
- विधानसभा सत्र के पहले दिन नौगई हत्याकांड में बड़ी हलचल,कोरिया पहुंची सीबीआई टीम
- अब सीबीआई के हाथों होगी नौगई हत्याकांड की पड़ताल,घटनास्थल से जुटाए शुरुआती साक्ष्य
- नौगई तिहरे हत्याकांड : सीबीआई ने शुरू की पड़ताल,पुलिस विवेचना और साक्ष्यों की होगी नई समीक्षा
- कोरिया पहुंची सीबीआई,नौगईतिहरे हत्याकांड की हर परत खंगालने की शुरू हुई कवायद
- नौगई तिहरे हत्याकांड में नई शुरुआत, सीबीआई ने घटनास्थल और केस रिकॉर्ड का किया परीक्षण
- 25 दिन बाद सीबीआई की दस्तक, नौगई हत्याकांड की जांच अबकेंद्रीय एजेंसी के हाथों
- नौगई तिहरे हत्याकांड : निष्पक्ष जांच की उम्मीदों के बीच कोरिया पहुंची सीबीआई,हर पहलू की होगी पड़ताल
-रवि सिंह-
कोरिया/सोनहत,13 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। प्रदेश के सबसे चर्चित और जघन्य नौगई तिहरे हत्याकांड की जांच अब औपचारिक रूप से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के हाथों में पहुंच चुकी है,घटना के 25 दिन बाद और छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सोमवार को सीबीआई की छह सदस्यीय टीम कोरिया जिले पहुंची,टीम के जिले में पहुंचते ही इस बहुचर्चित मामले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है,मृतकों के परिजन, स्थानीय नागरिक और पूरे प्रदेश की निगाहें अब इस बात पर टिक गई हैं कि क्या सीबीआई इस हत्याकांड की उन परतों तक पहुंच पाएगी, जिनकी मांग पीडि़त परिवार पिछले कई दिनों से करता आ रहा है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई की टीम ट्रेन से कोरिया पहुंची,यहां पहुंचने के बाद टीम ने सबसे पहले चरचा कॉलरी स्थित विश्राम गृह (रेस्ट हाउस) में पहुंचकर कुछ समय विश्राम किया और प्रारंभिक तैयारियों के बाद सीधे नौगई गांव स्थित घटनास्थल के लिए रवाना हो गई, टीम के आगमन की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी सक्रिय हो गई थी,वहीं जिलेभर के मीडिया प्रतिनिधि भी सुबह से ही सीबीआई की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे।
केस डायरी और दस्तावेजों का किया परीक्षण-थाने में अधिकारियों ने मामले से संबंधित एफआईआर, केस डायरी,जब्ती पंचनामा,घटनास्थल निरीक्षण रिपोर्ट, गवाहों के बयान, विवेचना से जुड़े दस्तावेज तथा अन्य रिकॉर्ड का प्रारंभिक परीक्षण किया,सूत्रों के अनुसार सीबीआई का पहला उद्देश्य यह जानना है कि घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने किस प्रकार जांच की, किन परिस्थितियों में कार्रवाई की गई और विवेचना किस दिशा में आगे बढ़ी।
विवेचना अधिकारियों से पूछे गए कई सवाल-प्रारंभिक जांच के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने उन पुलिस अधिकारियों और विवेचना अधिकारियों से भी चर्चा की जो अब तक इस मामले की जांच कर रहे थे,उनसे यह जानकारी ली गई कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कौन-कौन से कदम उठाए, कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, किन साक्ष्यों को संकलित किया गया तथा किन बिंदुओं पर अभी जांच लंबित है,माना जा रहा है कि सीबीआई अभी पूरे प्रकरण को क्रमवार समझने का प्रयास कर रही है ताकि आगे की जांच वैज्ञानिक और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाई जा सके।
मीडिया दिनभर करती रही जानकारी लेने का प्रयास-सीबीआई टीम के जिले में पहुंचने के बाद स्थानीय और क्षेत्रीय मीडिया की सक्रियता भी पूरे दिन बनी रही, मीडिया प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से बातचीत करने और जांच की दिशा जानने का प्रयास किया, लेकिन सीबीआई के अधिकारी पूरी तरह गोपनीयता बनाए रखते हुए किसी भी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से बचते नजर आए, सीबीआई की यही कार्यप्रणाली मानी जाती है कि वह प्रारंभिक जांच के दौरान सार्वजनिक रूप से कोई जानकारी साझा नहीं करती।
अब सीबीआई दर्ज करेगी अपना अलग मामला-सूत्रों के अनुसार अगला महत्वपूर्ण कदम यह होगा कि सीबीआई इस प्रकरण को अपने यहां रेगुलर केस (आरसी) के रूप में दर्ज करेगी, इसके बाद इस मामले को सीबीआई का अलग केस नंबर मिलेगा और विवेचना पूरी तरह केंद्रीय एजेंसी के अधिकार क्षेत्र में आ जाएगी,इसके बाद जांच स्थानीय पुलिस की केस डायरी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सीबीआई अपने स्तर पर नए सिरे से साक्ष्य जुटाने,दस्तावेजों का परीक्षण करने और स्वतंत्र जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
सीडीआर और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बन सकते हैं अहम आधार-मृतकों के परिजनों की लंबे समय से मांग रही है कि सीबीआई केवल प्रत्यक्ष आरोपियों तक सीमित न रहे बल्कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर),मोबाइल लोकेशन, इलेक्ट्रॉनिक डेटा,डिजिटल साक्ष्य और संभावित संपर्कों की भी गहन जांच करे,परिजनों का मानना है कि घटना सुनियोजित थी और यदि सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाए तो पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।
पुलिस की भूमिका भी जांच के घेरे में आने की उम्मीद- पीडि़त परिवार लगातार यह मांग करता रहा है कि केवल आरोपियों की भूमिका ही नहीं बल्कि घटना से पहले और बाद में स्थानीय पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों की भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए,परिजनों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही,निर्णय संबंधी त्रुटि अथवा कर्तव्य निर्वहन में कमी रही है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए,अब जबकि सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है,ऐसे में यह उम्मीद जताई जा रही है कि एजेंसी पूरे घटनाक्रम का निष्पक्ष मूल्यांकन करेगी।
मृतकों के परिजनों को अब सीबीआई से न्याय की उम्मीद-घटना के बाद से लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे मृतकों और घायलों के परिजनों ने केंद्रीय एजेंसी के कोरिया पहुंचने पर संतोष व्यक्त किया है, उनका कहना है कि उन्हें विश्वास है कि अब जांच बिना किसी स्थानीय दबाव के आगे बढ़ेगी और हर पहलू की निष्पक्ष जांच होगी,परिजनों की मांग है कि इस मामले में केवल प्रत्यक्ष आरोपी ही नहीं बल्कि यदि किसी अन्य व्यक्ति, किसी प्रकार की साजिश,संरक्षण या लापरवाही की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
पूरे प्रदेश की निगाहें अब सीबीआई की अगली कार्रवाई पर-नौगई तिहरे हत्याकांड अब स्थानीय पुलिस की विवेचना से आगे बढ़कर देश की सर्वोच्च जांच एजेंसियों में शामिल सीबीआई के हाथों में पहुंच चुका है, पहले दिन के निरीक्षण और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आने वाले दिनों में गवाहों से पूछताछ, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच, घटनाक्रम का पुनर्निर्माण तथा संबंधित अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ की संभावना जताई जा रही है,जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और सीबीआई किन नए तथ्यों को सामने लाती है,इस पर केवल कोरिया जिले ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं,अब पीडि़त परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि लंबे इंतजार के बाद शुरू हुई यह जांच उन्हें निष्पक्ष न्याय तक पहुंचाने का माध्यम बने।
घटनास्थल पर पहुंचकर समझा पूरा घटनाक्रम…– सीबीआई अधिकारियों ने सबसे पहले उस स्थान का विस्तृत निरीक्षण किया जहां 16 और 17 जून की दरमियानी रात जघन्य वारदात हुई थी,अधिकारियों ने घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति, वाहनों की लोकेशन,संभावित आवाजाही के रास्ते तथा पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया,बताया जा रहा है कि टीम ने घटनास्थल पर काफी समय बिताया और वहां मौजूद परिस्थितियों का बारीकी से अध्ययन किया। माना जा रहा है कि सीबीआई वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र रूप से पुनर्समीक्षा करेगी।
सोनहत थाना पहुंचकर देखे जब्त वाहन और केस रिकॉर्ड– घटनास्थल के निरीक्षण के बाद सीबीआई की टीम सीधे सोनहत थाना पहुंची,यहां अधिकारियों ने इस प्रकरण में जब्त की गई जली हुई वाहन,अन्य क्षतिग्रस्त गाडि़यां तथा पुलिस द्वारा सुरक्षित रखे गए अन्य भौतिक साक्ष्यों का निरीक्षण किया, सीबीआई ने यह समझने का प्रयास किया कि स्थानीय पुलिस ने अब तक किन-किन साक्ष्यों को सुरक्षित रखा है, उनकी स्थिति क्या है और आगे की जांच में उनका किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है।
पहले चरण में पुलिस अधिकारियों से होगी विस्तृत पूछताछ– जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पहले चरण में सीबीआई स्थानीय पुलिस अधिकारियों और उन कर्मचारियों से पूछताछ कर सकती है जिन्होंने घटना के बाद विवेचना की थी,सीबीआई यह समझना चाहेगी कि घटना से पहले पुलिस के पास क्या जानकारी थी? सूचना मिलने के बाद कितनी तेजी से कार्रवाई की गई? घटनास्थल पर पहुंचने में कितना समय लगा? किन परिस्थितियों में गिरफ्तारियां हुईं? कौन-कौन से वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए गए? किन बिंदुओं पर अभी जांच बाकी है? इन सभी पहलुओं के आधार पर आगे की जांच की दिशा तय की जाएगी।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur