Breaking News

नई दिल्ली@गो हत्या बैन के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

Share

कहा- इसमें सुधार की जरूरत,मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था…ये इस्लाम में जरूरी प्रथा नहीं
नई दिल्ली,13 जुलाई 2026। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें तमिलनाडु सरकार को बकरीद या किसी भी दिन राज्य में गाय-बछड़ों के वध पर रोक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस आदेश में सुधार की जरूरत है। राज्य सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट के 27 मई के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया कि जब कानून तय श्रेणी की गायों के वध की अनुमति देता है, और उसके लिए निर्धारित स्थान भी तय हैं, तब अदालत का ऐसा निर्देश कानून के प्रावधानों के विपरीत है। इसे कायम नहीं रखा जा सकता। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने आज इस मामले में नोटिस जारी किया और हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी।
मद्रास हाईकोर्ट ने कुर्बानी रोकने को कहा था : मद्रास हाईकोर्ट ने 27 मई को ( बकरीद से एक दिन पहले) तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया था कि राज्य में बकरीद या किसी अन्य दिन गाय और बछड़ों की कुर्बानी न हो। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायण की बेंच ने कहा- संविधान सभा की बहस में कहा गया था कि गाय भारत में पूजनीय मानी जाती है। भगवान कृष्ण के समय से हमारी संस्कृति का हिस्सा रही है। कई मुस्लिम शासकों ने भी गोहत्या पर रोक लगाई थी। महात्मा गांधी भी गो संरक्षण को बहुत महत्वपूर्ण मानते थे।
हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 48 का हवाला दिया था…
हाईकोर्ट ने कहा था कि संविधान का अनुच्छेद 48 राज्य सरकार को गाय,बछड़ों और दुधारू-पशुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाने का निर्देश देता है। कोर्ट ने तमिलनाडु एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट, 1958 की धारा-4 का उल्लेख किया। इसमें कहा गया है कि 10 साल से ज्यादा उम्र और प्रजनन के अयोग्य पशु को ही प्रमाणपत्र मिलने के बाद काटा जा सकता है। अदालत ने कहा कि इस प्रावधान की सख्ती से व्याख्या होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि अगर किसी पशु की कुर्बानी दी जाती है तो वह केवल निर्धारित जगहों पर ही होनी चाहिए। सार्वजनिक स्थानों या सड़कों पर ऐसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा था कि संविधान सभा की बहस के दौरान भी इस बात पर जोर दिया गया था कि गाय भारतीय सभ्यता में पूजनीय रही है और भगवान कृष्ण के समय से उसका विशेष महत्व रहा है। यह जानकारी अदालत में दाखिल याचिका और न्यायिक आदेश के आधार पर सामने आई है।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा था-बकरीद पर गाय की कुर्बानी जरूरी नहीं
20 मई को कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की पशु वध संबंधी गाइडलाइन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि बिना जरूरी फिटनेस सर्टिफिकेट के गाय, भैंस, बैल या बछड़े का वध नहीं किया जा सकता।


Share

Check Also

नई दिल्ली@बद्रीनाथ मंदिर चंदा चोरी मामले में आरोपी प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार

Share नई दिल्ली,13 जुलाई 2026। बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं और …

Leave a Reply