रायपुर,26 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 सितंबर 2026 से ईकेवाईसी प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस प्रक्रिया के दायरे में सिर्फ घरेलू कनेक्शन ही नहीं, बल्कि गैर-घरेलू, कृषि, औद्योगिक, सड़क बत्ती और नलजल समेत बिजली कनेक्शन की सभी श्रेणियों के उपभोक्ता शामिल होंगे। ईकेवाईसी के दौरान उपभोक्ता की पहचान और कनेक्शन से जुड़ी जानकारी का आधार के जरिए सत्यापन किया जाएगा।
बिजली कनेक्शन और आधार
का नाम होना चाहिए एक जैसा
ईकेवाईसी के सफल सत्यापन के लिए बिजली कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज उपभोक्ता का नाम और आधार कार्ड में दर्ज नाम का मिलान होना जरूरी होगा। नाम की स्पेलिंग में अंतर, उपनाम में बदलाव, पूरा नाम अलग होना या नाम परिवर्तन की स्थिति में आधार प्रमाणीकरण असफल हो सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि ईकेवाईसी शुरू होने से पहले वे अपने बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में दर्ज नाम की जांच कर लें। किसी गलती की स्थिति में पहले बिजली कंपनी के रिकॉर्ड में सुधार कराना होगा, उसके बाद ही ईकेवाईसी प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि ईकेवाईसी के लिए हर बार बिजली कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। रूशह्म् ख्द्बद्भद्यद्ब ्रश्चश्च के माध्यम से घर बैठे आधार प्रमाणीकरण कराया जा सकेगा। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी का यह ऐप पहले से बिल, भुगतान, शिकायत और अन्य बिजली सेवाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी आने पर उपभोक्ता अपने संबंधित वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में जाकर भी ईकेवाईसी करा सकेंगे। बिजली कंपनी ने ईकेवाईसी अभियान को आसान बनाने के लिए मीटर रीडरों को भी उपभोक्ताओं की मदद करने के निर्देश दिए हैं। कार्यालयों में अधिकृत कर्मचारी प्रकाश एप के ईकेवाईसी पोर्टल के जरिए आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करेंगे।
ईकेवाईसी के लिए नहीं देना होगा कोई शुल्क : ईकेवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रहेगी। बिजली कंपनी इसके लिए उपभोक्ताओं से किसी तरह का शुल्क नहीं लेगी। इसलिए यदि कोई व्यक्ति ईकेवाईसी कराने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उपभोक्ताओं को सतर्क रहना चाहिए और उसकी शिकायत संबंधित बिजली कार्यालय में करनी चाहिए।
आधार की जानकारी देते समय रहें सावधान
ईकेवाईसी के दौरान आधार से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा करनी पड़ सकती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को किसी अनजान व्यक्ति, संदिग्ध लिंक या अनधिकृत ऐप के जरिए अपना आधार विवरण साझा करने से बचना चाहिए। हाल के महीनों में बिजली बिल और बिजली योजनाओं के नाम पर साइबर ठगी को लेकर भी छत्तीसगढ़ पावर कंपनी ने उपभोक्ताओं को सावधान किया है।
1 सितंबर से पहले कर लें रिकॉर्ड की जांच
ईकेवाईसी अभियान शुरू होने से पहले सबसे जरूरी कदम यही है कि उपभोक्ता अपने बिजली कनेक्शन का नाम और आधार कार्ड का नाम जांच लें। दोनों में अंतर होने पर पहले रिकॉर्ड में सुधार कराना बेहतर रहेगा, ताकि सत्यापन के समय किसी तरह की परेशानी न हो।
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