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सूरजपुर @साधुराम विद्या मंदिर में बच्चों को सिखाया सुरक्षा का पाठ, गुड टच-बैड टच से लेकर साइबर अपराध तक दी जानकारी

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बाल विवाह,नशे के दुष्प्रभाव और यातायात नियमों को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक,चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 की दी जानकारी
-संवाददाता-
सूरजपुर,13 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से साधुराम विद्या मंदिर,सूरजपुर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया,कलेक्टर रेना जमील के निर्देशन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभम बंसल के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच,बाल अधिकार,साइबर अपराध, बाल विवाह,नशे के दुष्प्रभाव,यातायात नियम और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसी परिस्थितियों के प्रति सजग करना रहा,जिनका सामना उन्हें घर,स्कूल,सार्वजनिक स्थानों अथवा डिजिटल माध्यमों पर करना पड़ सकता है,वक्ताओं ने बच्चों को सरल भाषा में बताया कि सुरक्षा केवल बड़ों की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि बच्चों को भी अपने अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी होना जरूरी है।
गुड टच-बैड टच को समझना जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी,उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझना बेहद जरूरी है,उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार उन्हें असहज या अनुचित महसूस कराता है तो उसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी दें,उन्होंने यह भी समझाया कि किसी घटना के बाद डर,शर्म या सामाजिक दबाव के कारण चुप रहना समाधान नहीं है, बच्चों को अपनी सुरक्षा के लिए आवाज उठाने और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सहायता तंत्र तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की दी जानकारी-जायसवाल ने बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में जानकारी दी,उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर बच्चे अथवा उनकी ओर से कोई व्यक्ति सहायता के लिए इस माध्यम से संपर्क कर सकता है, बच्चों को यह भी बताया गया कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए प्रशासनिक एवं कानूनी व्यवस्थाएं मौजूद हैं, उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि किसी बच्चे के साथ परेशानी होने पर उसे अकेला न छोड़ें और भरोसेमंद व जिम्मेदार व्यक्ति तक बात पहुंचाएं।
बिना कानूनी प्रक्रिया के गोद लेना-देना अपराध-दत्तक ग्रहण के संबंध में भी विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई, उन्हें बताया गया कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी बच्चे को गोद लेना या देना कानूनन अपराध हो सकता है, बच्चों की सुरक्षा और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए दत्तक ग्रहण के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है, इस संबंध में विद्यार्थियों को जागरूक किया गया, ताकि वे स्वयं भी सही जानकारी रखें और अपने परिवार एवं समाज में भी गलत धारणाओं को दूर कर सकें।
नशे से दूर रहने का दिया संदेश- ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया,जायसवाल ने बच्चों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों को भी नशे के नुकसान के बारे में जागरूक करने की अपील की,उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि नशे की शुरुआत अक्सर छोटी उम्र में जिज्ञासा या साथियों के दबाव के कारण हो सकती है,इसलिए किसी भी प्रकार के नशे से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
साइबर अपराध से बचने मोबाइल इस्तेमाल में बरतें सावधानी-डिजिटल युग में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को देखते हुए कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव पर विशेष जोर दिया गया,विद्यार्थियों को मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी गई, उन्हें विशेष रूप से समझाया गया कि अपना OTP किसी के साथ साझा न करें,अनजान लोगों से वीडियो कॉल पर बातचीत करने से बचें,निजी फोटो या व्यक्तिगत जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें,सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने में सावधानी बरतें,संदिग्ध लिंक अथवा संदेश पर क्लिक न करें,किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी या असहज स्थिति की जानकारी तुरंत अभिभावक या शिक्षक को दें, विद्यार्थियों को बताया गया कि डिजिटल दुनिया में सावधानी ही सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों में से एक है।
कम उम्र में वाहन चलाने से बचें- कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यातायात नियमों की भी जानकारी दी गई,कम उम्र में वाहन चलाने और बिना लाइसेंस वाहन चलाने से बचने की समझाइश दी गई,विद्यार्थियों से अपने अभिभावकों को भी यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करने को कहा गया, उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस,वाहन का बीमा और पंजीयन दस्तावेज साथ रखने तथा दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का संदेश दिया गया।
किशोर न्याय कानून और बाल संरक्षण की जानकारी…
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को किशोर न्याय अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की भी जानकारी दी गई,संरक्षण एवं देखरेख की आवश्यकता वाले बच्चों तथा विधि के विरुद्ध कार्य करने वाले बच्चों के लिए कानून में किए गए प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया गया,इसके अलावा बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की भूमिका के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी गई,बाल भिक्षावृत्ति के उन्मूलन और बच्चों के संरक्षण से संबंधित प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।
बाल विवाह के खिलाफ विद्यार्थियों से आगे आने की अपील
कार्यक्रम में ‘बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान’ की जानकारी देते हुए जायसवाल ने कहा कि जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं,उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुप्रथा नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकार और उनके भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है, उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने तथा अपने आसपास होने वाले बाल विवाह के प्रति परिवार और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया,उन्होंने बताया कि जागरूकता कार्यक्रमों के साथ पुराने बाल विवाह से जुड़े मामलों का फॉलोअप भी किया जा रहा है,ताकि बाल विवाह की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए 181 हेल्पलाइन की जानकारी
सखी वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर चंदा प्रजापति ने संकटग्रस्त महिलाओं के लिए उपलब्ध सहायता एवं सेवाओं की जानकारी दी,उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने परिवार और आसपास की महिलाओं को भी इन सेवाओं के बारे में जानकारी दें,उन्होंने बताया कि संकट की स्थिति में महिलाएं टोल फ्री हेल्पलाइन 181 के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकती हैं,सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई और बताया गया कि ये सेवाएं निःशुल्क हैं।
किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता की जानकारी
महिला सशक्तिकरण हब की फरजाना अंसारी ने किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी, उन्होंने कहा कि मासिक धर्म एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है और इस दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए,किशोरियों को किसी भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर भरोसेमंद अभिभावक,शिक्षक या स्वास्थ्यकर्मी से सलाह लेने के लिए प्रेरित किया गया,उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि बेटियां आज शिक्षा,खेल विज्ञान और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं,उन्होंने छात्राओं को शिक्षा को प्राथमिकता देने और अपने लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
बच्चों के अधिकारों की जानकारी से बढ़ेगा आत्मविश्वास
कार्यक्रम में बच्चों को यह संदेश दिया गया कि अपने अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी होने से वे कठिन परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकते हैं,वक्ताओं ने बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर चुप रहने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति से बात करने के लिए प्रेरित किया, कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित जानकारी साझा की और विद्यार्थियों के सवालों का समाधान भी किया,इस अवसर पर विद्यालय संचालक राहुल अग्रवाल,प्राचार्य खुशबू सिंह,महिला सशक्तिकरण हब की जेंडर विशेषज्ञ सलोनी कुजूर,चाइल्ड लाइन से प्रकाश राजवाड़े,सूरजपुर कोतवाली से सुमन पांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
एक कार्यक्रम,सुरक्षा से जुड़े कई संदेश
साधुराम विद्या मंदिर में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को सुरक्षित स्पर्श की पहचान से लेकर डिजिटल सुरक्षा,बाल विवाह के विरोध,नशे से दूरी और यातायात नियमों के पालन तक कई महत्वपूर्ण विषयों से जोड़ने वाला रहा,ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को समय रहते सही जानकारी देना उन्हें सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।


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