Breaking News

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर@ एमसीबी जिले की कृषि विकास को मिलेगी नई दिशा,पहली बार तैयार हुआ स्वतंत्र

Share

आत्मा योजना के तहत तैयार रणनीतिक अनुसंधान एवं कृषि विस्तार योजना का रायपुर में हुआ तकनीकी परीक्षण, विशेषज्ञों के समक्ष जिले की कृषि संभावनाओं का किया गया प्रस्तुतीकरण
-संवाददाता-
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 29 जुलाई 2026 (घटती-घटना)।
नवगठित जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) की कृषि विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है,कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) योजना के अंतर्गत जिले का पहला स्वतंत्र स्ट्रेटेजिक रिसर्च एंड एक्सटेंशन प्लान तैयार किया गया है, यह योजना जिले की कृषि, उद्यानिकी,पशुपालन एवं मत्स्य पालन की वास्तविक आवश्यकताओं और संभावनाओं के आधार पर बनाई गई है, जिससे भविष्य में कृषि विस्तार कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप संचालित किया जा सकेगा, अब तक एमसीबी जिले का एसआरईपी,मातृ जिला कोरिया के माध्यम से संचालित होता था। लेकिन जिले के गठन के बाद स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों, प्राकृतिक संसाधनों,कृषि पद्धतियों, किसानों की समस्याओं तथा विकास की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पहली बार जिले के लिए अलग और स्वतंत्र कार्ययोजना तैयार की गई है।
रायपुर में विशेषज्ञों के सामने हुआ तकनीकी परीक्षण-जिले द्वारा तैयार एसआरईपी का वेटिंग एवं पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण 28 से 30 जुलाई 2026 तक ईईआई आनंद एवं कृषि संचालनालय, रायपुर में आयोजित किया जा रहा है,इस दौरान कृषि विशेषज्ञों द्वारा रिपोर्ट का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है तथा आवश्यक सुझाव भी दिए जा रहे हैं, ताकि अंतिम रूप दिए जाने के बाद यह जिले की कृषि विकास की आधारभूत कार्ययोजना बन सके।
महेश पैकरा और दीपक साहू के नेतृत्व में पहुंची टीम
इस महत्वपूर्ण प्रस्तुतीकरण के लिए जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की टीम सहायक मृदा संरक्षण अधिकारी महेश पैकरा एवं कृषि विस्तार अधिकारी दीपक कुमार साहू के नेतृत्व में रायपुर पहुंची। टीम में कृषि विभाग के साथ-साथ उद्यानिकी विभाग,पशुधन विकास विभाग एवं मत्स्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल रहे,सभी विभागों ने अपने-अपने विषयों से संबंधित योजनाओं एवं विकास की संभावनाओं का संयुक्त रूप से प्रस्तुतीकरण किया।
किसानों से सीधे संवाद के आधार पर तैयार हुई योजना
एसआरईपी तैयार करने के लिए जिले के विभिन्न कृषि पारिस्थितिकी क्षेत्रों में पार्टिसिपेटरी रूरल एप्रेजल गतिविधियां संचालित की गईं। इसके माध्यम से किसानों, ग्रामीणों तथा संबंधित हितधारकों से सीधे संवाद कर जानकारी एकत्र की गई,इस अध्ययन में फसल प्रणाली, सिंचाई संसाधन, भूमि की स्थिति,उद्यानिकी,पशुपालन,मत्स्य पालन,कृषि संबंधी चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत विश्लेषण शामिल किया गया है।
कृषि योजनाओं का बनेगा रोडमैप
अधिकारियों के अनुसार आत्मा योजना के अंतर्गत तैयार यह एसआरईपी आने वाले वर्षों में जिले की आवश्यकता आधारित कृषि विस्तार योजनाओं का आधार बनेगा,इसके माध्यम से किसानों तक आधुनिक तकनीकों का प्रभावी हस्तांतरण, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, कृषि लागत में कमी,आय में बढ़ोतरी तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है,जिले के लिए तैयार यह स्वतंत्र रणनीतिक अनुसंधान एवं कृषि विस्तार योजना न केवल कृषि विभाग के लिए नीति निर्माण का आधार बनेगी,बल्कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समेकित कृषि विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता मिलेगी।


Share

Check Also

बैकुंठपुर/सोनहत@तालाब निर्माण विवाद पर सियासत तेज,पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने खोला मोर्चा

Share पीसीसीएफ से फोन पर की चर्चा पूछा-जुलाई के भारी मानसून में आखिर किस नियम …

Leave a Reply