नई दिल्ली,26 अगस्त 2026। साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के दिन लगने जा रहा है। पंडित स्वाति अहलूवालिया के अनुसार,यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा,जो भारत में दिखाई नहीं देगा। दक्षिण-एशियाईऔर प्रवासी भारतीय समयानुसार ग्रहण की शुरुआत सुबह 6 बजकर 55 मिनट से होगी और यह कुल 5 घंटे 39 मिनट तक चलेगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में अदृश्य रहेगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा और रक्षाबंधन का त्योहार सामान्य रूप से मनाया जाएगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 8 बजकर 04 मिनट पर अपने आंशिक चरण में प्रवेश करेगा। ग्रहण का पीक टाइम सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर होगा,जबकि इसका आंशिक चरण सुबह 11 बजकर 21 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। यह खगोलीय घटना भारत में नहीं दिखेगी। चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया का यह नजारा अमेरिका,यूरोप,अफ्रीका और पश्चिमी एशिया के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। जिस समय दुनिया के इन हिस्सों में लोग आसमान में ग्रहण देख रहे होंगे,उसी समय भारत में रक्षाबंधन का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा होगा।
वैदिक ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल की गणना स्थानीय दृश्यता के आधार पर होती है। ग्रहण जहां दिखाई देता है, सूतक के नियम और पाबंदियां वहीं लागू होती हैं। चूंकि 28 अगस्त का ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल नहीं लगेगा।
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