मार्च में दी गई थी जान से मारने की धमकी,कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया नया अपराध…फरार शब्बीर की मुश्किलें बढ़ीं
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,29 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। झारखंड के धनबाद स्थित वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पहले 13 वर्षों तक अंबिकापुर में फरारी काटने और पुलिस कार्रवाई के दौरान फरार होने का मामला, फिर उसे संरक्षण देने वालों के खिलाफ एफआईआर और अब एक स्थानीय व्यवसायी को अदालत में लंबित मामला वापस लेने के लिए कथित रूप से धमकाने के आरोप में शब्बीर आलम, उसके बेटे कमरान आलम समेत नौ लोगों के खिलाफ कोतवाली थाना में एक और अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार खरसिया नाका निवासी व्यवसायी अबू मोहम्मद ने शिकायत दर्ज कराई है कि शब्बीर आलम, कमरान आलम, जिसान आलम, इरसाद आलम, दिलसाद आलम, सलमान, मोहम्मद साद, खुशबास तथा नौसान ने 3-4 जनवरी और 17 मार्च 2026 को उसका पीछा किया, गाली-गलौज की तथा न्यायालय में विचाराधीन पुराने प्रकरण को वापस लेने का दबाव बनाया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मना करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद से पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन जी रहा है। कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले से फरार,अब बढ़ते जा रहे नए मुकदमे : शब्बीर आलम पहले ही झारखंड पुलिस के लिए लंबे समय से वांछित अपराधी है। उस पर वर्ष 2001 में धनबाद के चर्चित डबल मर्डर मामले में आरोपी होने का आरोप है। वर्ष 2013 में न्यायालय से फरार होने के बाद वह कथित रूप से अंबिकापुर में रह रहा था। वर्ष 2018 में उसे झारखंड हाईकोर्ट से आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई जा चुकी है। इसके बावजूद वह वर्षों तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा।
1 जुलाई की कार्रवाई के बाद खुलीं कई परतें : बीती 1 जुलाई को धनबाद पुलिस शब्बीर आलम को गिरफ्तार करने अंबिकापुर पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान स्थानीय स्तर पर विरोध और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जिसका फायदा उठाकर शब्बीर कथित रूप से फरार हो गया। इस घटना के बाद पुलिस ने उसे संरक्षण देने और फरार होने में सहयोग करने वालों के खिलाफ भी अलग से एफआईआर दर्ज की। इनमें परिवहन व्यवसाय से जुड़े कुछ लोगों के नाम भी सामने आए हैं और उनकी भूमिका की जांच जारी है।
जांच के दायरे में बढ़ रहा नेटवर्क
पुलिस सूत्रों का कहना है कि शब्बीर आलम के स्थानीय नेटवर्क,आर्थिक गतिविधियों और उसके सहयोगियों की भी गहन जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वर्षों तक फरार रहने के दौरान उसे किस-किस स्तर पर सहयोग मिला और उसके संपर्क किन लोगों से जुड़े रहे। पहले दर्ज मामलों और अब सामने आए नए आरोपों के बाद पुलिस की जांच का दायरा और विस्तृत हो गया है।
बढ़ रहे सवाल…
लगातार दर्ज हो रहे नए मामलों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि शिकायतकर्ता के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह केवल एक व्यक्ति को धमकाने का मामला नहीं,बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा सकता है। वहीं, यह भी सवाल उठ रहा है कि वर्षों तक फरार रहने वाले आरोपी का स्थानीय स्तर पर कितना प्रभाव और नेटवर्क सक्रिय रहा। इन सभी पहलुओं का अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur