स्तर पर विभागीय नेतृत्व के साथ जिला स्तर पर कलेक्टर तथा विकासखंड स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय समन्वय की व्यवस्था की गई है, इसके साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं तक की जिम्मेदारी तय की गई है। ग्राम पंचायत स्तर पर भी अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
52,553 आंगनबाड़ी केंद्रों से 7.88 लाख परिवार जुड़ेंगे-अभियान के तहत प्रदेश के 52,553 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 7.88 लाख परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है,प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के क्षेत्र में मुनगा के 15 पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी तय किए जाने की जानकारी दी गई है,पौधों के जीवित रहने,क्षति होने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुनः रोपण की स्थिति की निगरानी के लिए डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किए जाने की बात कही गई है,इसके माध्यम से अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी और मैदानी अमले की कार्यप्रगति का मूल्यांकन किया जा सकेगा।
‘सुपोषण रथ’ से बढ़ेगी जागरूकता- अभियान के साथ प्रदेश में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 की गतिविधियों की शुरुआत भी की गई, मुख्यमंत्री ने पोषण माह के पोस्टर का विमोचन किया और उपस्थित महिलाओं को सुपोषण की शपथ दिलाई,इस दौरान ‘सुपोषण रथ’ के माध्यम से लोगों को पोषण और मुनगा के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा।
छह योजनाओं के रोडमैप में पहली बड़ी पहल– महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से इसे विभागीय स्तर पर तैयार किए गए छह जनकल्याणकारी पहलों के रोडमैप की महत्वपूर्ण शुरुआत के रूप में प्रस्तुत किया गया है,मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि योजनाओं का प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए,विभाग की टीम शेष पांच योजनाओं के ड्राफ्ट और धरातलीय मॉडल को अंतिम रूप देने में जुटी है, आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण,बाल देखरेख और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी इन योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की बात कही गई है।
सप्ताह में तीन बार भोजन में शामिल करने की अपील-मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से तीजा-पोरा के अवसर पर अपने घर की बाड़ी में मुनगा का पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया, उन्होंने परिवारों से सप्ताह में कम से कम तीन बार मुनगा फल, मुनगा भाजी और मुनगा फूल को भोजन में शामिल करने की अपील की, उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से चलने वाला यह अभियान तभी सफल होगा, जब पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल भी की जाए और मुनगा को परिवार के नियमित भोजन का हिस्सा बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने भी घरों और आसपास मुनगा लगाने को सुपोषित छत्तीसगढ़ के संकल्प से जोड़ते हुए प्रदेशवासियों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है।


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