नई दिल्ली,29 जुलाई 2026। केंद्र सरकार ने सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग और अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण के उद्देश्य से सरकारी वाहनों के आवंटन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नए निर्देशों के अनुसार अब किसी भी पात्र अधिकारी को केवल एक ही सरकारी स्टाफ कार उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी अधिकारी के पास किसी अन्य मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक उपक्रम या स्वायत्त संस्था का अतिरिक्त प्रभार भी होगा,तब भी उसे दूसरी सरकारी गाड़ी नहीं मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी।
वित्त मंत्रालय ने जारी किए संशोधित निर्देश : मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वित्त मंत्रालय ने एक कार्यालय ज्ञापन जारी कर सभी मंत्रालयों और विभागों को संशोधित नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिस अधिकारी को उसके नियमित पद के लिए पहले से सरकारी स्टाफ कार आवंटित है,उसे अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने की स्थिति में दूसरी सरकारी कार उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। यह नियम सभी केंद्रीय मंत्रालयों,विभागों, संबद्ध कार्यालयों,अधीनस्थ कार्यालयों, स्वायत्त संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रमों पर लागू होगा।
पीएसयू और स्वायत्त संस्थाओं की गाडि़यों के उपयोग पर भी रोक : नए निर्देशों के तहत केंद्र सरकार के अधिकारी अब सार्वजनिक उपक्रमों,अर्ध-सरकारी संस्थाओं या स्वायत्त निकायों की स्टाफ कारों का नियमित उपयोग भी नहीं कर सकेंगे। केवल आधिकारिक दौरे या विशेष सरकारी कार्य के दौरान ही ऐसे वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस फैसले का उद्देश्य विभिन्न सरकारी संस्थाओं के संसाधनों के अनावश्यक उपयोग को रोकना है। यह नया आदेश सितंबर 2022 में व्यय विभाग द्वारा जारी सरकारी स्टाफ कारों के उपयोग संबंधी दिशा-निर्देशों को और अधिक प्रभावी बनाता है। ताजा निर्देश में सभी मंत्रालयों और विभागों से संशोधित नियमों का पूरी गंभीरता से पालन करने को कहा गया है। यह आदेश केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, वित्तीय सलाहकारों और केंद्रीय मंत्रियों के निजी सचिवों सहित संबंधित सभी अधिकारियों को भेजा गया है। संशोधित व्यवस्था का मुख्य आधार ‘एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी’ का सिद्धांत है। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी वाहनों के आवंटन में दोहराव खत्म होगा और संसाधनों का उपयोग केवल अधिकृत सरकारी कार्यों के लिए ही सुनिश्चित किया जा सकेगा।
संसाधनों के बेहतर उपयोग पर रहेगा जोर
सरकार का उद्देश्य सरकारी वाहनों का अधिक प्रभावी और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है। कई मामलों में एक ही अधिकारी के पास अलग-अलग जिम्मेदारियों के कारण एक से अधिक सरकारी वाहन उपलब्ध हो जाते थे,जिससे सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। नए नियम के माध्यम से इस व्यवस्था को समाप्त कर वाहनों के उचित उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
अनुपयोगी वाहनों को सुरक्षित रखने के निर्देश
वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा है कि जिन सरकारी वाहनों का नियमित उपयोग नहीं हो रहा है,उन्हें सुरक्षित तरीके से रखा जाए। इससे वाहनों के रखरखाव पर होने वाले अनावश्यक खर्च को कम किया जा सकेगा और आवश्यकता पड़ने पर उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
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