सूरजपुर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का विपक्ष पर हमला
प्रेस वार्ता में कहा-महिलाओं के अधिकारों को राजनीतिक स्वार्थ ने रोका, सरकार सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध
सूरजपुर,24 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासत अब तेज होती नजर आ रही है, सूरजपुर के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस अधिनियम को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया और एक बड़ा अवसर खो दिया गया।
सूरजपुर में आयोजित इस प्रेस वार्ता ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है, जहां सरकार इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष पर इसे रोकने के आरोप लगाए जा रहे हैं,अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह मुद्दा किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर कोई ठोस पहल सामने आती है।
प्रेस वार्ता में नेताओं की मौजूदगी- शुक्रवार को आयोजित इस प्रेस वार्ता में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के साथ अनिल सिंह मेजर भी मौजूद रहे,कार्यक्रम में प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी,भाजपा जिला अध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष रेखा राजवाड़े, जनपद पंचायत अध्यक्ष स्वाति सिंह, जिला उपाध्यक्ष संत सिंह, जिला मंत्री राजेश्वर तिवारी, रितेश गुप्ता, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष देव गुप्ता सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और महिला मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
महिलाओं के सम्मान का महायज्ञ था यह अधिनियम- मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और अब समय आ गया था कि देश की आधी आबादी को नीति-निर्धारण में समान भागीदारी दी जाए, उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ‘नारी शक्ति के सम्मान का महायज्ञ’ बताते हुए कहा कि सरकार ने सभी दलों से सहयोग की अपील की थी, ताकि महिलाओं को उनका अधिकार मिल सके।
विपक्ष पर तीखा हमला- मंत्री राजवाड़े ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस महत्वपूर्ण पहल को समर्थन नहीं दिया, हमारी माताओं, बहनों और बेटियों ने वर्षों से इस अवसर का इंतजार किया, लेकिन विपक्ष ने उन्हें फिर से इंतजार करने पर मजबूर कर दिया,’ उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के भविष्य और दिशा से जुड़ा विषय है।
महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर चिंता- प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि लंबे समय तक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने इसे प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाया, लेकिन विपक्ष की भूमिका इसमें निराशाजनक रही।
ऐतिहासिक संदर्भों का जिक्र- मंत्री राजवाड़े ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि पूर्व में महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कई निर्णय राजनीतिक कारणों से प्रभावित हुए हैं, अब सरकार उन कमियों को दूर करने और महिलाओं को निर्णय लेने के उच्च स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह- प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और महिला मोर्चा के पदाधिकारियों में खासा उत्साह देखने को मिला, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने इस मुद्दे की राजनीतिक अहमियत को भी दर्शाया।
क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम?-नारी शक्ति वंदन अधिनियम का मुख्य उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करना है, इसका मकसद महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना और उन्हें नीति-निर्धारण में अधिक प्रभावी भूमिका देना है, ताकि लोकतंत्र में संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।
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