Breaking News

बैकुंठपुर/सोनहत@ आजादी के बाद पहली बार रोशनी से जगमगाएगा वनांचल

Share


गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के गांवों तक पहुंचेगी नियमित बिजली,14.88 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी
-राजन पाण्डेय-
बैकुंठपुर/सोनहत 17 मई 2026 (घटती-घटना)।
गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के घने जंगलों के बीच बसे हजारों ग्रामीणों के लिए एक ऐतिहासिक और लंबे इंतजार के बाद राहत देने वाली खबर सामने आई है, आजादी के बाद दशकों तक अंधेरे में जीवन गुजारने को मजबूर वनांचल क्षेत्र अब पहली बार नियमित बिजली की रोशनी से जगमगाने जा रहा है, छत्तीसगढ़ सरकार ने इस महत्वाकांक्षी विद्युत परियोजना के लिए 14.88 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है, इसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जंगलों के बीच से लगभग 87 किलोमीटर लंबी हाईटेंशन लाइन बिछाकर दूरस्थ गांवों तक बिजली पहुंचाई जाएगी, इस परियोजना से 7 ग्राम पंचायतों के लगभग 2005 घरों में रहने वाली करीब 8722 आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। वर्षों से बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित लोगों के लिए यह योजना केवल एक सरकारी परियोजना नहीं, बल्कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर जीवन की नई उम्मीद बनकर सामने आई है।
दशकों से अंधेरे में जी रहा था वनांचल
कोरिया जिले के वनांचल ब्लॉक सोनहत का रामगढ़ क्षेत्र लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा था। यह पूरा इलाका घने जंगलों और टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसके कारण यहां सामान्य विकास कार्यों को लागू करना बेहद कठिन माना जाता रहा है, आजादी के बाद भी यहां के कई गांव नियमित बिजली व्यवस्था से वंचित रहे,ग्रामीणों का जीवन लालटेन, ढिबरी और सीमित सोलर लाइट के भरोसे चलता था। रात होते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता था, गांवों में रहने वाले बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सामान्य जीवन व्यवस्था बिजली की कमी से लगातार प्रभावित होती रही।
इन गांवों और पाराओं तक पहुंचेगी बिजली
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के बहरासी सब स्टेशन से रामगढ़ क्षेत्र के कई गांवों और पाराओं तक नियमित बिजली पहुंचाई जाएगी, परियोजना में शामिल प्रमुख गांव और पारा इस प्रकार हैं, नटवाही, चुलांदर, रामगढ़, एतवार, सिंघोर, पश्चिमपारा, खैरवारीपारा,उज्जावं,अमृतपुर और भरतपुर ब्लॉक का ग्राम छाप इन सभी क्षेत्रों में पहली बार नियमित विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
वनांचल का प्रशासनिक केंद्र है रामगढ़-रामगढ़ क्षेत्र केवल ग्रामीण इलाका नहीं, बल्कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र भी है, यहां कई प्रमुख सरकारी कार्यालय संचालित हैं, जिनमें, पुलिस चौकी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप तहसील कार्यालय, वन परिक्षेत्र कार्यालय, और आदिम जाति सेवा सहकारी समिति शामिल हैं, बिजली पहुंचने के बाद इन संस्थानों की कार्यप्रणाली में बड़ा सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है, विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं, दस्तावेजी कार्य और प्रशासनिक गतिविधियों में सुविधा बढ़ेगी।
परियोजना में क्या-क्या होगा शामिल
राजेश लकड़ा के अनुसार इस परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर विद्युत ढांचा विकसित किया जाएगा, परियोजना में शामिल होंगे, 87 किलोमीटर हाईटेंशन लाइन, 66 किलोमीटर लो टेंशन लाइन, 32 नए ट्रांसफार्मर, और जंगल क्षेत्र से होकर विशेष तकनीकी विद्युत विस्तार कार्य, अधिकारियों के अनुसार यह कार्य तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन क्षेत्रीय विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
शिक्षा और स्वास्थ्य को मिलेगा बड़ा लाभ- बिजली पहुंचने का सबसे बड़ा फायदा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में देखने को मिलेगा, बच्चों को अब रात में बेहतर रोशनी मिलेगी, जिससे पढ़ाई आसान होगी, स्कूलों में डिजिटल शिक्षा और तकनीकी संसाधनों का उपयोग बढ़ सकेगा, वहीं स्वास्थ्य केंद्रों में, वैक्सीन संरक्षण,बिजली आधारित चिकित्सा उपकरण, रात में इलाज, और आपातकालीन सेवाएं बेहतर तरीके से संचालित हो सकेंगी।
वनांचल में शुरू होगा विकास का नया दौर
गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के गांवों तक बिजली पहुंचाने की यह योजना केवल तार और ट्रांसफार्मर लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हजारों लोगों के जीवन में बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है,दशकों से अंधेरे में जीवन जी रहे ग्रामीणों के लिए यह परियोजना नई उम्मीद,बेहतर भविष्य और विकास की नई रोशनी लेकर आने वाली है, अब लोगों को उस दिन का इंतजार है जब पहली बार उनके गांवों की गलियां नियमित बिजली की रोशनी से जगमगाएंगी और वनांचल का अंधेरा इतिहास बन जाएगा।
राष्ट्रीय उद्यान और जंगल बना बड़ी बाधा-
रामगढ़ और आसपास का यह क्षेत्र पहले राष्ट्रीय उद्यान घोषित था और वर्तमान में गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व का हिस्सा है, वन संरक्षण से जुड़े कड़े नियमों और पर्यावरणीय अनुमति की जटिल प्रक्रिया के कारण यहां बिजली लाइन पहुंचाना लंबे समय तक संभव नहीं हो पाया, विकासखंड मुख्यालय सोनहत से रामगढ़ तक लगभग 35 किलोमीटर का घनघोर जंगल पड़ता है। इस कठिन भौगोलिक क्षेत्र में बिजली लाइन विस्तार तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तर पर चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था, इसी वजह से वर्षों तक ग्रामीण नियमित बिजली सुविधा से वंचित रहे।
सोलर व्यवस्था भी नहीं बन सकी स्थायी समाधान-
ग्रामीणों को अस्थायी राहत देने के लिए पहले सोलर सिस्टम उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन वह भी स्थायी समाधान साबित नहीं हो सके, स्थानीय लोगों के अनुसार सोलर बैटरियों का बैकअप बेहद सीमित था और कुछ घंटों के बाद पूरा इलाका फिर अंधेरे में डूब जाता था, बरसात और बादल वाले मौसम में स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती थी, मोबाइल चार्जिंग, बच्चों की पढ़ाई और रात के समय जरूरी कामों में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था, कई गांवों में स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था भी बिजली के अभाव में प्रभावित होती रही।
भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी की सक्रियता लाई रंग
इस बड़ी उपलब्धि के पीछे स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, देवेंद्र तिवारी के नेतृत्व में स्थानीय प्रतिनिधियों ने लगातार शासन और विभागीय अधिकारियों के सामने वनांचल क्षेत्र की बिजली समस्या को उठाया, बताया गया कि भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ज्ञापन सौंपकर इस क्षेत्र में नियमित बिजली व्यवस्था की मांग की थी, इस दौरान मंडल अध्यक्ष राजाराम राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य शिव कुमारी सोनपाकर, जिला मंत्री ईश्वर, जनपद अध्यक्ष आशा देवी सोनपाकर, जी राजवाड़े, मनोज साहू और सुरेश राजवाड़े सहित कई जनप्रतिनिधि सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
एमडी भीम सिंह कंवर की पहल से बढ़ी प्रक्रिया
मामले को गति तब मिली जब भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने रायपुर में बिजली विभाग के एमडी भीम सिंह कंवर से मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं को विस्तार से रखा, मामले की गंभीरता को देखते हुए एमडी ने स्वयं रामगढ़ क्षेत्र का दौरा किया और जमीनी हालात का निरीक्षण किया, इसके बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा तेजी से सर्वे कराया गया और कुछ ही समय में 14.88 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे दी गई, फिलहाल टेंडर और एनओसी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ग्रामीणों में खुशी और उम्मीद का माहौल
नियमित बिजली मिलने की खबर के बाद पूरे रामगढ़ क्षेत्र में खुशी का माहौल है, ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक अंधेरे में जीवन बिताया, लेकिन अब उनके बच्चों और आने वाली पीढि़यों का भविष्य रोशनी से जुड़ने जा रहा है, स्थानीय लोगों ने इसे वनांचल के विकास का नया अध्याय बताया है।
अंतिम व्यक्ति तक विकास का उदाहरण
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास नीति और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन मॉडल का उदाहरण बताया है, उनका कहना है कि सरकार अब उन क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचा रही है जो दशकों से विकास की मुख्यधारा से दूर रहे।


Share

Check Also

अम्बिकापुर@ ट्रैक्टर ट्रॉली चोरी का खुलासा

Share .गांधीनगर पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार,चोरी की ट्रॉली और छोटा हाथी वाहन …

Leave a Reply