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कोरिया@चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा दांवः बैकुंठपुर की सड़क चौड़ीकरण मांग पर 88.51 करोड़ की मुहर

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  • बैकुंठपुर की सड़क चौड़ीकरण मांग को मिली 88.51 करोड़ की मंजूरी
  • क्या चुनाव से पहले भाजपा ने विपक्ष का बड़ा मुद्दा अपने पाले में कर लिया?
  • खरवत चौक से जमगहना तक 13 किमी सड़क होगी 4-लेन,विधायक भैयालाल राजवाड़े के प्रयासों का भाजपा ने दिया श्रेय,घड़ी चौक में आतिशबाजी कर मनाया जश्न
  • जिस सड़क पर घिर सकती थी भाजपा, उसी पर अब श्रेय की सियासत,बैकुंठपुर 4-लेन को 88.51 करोड़ मंजूर
  • बैकुंठपुर में सड़क चौड़ीकरण की राह साफ, भाजपा के हाथ लगा चुनावी ‘विकास कार्ड’
  • सड़क चौड़ीकरण पर सरकार की मुहर, विधायक भैयालाल राजवाड़े के प्रयासों को भाजपा ने बताया बड़ी उपलब्धि
  • वर्षों की मांग पूरी, चुनावी मुद्दा हुआ कमजोर? बैकुंठपुर 4-लेन के लिए 88.51 करोड़ स्वीकृत
  • बैकुंठपुर की सड़कों पर विकास की ‘4-लेन’ पटकथा, चुनाव से पहले भाजपा ने साधा बड़ा निशाना
  • घड़ी चौक पर आतिशबाजी, सड़क चौड़ीकरण की स्वीकृति पर भाजपा का जश्न…अब काम शुरू होने का इंतजार


-रवि सिंह-
कोरिया,02 सितम्बर 2026(घटती-घटना)।
कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर शहर की लंबे समय से चली आ रही सड़क चौड़ीकरण की बहुप्रतीक्षित मांग आखिरकार शासन की स्वीकृति तक पहुंच गई है,छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग ने खरवत चौक से गेज नदी पुल होते हुए जमगहना मुख्य मार्ग तक करीब 13 किलोमीटर सड़क को 4-लेन में विकसित करने के लिए 8851.29 लाख रुपये यानी 88 करोड़ 51 लाख 29 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है, शासन का यह आदेश 1 सितंबर 2026 को जारी हुआ है।
लंबे समय से सड़क चौड़ीकरण को लेकर शहर के युवाओं, व्यापारियों और नागरिकों के बीच मांग उठती रही है,ऐसे में इस स्वीकृति को केवल एक सड़क परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि बैकुंठपुर की स्थानीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है, खासकर नगरीय राजनीति में यह सवाल उठने लगा है कि जिस सड़क चौड़ीकरण को लेकर आने वाले चुनाव में भाजपा से सवाल किए जा सकते थे,क्या शासन की स्वीकृति के बाद वही मुद्दा अब भाजपा के लिए उपलब्धि का मुद्दा बन गया है? हालांकि,यह राजनीतिक आकलन है और इसका अंतिम असर चुनाव में जनता के रुख से ही तय होगा,फिलहाल इतना जरूर है कि सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक बहस में अब सत्ता पक्ष के पास दिखाने के लिए शासन की स्वीकृति का दस्तावेज मौजूद है।
विधायक भैयालाल राजवाड़े के प्रयासों को दिया जा रहा श्रेय
सड़क चौड़ीकरण की स्वीकृति के बाद भाजपा संगठन ने इसका श्रेय स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े के प्रयासों को दिया है, भाजपा जिला अध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी की ओर से जारी प्रतिक्रिया में मुख्यमंत्री,वित्त मंत्री,प्रभारी मंत्री और विधायक के प्रति आभार जताया गया है,भाजपा का कहना है कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद विधायक ने सड़क चौड़ीकरण को प्राथमिकता में रखते हुए शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए,मुख्यमंत्री और वित्त विभाग तक इस मांग को पहुंचाने तथा परियोजना को स्वीकृति दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए गए,वहीं भाजपा ने इसे वर्षों पहले शहर के युवाओं द्वारा उठाई गई मांग से भी जोड़ते हुए कहा है कि वर्ष 2020, 2021 और 2022 के दौरान युवाओं ने सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर आवाज उठाई थी,संगठन के अनुसार उस समय भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी इस मांग का समर्थन किया था,इस लिहाज से भाजपा अब इसे सरकार,विधायक,संगठन और शहरवासियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बता रही है।
क्या चुनावी वर्ष में बड़ा मुद्दा बनने से पहले ही भाजपा ने खत्म कर दिया सवाल?
सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर बैकुंठपुर की राजनीति में लंबे समय से चर्चा होती रही है,शहर का बढ़ता यातायात,संकरी सड़कें और भविष्य में शहर के विस्तार की जरूरत को देखते हुए यह मांग लगातार उठती रही,यही वजह है कि राजनीतिक दृष्टि से भी यह सवाल महत्वपूर्ण है कि यदि सड़क चौड़ीकरण की स्वीकृति नहीं मिलती तो क्या आगामी नगरीय चुनाव में यह भाजपा के खिलाफ एक बड़ा स्थानीय मुद्दा बन सकता था? विपक्ष के लिए यह कहना आसान होता कि शहर की वर्षों पुरानी मांग पूरी नहीं हुई,युवाओं और व्यापारियों की मांग का हवाला देकर सत्ता पक्ष से जवाब मांगा जा सकता था,लेकिन अब स्थिति बदल गई है। शासन ने परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है और भाजपा के पास जनता के सामने रखने के लिए सरकारी आदेश मौजूद है,इसलिए राजनीतिक रूप से भाजपा को निश्चित तौर पर एक ऐसा मुद्दा मिल गया है,जिसे वह ‘मांग से स्वीकृति तक’ की अपनी उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत कर सकती है,हालांकि इसका यह अर्थ नहीं कि सड़क चौड़ीकरण का मुद्दा पूरी तरह समाप्त हो गया,अब विपक्ष के पास स्वीकृति के बाद निविदा कब होगी,निर्माण कब शुरू होगा, काम कितने समय में पूरा होगा और गुणवत्ता कैसी रहेगी, जैसे सवाल उठाने का अवसर रहेगा।
अब असली परीक्षा स्वीकृति के बाद
सरकारी आदेश में परियोजना को लेकर कई महत्वपूर्ण शर्तें रखी गई हैं, आदेश के अनुसार तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद ही निविदा आमंत्रित की जाएगी, ड्राइंग और डिजाइन का सक्षम अधिकारी से अनुमोदन भी आवश्यक होगा, इसके अलावा प्रस्तावित निर्माण के लिए कम से कम 90 प्रतिशत बाधारहित भूमि उपलब्ध होने की शर्त रखी गई है, आदेश में यह भी कहा गया है कि निविदा प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी हो और निर्धारित नियमों का पालन किया जाए, स्वीकृत बजट की सीमा में ही व्यय सुनिश्चित करने तथा निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, यदि कार्य के दौरान स्वीकृत राशि या प्रस्तावित कार्य में निर्धारित सीमा से अधिक वृद्धि होती है अथवा नया कार्य जोड़ा जाता है तो उसके लिए नियमानुसार पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति लेना आवश्यक होगा।
अब सवाल यह नहीं कि सड़क चौड़ी होगी या नहीं,सवाल यह है कि कब होगी?
बैकुंठपुर की सड़क चौड़ीकरण परियोजना को 88.51 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद वर्षों पुरानी मांग ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव जरूर पार कर लिया है,भाजपा ने इसका स्वागत करते हुए इसे विधायक भैयालाल राजवाड़े के प्रयासों और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार की उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया है, राजनीतिक दृष्टि से देखें तो नगरीय चुनाव के पहले यह स्वीकृति भाजपा के लिए निश्चित रूप से एक मजबूत स्थानीय उपलब्धि बन सकती है, जिस मुद्दे को विपक्ष सत्ता पक्ष के खिलाफ इस्तेमाल कर सकता था,अब उसी मुद्दे पर भाजपा जनता के बीच जाकर यह दावा कर सकती है कि सरकार ने सड़क चौड़ीकरण के लिए 88 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दिलाई है, लेकिन कहानी का अगला अध्याय अभी बाकी है,स्वीकृति के बाद निविदा,भूमि, तकनीकी प्रक्रिया और वास्तविक निर्माण—यही तय करेगा कि बैकुंठपुर के लोगों की वर्षों पुरानी मांग कागज से निकलकर सड़क पर कब दिखाई देती है,और शायद आने वाले समय में राजनीतिक सवाल भी इसी के आसपास होगा— ‘स्वीकृति किसने दिलाई?’ से ज्यादा महत्वपूर्ण सवाल होगा, ‘काम कब शुरू हुआ और कब पूरा हुआ?
13 किलोमीटर सड़क का होगा 4- लेन विकास
लोक निर्माण विभाग के आदेश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल इस परियोजना के तहत जिला कोरिया में खरवत चौक (एनएच-43) से गेज नदी पुल होते हुए जमगहना मुख्य मार्ग (एनएच-43) तक 13 किलोमीटर सड़क निर्माण का प्रस्ताव है, इस मार्ग को 4-लेन के रूप में विकसित किया जाना है, परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति राशि 8851.29 लाख रुपये निर्धारित की गई है, यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि शासन के दस्तावेज में इसे प्रशासकीय स्वीकृति कहा गया है, इसलिए इसे सीधे तौर पर निर्माण पूरा होने या पूरी राशि तत्काल जारी हो जाने के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा, परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी स्वीकृति, डिजाइन अनुमोदन, निविदा और भूमि से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
स्वीकृति के बाद भाजपा ने घड़ी चौक पर मनाया जश्न
शासन की स्वीकृति की जानकारी सामने आने के बाद भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला, बैकुंठपुर के घड़ी चौक में आतिशबाजी कर और मिष्ठान वितरण कर सड़क चौड़ीकरण की स्वीकृति का जश्न मनाया गया, इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े तथा भाजपा जिला अध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया, भाजपा की ओर से इस स्वीकृति को बैकुंठपुर शहर के विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है, पार्टी का कहना है कि शहर की वर्षों पुरानी मांग को शासन तक पहुंचाने और उसके लिए लगातार प्रयास करने में स्थानीय विधायक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
शहर के युवाओं और व्यापारियों की नजर अब निर्माण पर
स्वीकृति के बाद शहरवासियों में उम्मीद जरूर बढ़ी है,लेकिन वर्षों से इस सड़क का इंतजार कर रहे लोगों की निगाह अब अगले चरण पर है,लोगों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि निविदा प्रक्रिया कब पूरी होती है और जमीन पर काम कब शुरू होता है,सड़क चौड़ीकरण पूरा होने के बाद इससे बैकुंठपुर शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर करने, व्यापारिक गतिविधियों को गति देने और भविष्य की बढ़ती आबादी एवं वाहनों के दबाव को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है,भाजपा इसे विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं राजनीतिक तौर पर यह उपलब्धि स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है,क्योंकि जिस मांग को लेकर उन्हें पहले आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, उसी मांग की अब शासन स्तर पर स्वीकृति सामने आ चुकी है।


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