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सूरजपुर@ राम कृष्ण ओझा बने आर्ट ऑफ लिविंग के इंट्यूशन प्रोसेस प्रशिक्षक

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बेंगलुरु आश्रम में 11 दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया, बच्चों की प्रतिभा निखारने वाले विशेष प्रशिक्षण का मिला दायित्व
-संवाददाता-
सूरजपुर,27 जुलाई 2026 (घटती-घटना)
। नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी, रामायणी, अधिवक्ता एवं कर सलाहकार राम कृष्ण ओझा ने आर्ट ऑफ लिविंग के इंट्यूशन प्रोसेस प्रशिक्षक के रूप में नई उपलब्धि हासिल की है, उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर द्वारा स्थापित बेंगलुरु आश्रम में आयोजित 11 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र में सफलतापूर्वक सहभागिता कर यह प्रशिक्षण पूर्ण किया, इस उपलब्धि के साथ अब वे बच्चों के लिए संचालित इंट्यूशन प्रोसेस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन कर सकेंगे। उनकी इस सफलता पर सामाजिक, धार्मिक एवं अधिवक्ता वर्ग सहित शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
180 देशों में सक्रिय है आर्ट ऑफ लिविंग-राम कृष्ण ओझा ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग एक विश्वव्यापी संस्था है, जो गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में विश्व के लगभग 180 देशों में उच्च मानवीय मूल्यों, तनावमुक्त जीवन और दिव्य समाज निर्माण के उद्देश्य से कार्य कर रही है, संस्था द्वारा विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के लिए अनेक प्रकार के व्यक्तित्व विकास और आध्यात्मिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
शोध के बाद विकसित किया गया इंट्यूशन प्रोसेस- उन्होंने बताया कि वर्षों के शोध और अध्ययन के बाद विकसित किए गए प्रज्ञा योग इंट्यूशन प्रोसेस को विशेष रूप से बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है,पिछले दस वर्षों में लाखों बच्चे इस प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त कर चुके हैं और उनमें सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं, उनके अनुसार,इस प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों की एकाग्रता,स्मरण शक्ति, निर्णय क्षमता,आत्मविश्वास,निडरता और सही-गलत की पहचान करने की क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जाता है।
अलग-अलग आयु वर्ग के लिए अलग प्रशिक्षण-राम कृष्ण ओझा ने बताया कि इंट्यूशन प्रोसेस के अंतर्गत बच्चों को उनकी आयु के अनुसार अलग-अलग समूहों में प्रशिक्षण दिया जाता है, इसमें 5 से 8 वर्ष, 8 से 13 वर्ष तथा 13 से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं,उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बच्चों की रचनात्मकता और आंतरिक क्षमताओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
गुरुदेव के प्रति जताया आभार
राम कृष्ण ओझा ने इस उपलब्धि का श्रेय गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन को देते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, उन्होंने अपनी मुख्य प्रशिक्षक गरिमा जी,सह प्रशिक्षक प्रज्ञा जी, अन्नामलाई जी, मेहुल जी, मनीष जी एवं प्रियंका जी सहित सभी सहयोगी प्रशिक्षुओं,मित्रों और परिजनों का आभार व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि सभी के मार्गदर्शन,सहयोग और प्रेरणा से ही यह उपलब्धि संभव हो सकी, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से वे क्षेत्र के अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचकर उनके व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाने का प्रयास करेंगे।


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