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बैकुण्ठपुर@ नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भाजपा का हमला

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कहा विपक्ष के स्वार्थ ने रोका ऐतिहासिक मौका
बैकुण्ठपुर प्रेसवार्ता में महापौर संजूदेवी राजपूत का बयान…महिलाओं की भागीदारी से तय होती देश की दिशा
बैकुण्ठपुर 24 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)।
बैकुण्ठपुर में भाजपा महिला मोर्चा की प्रेसवार्ता में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासी तापमान तेज हो गया, कोरबा नगर निगम की महापौर संजूदेवी राजपूत ने इस अधिनियम को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला, उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि देश की राजनीति, दिशा और नियति तय करने वाला बदलाव है, जिसे विपक्ष ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते पूरा नहीं होने दिया। बैकुण्ठपुर में आयोजित इस प्रेसवार्ता ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासी बहस को और तेज कर दिया है,भाजपा जहां इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है,वहीं विपक्ष पर राजनीतिक स्वार्थ का आरोप लगा रही है, अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह मुद्दा किस दिशा में जाता है और क्या वाकई महिलाओं की भागीदारी को लेकर कोई ठोस कदम सामने आता है।
प्रेसवार्ता में जुटे भाजपा के कई चेहरे- विश्राम गृह बैकुण्ठपुर में आयोजित इस प्रेसवार्ता में भाजपा महिला मोर्चा और संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, कार्यक्रम में मुख्य रूप से महापौर संजूदेवी राजपूत के साथ जिला पंचायत उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रीता यादव, नगर पालिका अध्यक्ष नविता शिवहरे, नगर पंचायत अध्यक्ष गायत्री सिंह, जिला मीडिया प्रभारी तीरथ राजवाड़े, मंडल अध्यक्ष अनिल खटिक और महिला मोर्चा जिला मंत्री ऑचल सिंह परमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नारी शक्ति भारत की पहचान,अधिनियम था ऐतिहासिक अवसर-महापौर संजूदेवी राजपूत ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सभ्यता और लोकतंत्र में नारी शक्ति का विशेष स्थान रहा है, उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए देश की आधी आबादी को नीति-निर्धारण में सक्रिय भागीदारी देने का प्रयास किया गया था, उनके अनुसार, यह अधिनियम महिलाओं के लिए एक ‘महायज्ञ’ के समान था, जो देश को नई दिशा देने में सक्षम होता।
महिलाओं के प्रतिनिधित्व को कमजोर किया गया-उन्होंने स्पष्ट कहा कि विपक्ष के रुख के कारण महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सबसे ऊंचे स्तर पर कमजोर किया गया है, राजपूत के अनुसार, महिलाओं को नीति निर्धारण की मेज पर जगह मिलने से रोका गया,जो देश के लोकतंत्र के लिए एक बड़ा झटका है।
विपक्ष पर सीधा आरोप : ‘राजनीतिक स्वार्थ बना बाधा ‘– महापौर राजपूत ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि 30 वर्षों तक महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण में देरी करने वाला विपक्ष एक बार फिर उनके अधिकारों के रास्ते में खड़ा हो गया, उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए महिलाओं के हितों को नजरअंदाज किया और देश की महिलाओं को निराश किया।
यह राजनीतिक मुद्दा नहीं,सोच का सवाल- महापौर ने कहा कि यह विषय राजनीति से परे होना चाहिए था, लेकिन विपक्ष ने इसे भी राजनीतिक लाभ-हानि के चश्मे से देखा, उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का रवैया महिलाओं के प्रति नकारात्मक रहा है और यह उनके व्यवहार में भी साफ झलकता है।
पंचायत आरक्षण पर भी उठाए सवाल- राजपूत ने विपक्ष पर पंचायतों में महिलाओं के आरक्षण का श्रेय लेने पर भी सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर आरक्षण इसलिए स्वीकार किया गया क्योंकि वहां उनकी राजनीतिक स्थिति को कोई खतरा नहीं था, लेकिन शीर्ष स्तर पर उन्होंने महिलाओं को आगे आने से रोका।
हर बार समर्थन का दिखावा,लेकिन शर्तों का खेल- महापौर ने कहा कि विपक्ष हमेशा इस बिल के समर्थन की बात करता रहा, लेकिन हर बार कोई न कोई शर्त जोड़ देता था, उन्होंने इसे ‘समर्थन के नाम पर दिखावा’ बताते हुए कहा कि असल में विपक्ष कभी भी इस बिल को पास नहीं होने देना चाहता था।
मोदी सरकार की योजनाओं का जिक्र- प्रेसवार्ता में महापौर राजपूत ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 से पहले महिलाओं की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी, उन्होंने कहा कि महिलाओं को शौचालय, गैस कनेक्शन, पानी और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता था, मोदी सरकार ने इन क्षेत्रों में काम कर महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार किया है।
महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध- राजपूत ने कहा कि भाजपा के लिए यह मुद्दा राजनीतिक लाभ का नहीं,बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण का है, उन्होंने कहा कि पार्टी महिलाओं के अधिकार, सम्मान और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
महिलाएं नहीं भूलेंगी यह फैसला- महापौर ने कहा कि देश की महिलाएं उन लोगों को कभी माफ नहीं करेंगी, जिन्होंने उनके अधिकारों के रास्ते में बाधा डाली है, उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाएं खुद इस मुद्दे पर निर्णय लेंगी और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगी।
कार्यक्रम में उत्साह और सहभागिता– प्रेसवार्ता के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला, संतोष राजवाड़े, शरद नाविक, सीमा साहू, शीतल साहू, तोता रानी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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