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काठमांड@नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही…100 से ज्यादा की मौत

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नेपाल बाढ़ में 133 भारतीय टूरिस्ट लापता,कैलाश यात्रा पर थे ज्यादातर लोग
काठमांड,26 अगस्त 2026। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी। सुबह 9 बजे तिब्बत की दिशा से भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आया जिसमें कई इलाके चपेट में आ गए। नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक १०० से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक १००0 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हैं। नेपाली अधिकारियों के मुताबिक एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि जिस ग्लेशियल झील के फटने से अचानक बाढ़ आई थी, वहां अभी भी करीब 7 मीटर ऊंचा पानी का बांध बना हुआ है। यह कभी भी टूट सकता है। शुरुआती वैज्ञानिक आकलन के मुताबिक, ल्हेंदे नदी में बर्फ और पत्थरों का बड़ा हिस्सा गिरा, जिससे नदी का रास्ता रुक गया और पानी जमा होने लगा। बाद में यह रुकावट टूट गई और जमा पानी तेज रफ्तार से नीचे बहा, जिससे अचानक फ्लैश फ्लड आ गई। ग्लेशियल झील फटने की संभावना की भी जांच की जा रही है। उस समय रसुवा में तेज बारिश नहीं हुई थी। हालांकि इसकी वजह भूकंप भी बताई जा रही है। सुबह 8ः37 बजे 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। बाढ़ भी इसी समय के आसपास आई, इसलिए इसके संबंध की जांच हो रही है।
नेपाल में 42 किमी की सड़क बही
बाढ़ का असर रसुवा से नुवाकोट, धादिंग होते हुए चितवन तक देखा गया। रसुवा में टिमुरे, स्याफ्रुबेसी, हाकुबेसी, मेलुंग, सल्लेटार, शांतिबाजार, पैरेबेसी, खाल्टी बस्ती और बेत्रावती समेत करीब एक दर्जन बस्तियां प्रभावित हुईं। बाढ़ धादिंग के गल्छी तक पहुंची और आगे मुग्लिन की ओर बढ़ने की चेतावनी दी गई। बेत्रावती से रसुवागढ़ी-तिब्बत सीमा तक करीब 42 किमी सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई। इसके अलावा स्याफ्रुबेसी से सीमा तक 16 किमी सड़क को भी नुकसान पहुंचा।
भारत में कहां-कितना असर होगा
भारत में इसका असर मुख्य रूप से बिहार की गंडक नदी और उससे जुड़ी छोटी-बड़ी नदियों में दिखने की आशंका है। नेपाल से करीब 3 मीटर ऊंची फ्लड वेव आने का अलर्ट है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण,गोपालगंज,सारण,मुजफ्फरपुर और वैशाली में खास सतर्कता बरती जा रही है। सीतामढ़ी और शिवहर पर भी नजर है। नेपाल का पानी त्रिशूली नदी से होते हुए गंडक तक पहुंचेगा। इसके बाद बिहार के निचले इलाकों में पानी बढ़ सकता है। अगले 5-6 घंटे अहम बताए गए हैं। हालांकि,अभी यह तय नहीं है कि इन सभी इलाकों में बाढ़ आएगी ही।
नेपाल बाढ़ त्रासदी पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने जताया दुख
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ (फ्लैश फ्लड) पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से लापता भारतीयों का जल्द पता लगाने और उनके परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ से वह गहरे दुखी हैं। उन्होंने कहा कि इस आपदा में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति उनकी हार्दिक संवेदनाएं हैं और भारत इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी की पीएम बालेंद्र से बात मुश्किल घड़ी में हरसभंव मदद का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह से बात कर फ्लैश फ्लड से मची तबाही पर दुख जताया है। उन्होंने इस विपत्ति में पड़ोसी राष्ट्र की हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। पीएम ने कहा…‘प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।
बिहार में बाढ़ का अलर्ट, गंडक नदी के जलस्तर पर नजर
नेपाल में बाढ़ के बीच भारत के पड़ोसी राज्य बिहार में भी गंडक नदी से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य के कई जिलों में तटबंधों की निगरानी, रात में गश्त और आपातकालीन टीमों की तैनाती जैसे कदम उठाए गए हैं। रेड क्रॉस के मुताबिक, करीब 3 मीटर ऊंची लहरों का खतरा जताया गया है।
तिब्बत में भूस्खलन से 3 की मौत, 265 लापता
तिब्बत के ग्यिरोंग में हुए भूस्खलन में अब तक 3 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 265 लोग लापता हैं। स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे तक का यह आंकड़ा है। प्रभावित इलाके में बचाव अभियान जारी है। नेपाल के रासुवा जिले में आई भीषण बाढ़ के बाद 13 साल की बच्ची समेत 12 ब्रिटिश नागरिक लापता बताए जा रहे हैं। लापता ब्रिटिश नागरिकों की उम्र 13 से 65 साल के बीच है। वे नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक टूर ग्रुप के साथ यात्रा कर रहे थे।


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