कोतवाली पुलिस ने राहुल सिंह को भेजा जेल,पहले से दर्ज है आपराधिक मामला…कानून का डर खत्म होने पर उठा सवाल
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,16 जून 2026 (घटती-घटना)। अंबिकापुर के मायापुर क्षेत्र में एक युवक को पुलिस में शिकायत करना महंगा पड़ गया। आरोप है कि पहले मारपीट का शिकार बने युवक ने जब थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई तो आरोपी इस कदर नाराज हो गया कि अपने साथी के साथ मिलकर दोबारा रास्ता रोक लिया और शिकायत वापस लेने के दबाव में उसके साथ गाली-गलौज,मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। मामले में कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी राहुल सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कुछ असामाजिक तत्वों में कानून का भय इतना कम क्यों होता जा रहा है कि पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद भी वे खुलेआम पीडि़तों को निशाना बनाने से नहीं डरते।
पहले मारपीट,फिर शिकायत पर भड़का आरोपी : पुलिस के अनुसार मायापुर निवासी 25 वर्षीय आकाश जायसवाल ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि 16 मई 2026 को राहुल सिंह ने उसका रास्ता रोककर मारपीट की थी। इस घटना की रिपोर्ट उसने 17 मई को थाना कोतवाली में दर्ज कराई। आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद जब आकाश अपने घर लौट रहा था,तभी चांदनी चौक के पास शास्त्री ऑटो के नजदीक राहुल सिंह अपने साथी गोलू पंडित के साथ पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराने की बात को लेकर विवाद शुरू कर दिया। पीडि़त के अनुसार आरोपियों ने पहले अश्लील गाली-गलौज की,फिर जान से मारने की धमकी देते हुए बेल्ट, रॉड और हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। इतना ही नहीं, मुख्य आरोपी राहुल सिंह ने कथित रूप से पीडि़त के हाथ में दांत से काट लिया। हमले में युवक को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं।
क्या शिकायतकर्ता सुरक्षित हैं? घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि पहली घटना की शिकायत पुलिस तक पहुंचने के बाद भी आरोपी का हौसला कम नहीं हुआ। उल्टा शिकायतकर्ता को ही निशाना बनाया गया। यह स्थिति कानून-व्यवस्था को लेकर कई प्रश्न खड़े करती है। यदि कोई व्यक्ति अपराध की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी सुरक्षित महसूस नहीं करता तो आम लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हो सकता है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ दूसरा अपराध दर्ज किया और गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
पहले से दर्ज है आपराधिक रिकॉर्ड : पुलिस के अनुसार आरोपी राहुल सिंह के विरुद्ध थाना कोतवाली में पहले से भी एक आपराधिक मामला दर्ज है। रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 318/2026 के तहत मामला पंजीबद्ध है। यही कारण है कि पुलिस ने उसे आदतन अपराधी मानते हुए सख्त कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी द्वारा बार-बार अपराध किए जाने की प्रवृत्ति सामने आई है, जिसके चलते उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई।
घर में दबिश देकर पकड़ा गया आरोपी : मामला दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने मायापुर चांदनी चौक स्थित उसके निवास पर दबिश देकर घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 32 वर्षीय राहुल सिंह पिता विनोद सिंह निवासी मायापुर चांदनी चौक के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
बढ़ती गुंडागर्दी पर चिंता : शहर में लगातार सामने आ रही मारपीट और धमकी की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। खासकर ऐसे मामलों में जहां आरोपी शिकायत दर्ज होने के बाद भी पीडि़त को निशाना बनाते हैं, वहां कानून के प्रति सम्मान और पुलिस कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे आदतन अपराधियों पर प्रभावी निगरानी और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया भी जरूरी है ताकि वे दोबारा अपराध करने से बचें।
जनता के मन में सवाल
– यदि आरोपी के खिलाफ पहले से मामला दर्ज था तो उसकी गतिविधियों पर निगरानी क्यों नहीं थी?
– शिकायत दर्ज होने के कुछ घंटों बाद ही पीडि़त पर दोबारा हमला कैसे हो गया?
– फरार साथी गोलू पंडित के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
– क्या ऐसे आदतन आरोपियों की सूची बनाकर विशेष निगरानी की जा रही है?
फिलहाल कोतवाली पुलिस की कार्रवाई से मुख्य आरोपी जेल पहुंच गया है, लेकिन यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि अपराधियों के मन में कानून का भय बनाए रखना केवल गिरफ्तारी से नहीं, बल्कि लगातार और प्रभावी कानूनी कार्रवाई से ही संभव है।
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