Breaking News

मैनपाट@पट्टा खत्म, फिर भी बॉक्साइट खनन का आरोप; किसानों का फूटा गुस्सा…

Share


लीज अवधि समाप्त होने के बाद भी खनन और परिवहन का आरोप,प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

-संवाददाता-
मैनपाट,02 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट के ग्राम बरिमा में बॉक्साइट खनन को लेकर किसानों का आक्रोश सामने आया है। प्रभावित भू-स्वामियों ने छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सीएमडीसी) पर लीज अवधि समाप्त होने के बाद भी उनकी जमीन से कथित रूप से खनन और बॉक्साइट परिवहन कराने का आरोप लगाया है। किसानों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार राजस्व प्रकरण क्रमांक 01/अ-82/2013-14 में 4 जनवरी 2017 को बरिमा की निजी भूमि सीएमडीसी को 7 वर्षों के लिए बॉक्साइट उत्खनन के लिए दी गई थी। अनुबंध के अनुसार जनवरी 2024 में लीज अवधि समाप्त हो चुकी है। किसानों का आरोप है कि लीज खत्म होने के बाद न तो जमीन मूल स्वरूप में लौटाई गई और न ही फसल व जमीन का पूरा मुआवजा दिया गया। इसके बावजूद पिछले दो वर्षों से संबंधित जमीन से बॉक्साइट निकाले जाने का आरोप है।
350 ट्रक बॉक्साइट निकालने का दावा : प्रभावित किसानों ने दावा किया है कि पिछले दो वर्षों में संबंधित खसरा नंबरों से करीब 350 ट्रक बॉक्साइट निकालकर बाजार में बेचा गया। किसानों ने अवैध रूप से निकाले गए बॉक्साइट की कीमत का भुगतान कराने और भविष्य में उनकी जमीन पर कथित अवैध उत्खनन तत्काल रोकने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे केवल फसल मुआवजे के आधार पर अपनी जमीन खनन के लिए देने को तैयार नहीं हैं।
जनसुनवाई के वादों पर भी सवालः किसानों का कहना है कि बॉक्साइट परियोजना की जनसुनवाई के दौरान सीएमडीसी की ओर से स्थानीय लोगों को रोजगार, विकास और उचित मुआवजे सहित कई आश्वासन दिए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन पर इन वादों का अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है। इससे भू-स्वामियों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्थायी रूप से जमीन लौटाने की मांग
भू-स्वामियों ने प्रशासन से लीज और खनन अनुमति की वैधता की जांच, संबंधित खसरा नंबरों का भौतिक सत्यापन, पिछले दो वर्षों में निकाले गए बॉक्साइट की मात्रा और उसके परिवहन-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही अनुबंध की शर्तों के अनुसार जमीन को मूल स्वरूप में वापस कराने की मांग की गई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो ग्राम बरिमा स्थित सीएमडीसी के कांटाघर के पास बॉक्साइट परिवहन रोककर आंदोलन किया जाएगा। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और खनिज विभाग किसानों के आरोपों की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।


Share

Check Also

सूरजपुर@ शिवप्रसादनगर में रकबा बढ़ा,धान बिका और खबरें भी छपीं…फिर भी प्रशासन की आंखें क्यों नहीं खुलीं?

Share शिवप्रसादनगर में रकबा बढ़ा,धान बिका…खबरें भी छपीं,फिर भी प्रशासन की आंखें बंद! 23 किसानों …

Leave a Reply