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सूरजपुर@ गुरु पूर्णिमा पर गुरु सम्मान समारोह एवं महिला जागृति शिविर का आयोजन मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने दिलाया बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प

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ग्राम खैरा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों एवं गुरुजनों का हुआ सम्मान,शिक्षा,संस्कार और महिला सशक्तिकरण पर दिया गया विशेष जोर
-संवाददाता-
सूरजपुर,29 जुलाई 2026 (घटती-घटना)।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ओड़गी विकासखंड अंतर्गत ग्राम खैरा में गुरु सम्मान समारोह एवं महिला जागृति शिविर का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं,इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान कर समाज निर्माण और भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनके योगदान की सराहना की, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है, उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में माता-पिता,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और शिक्षक मिलकर उसके व्यक्तित्व और संस्कारों की नींव तैयार करते हैं। ऐसे गुरुजनों का सम्मान करना समाज का नैतिक दायित्व है।
माता-पिता,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और शिक्षक-बच्चों के जीवन के तीन प्रमुख गुरु-मंत्री ने कहा कि बच्चे के जीवन के प्रथम गुरु उसके माता-पिता होते हैं,जो उसे जीवन के प्रारंभिक संस्कार देते हैं, इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की जिम्मेदारी निभाती हैं,जबकि शिक्षक उन्हें ज्ञान और जीवन मूल्यों से जोड़ते हैं। इन तीनों की भूमिका मिलकर एक सशक्त और संस्कारित समाज के निर्माण का आधार बनती है, उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केवल सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं करतीं, बल्कि मातृवत स्नेह और समर्पण के साथ बच्चों के भविष्य को संवारने का कार्य करती हैं, इसी भावना के साथ कार्यक्रम में उनका सम्मान किया गया।
महिला जागृति शिविर में दिलाया बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प-कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित महिला जागृति शिविर में मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने उपस्थित महिलाओं,युवाओं और ग्रामीणों को बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प दिलाया,उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जो बालिकाओं की शिक्षा,स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है,इसे समाप्त करने के लिए केवल शासन के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है, उन्होंने सभी से अपील की कि वे बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता फैलाएं,बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करें तथा महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने में सहयोग करें।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता पर दिया जोर- मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है,इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना,बच्चों को बेहतर पोषण और शिक्षा उपलब्ध कराना तथा समाज में जागरूकता बढ़ाना है,उन्होंने कहा कि जब समाज शिक्षित,जागरूक और कुरीतियों से मुक्त होगा,तभी विकसित और सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव होगा।
गुरुजनों के प्रति व्यक्त किया सम्मान-कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने सभी गुरुजनों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की, उन्होंने कहा कि गुरु ही समाज को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं और उनका योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा,इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक,महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन गुरुजनों के सम्मान एवं सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ हुआ।


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