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रायपुर@छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र…राम मंदिर चंदा चोरी पर हंगामा,महेंद्र कर्मा विवि में बीएड-डीएड कोर्स का मुद्दा गूंजा

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भूपेश बोले…लोगों ने चंदा दिया,डकैती पड़ गई
रायपुर,13 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समेत कांग्रेस विधायक चंदा चोरी के पोस्टर लेकर सदन पहुंचे। महंत ने आरोप लगाया कि रामभक्तों की आस्था के साथ धोखा हुआ है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि यह विधानसभा और राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है। डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव को छत्तीसगढ़ से संबंधित नहीं होने के कारण अस्वीकार कर दिया। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पहले पांच मिनट के लिए स्थगित की गई। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नारेबाजी जारी रही। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था, लेकिन उसमें डकैती पड़ गई। लगातार हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।
स्थगन नामंजूर होने पर हंगामा…
दोनो ओर के विधायकों की ओर से आ रहे अपने-अपने तर्कों के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने प्रसताव नामंजूर कर दिया। स्थगन नामंजूर होन के बाद विपक्ष की ओर से जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। नारेबाजी के बीच भी दोनों पक्षों के बीच राम मंदिर में चोरी पर तीखी बहस होती रही।
कौशिक ने बघेल से पूछा…कितना दिया दान
धरमलाल कौशिक ने भूपेश बघेल से पूछा आपने कितना दान दिया। इस पर श्री बघेल ने सदन जानकारी देते हुए बताया कि,उन्होंने श्रीराम मंदिर ट्रस्ट अयोध्या को 1 लाख 21 हजार की राशि दान की है। इस बीच भारी हंगामे जारी रहेन पर अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी। विधानसभा की कार्रवाई दोबारा शुरू होने के बाद भी विपक्ष की ओर से नारेबाजी जारी रही। इस बीच भारी हंगामे के चलते सदन की कार्रवाई मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
प्रश्नकाल में डीएड-बीएड कॉलेज का मुद्दा गूंजा
इससे पहले प्रश्नकाल में भाजपा विधायक लता उसेंडी ने कोंडागांव स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में बीएड-डीएड पाठ्यक्रम संचालित नहीं होने और रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल किया। जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू है। बीएड-डीएड कॉलेजों को लेकर टास्क फोर्स का गठन किया गया है और 13 महाविद्यालयों में इन्हें शुरू करने की संभावना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्म विभूषण
डॉ. तीजन बाई को विधानसभा में दी भावभीनी श्रद्धांजलि

छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। निधन उल्लेख के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई के निधन से छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके जाने से कला एवं सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी विलक्षण प्रतिभा से लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनकी प्रस्तुतियों में गायन और अभिनय का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता था। पात्रों का सजीव चित्रण,ओजपूर्ण वाणी और प्रभावशाली प्रस्तुति श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती थी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्ष,साधना और समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। जिस दौर में महिलाओं की पंडवानी गायन में भागीदारी अत्यंत सीमित थी,उस समय उन्होंने सामाजिक रूढिय़ों को चुनौती देते हुए अपनी अलग पहचान बनाई और आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं। उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने एशिया, यूरोप सहित विश्व के अनेक देशों में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण,संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। वर्ष 2019 में भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से अलंकृत किया।


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