नीयत में खोट को नारी शक्ति माफ नहीं करेगी : पीएम मोदी

नई दिल्ली,16 अप्रैल 2026। पीएम मोदी ने गुरुवार को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर कहा कि हमारे देश में जब जब चुनाव आया है उसमें महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है। उसका हाल बुरे से बुरा किया है। कभी माफी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि इसलिए जिनको भी इसमें राजनीति की बू आ रही है वो खुद के परिणामों को देख लें। इसी में फायदा है जो नुकसान हो रहा है उससे बच जाओगे। इसलिए इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है। इसलिए हमारी नीयत की खोट को देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा…अब भारतीय जनता पार्टी नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही है। जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा वे उसके मान सम्मान को कैसे रखेंगे। बिलों पर चर्चा के लिए 15 घंटे का समय तय किया गया है। आज 4 बजे वोटिंग की जाएगी। संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है।
कांग्रेस सांसद बोले…यह संविधान और संघीय सिद्धांतों के खिलाफ है…
महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, यह संविधान और संघीय सिद्धांतों के खिलाफ है। यह देश की एकता के भी खिलाफ है। वे ये प्रस्ताव केवल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए लाए हैं। मोदी ने कहा- हमारे यहां परंपरा है किसी की नजर न लगे इसके लिए काला टीका लगाते हैं, इसलिए मैं आपका (डीएमके) धन्यवाद करता हूं। दरअसल, पीएम ने डीएमके का नाम लिए बिना जिक्र किया। डीएमके सांसद आज परिसीमन बिल का विरोध करने के लिए काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे थे।
पीएम बोले- इस बिल को राजनीति के तराजू से न तौलें
पीएम ने कहा कि मैं आग्रह करूंगा कि सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं। इससे ट्रेजरी पर भी दवाब रहता है। मैं इतना ही कहूंगा कि इसको राजनीति के तराजू से न तौलें। देश के इतने बड़े देश का आधा जिम्मा जो उठा रहे हैं उन्हें रोकना नहीं चाहिए। संख्या के संबंध में भी एकमत पहले से था, कि जो हैं उनका कम मत करो, ज्यादा कर दो। ताकि किसी को ऐसा न लगे कि मैं छूट गया।
मोदी बोले- महिलाएं समस्याओं का समाधान अच्छे से ढूंढती हैं
पीएम ने कहा- हमारी संसदीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी आंकड़ों का खेल या लोकतंत्रिक व्यवस्था में सुधार तक सीमित नहीं हैं। लोकतंत्र की जननी के रूप में ये निर्णय भारत का कमिटमेंट है। इसी के कारण पंचायतों में यह व्यवस्था बनी। हमने अनुभव किया है कि मुझे लंबे अरसे तक मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने का जनता ने अवसर दिया। उसी दौरान ग्रासरूट लेवल पर वीमन लीडरशिप को देखा है। मेरा अनुभव है कि संवेदनशीलता के साथ समस्याओं के समाधान के लिए उनका कमिटमेंट अद्भुत रहा है। इस सदन में उनकी आवाज नई शक्ति बनेगी। तथ्य और तर्कों के आधार पर अनुभव जब जुड़ता है तो नया परिणाम आतता है।नारी शक्ति बहुत अच्छा सहयोग देंगी। आज भी जो बहनें यहां हैं उन्होंने सदन को समृद्ध किया है। आज देश में 650 से ज्यादा पंचायतें, 275 से ज्यादा महिलाएं हैं।
आज देश में अर्बन लोकल बॉडीज में भीबहनेों की ताकत है। आज देश जो प्रगति कर रहा है उसमें महिलाओं का योगदान है। जब ये अनुभव सदन के साथ जुड़ेगा तब वह अनेक गुना ताकत बढ़ा देगा। एक लंबी प्रतीक्षा, एक प्रकार से हम सबके लिए सवालिया निशान पैदा हो, ये हमने ही किया था। पुरानी जो मुश्किलें रही होंगी उससे बाहर निकलें। और नारी शक्ति का राष्ट्र के विकास में सहयोगी बनाएं।
मैं के्रडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं : पीएम मोदी
यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नहीं होगा। फिर अलग पहलू हो जाता है। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं। सबकी फोटो छपवा देंगे। ले लो जी क्रेडिट। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।
इस बिल को राजनीति के तराजू से न तौलें : पीएम बोले…
पीएम ने कहा कि मैं आग्रह करूंगा कि सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं। इससे ट्रेजरी पर भी दवाब रहता है। मैं इतना ही कहूंगा कि इसको राजनीति के तराजू से न तौलें। देश के इतने बड़े देश का आधा जिम्मा जो उठा रहे हैं उन्हें रोकना नहीं चाहिए। संख्या के संबंध में भी एकमत पहले से था, कि जो हैं उनका कम मत करो, ज्यादा कर दो। ताकि किसी को ऐसा न लगे कि मैं छूट गया।
बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं : प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने कहा कि वे कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए। बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं। सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे। 2023 में मोदी सरकार ने जब यह बिल पास किया तो हमने उसका समर्थन किया। आज भी उसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि कांग्रेस इसका समर्थन नहीं करेगी। हम डटकर खड़े हैं। आज की चर्चा महिला आरक्षण पर नहीं है। मैंने इसका प्रारूप पढ़ा है। सबसे पहले इसमें लिखा है कि महिला आरक्षण 2029 तक लागू हो, हम सहमत हैं। दूसरा है कि सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाई जाएगी। इसके लिए परिसीमन आयोग बनाया जाएगा जो 2011 की जनगणना को आधार बनाएगा।
महिला जागृत है तो पूरा समाज जागृत हो जाता है : अखिलेश
भाजपा ये बताए कि 21 स्टेट में उनकी सरकारें हैं कितनी मुख्यमंत्री महिलाएं हैं। जो दिल्ली की हैं भी वे हाफ सीएम हैं। अधिकार कहां हैं उनके? क्या उनके पास हैं? अभी तक जो सबसे बड़ी पार्टी है कहते हैं खुद को। पूरे देश में इनके विधायक चुने हैं। आप 10 प्रतिशत से ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। फिर लोकसभा की गिनती में कितनी संख्या में आप हैं? जहां हम कहते हैं कि हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, वहीं हमारे कुछ सवाल हैं। अगर हम अपनी बात कहना चाहें तो डॉ. राममनोहर लोहिया ने हमेशा महिलाओं को पुरुषों के बराबर हिस्सेदारी हर क्षेत्र में देने की बात कही गई है।
इंडी गठबंधन की बैठक में महिला आरक्षण पर समर्थन,परिसीमन का विरोध
संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के शुरू होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में विपक्षी इंडी गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई। विपक्षी दलों के सदन के नेताओं ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे के कार्यालय में मुलाकात कर रणनीति बनाई। इस विशेष बैठक में तीन अहम विधेयक, जिनमें 2029 के लोकसभा चुनावों में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने और चुनाव क्षेत्रों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण से जुड़े बिल शामिल हैं पर चर्चा की गई। विपक्ष ने सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने और परिसीमन के प्रावधानों पर चिंता जताई है। बैठक में राहुल गांधी, जयराम रमेश, सैयद नसीर हुसैन, प्रमोद तिवारी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) से सुप्रिया सुले, शिवसेना यूबीटी से संजय राउत, तृणमूल कांग्रेस से सागरिका घोष समेत तमाम नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर लिखा कि विपक्ष संसद को महिला आरक्षण के नाम पर लाए गए दोषपूर्ण परिसीमन विधेयकों से हाईजैक नहीं होने देगा। विपक्षी दल एकजुट हैं और लोकतंत्र पर इस हमले का डटकर मुकाबला करेंगे। आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण विधेयक का पूरा समर्थन करता है, लेकिन परिसीमन प्रक्रिया का विरोध करता है।
अखिलेश और अमित शाह के बीच तीखी नोकझोंक
धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि देश में जनगणना की प्रक्रिया जारी है और जातियों के साथ ही यह जनगणना होगी। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म के आधार पर मुसलमानों को आरक्षण गैर-संवैधानिक है। लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से संबंधित तीन विधेयकों को पेश किये जाते समय समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव की कुछ टिप्पणियों का जवाब देते हुए शाह ने ये बातें कहीं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में आज संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 पेश किए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया। इस दौरान लोकसभा में उस समय तीखी बहस हुई जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण विधेयक पेश करने में केंद्र की जल्दबाजी पर सवाल उठाया। उन्होंने हाल ही में हुई जनगणना न होने पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि सरकार जाति के आधार पर गिनती करने से बच रही है। यह तब हुआ जब केंद्र ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश किया, जो संसद के चल रहे विशेष सत्र के दौरान एक बड़ा कानूनी कदम है। बहस में हिस्सा लेते हुए, अखिलेश यादव ने कहा कि, केंद्र महिला आरक्षण के लिए इतनी जल्दी क्यों कर रहा है। पहले जनगणना से शुरू करें। उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी सैद्धांतिक रूप से महिला आरक्षण का समर्थन करती है लेकिन डिलिमिटेशन यानी कि परिसीमन के जरिए इसे लागू करने का विरोध करती है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार जाति जनगणना और आरक्षण बढ़ाने की मांग से बचने के लिए जानबूझकर जनगणना में देरी कर रही है। आलोचना का जवाब देते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जनगणना का काम पहले ही शुरू हो चुका है और सदन को भरोसा दिलाया कि जाति-आधारित जनगणना भी की जाएगी। शाह ने कहा, देश भर में जनगणना की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, और उसके बाद, हम जाति-आधारित जनगणना भी करेंगे। अभी, घरों की लिस्टिंग चल रही है। घर किसी खास जाति के नहीं हैं। अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, अगर समाजवादी पार्टी की चली, तो वह घरों को भी जाति के नाम से बताएगी। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाते हुए कहा कि, जनगणना जाति जनगणना के साथ ही होगी।
थरूर बोले- परिसीमन पर कई सवाल, सरकार 2 दिन में निपटाना चाहती है…
महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि हमें महिला आरक्षण से कोई दिक्कत नहीं है। वे इसे तुरंत लागू कर सकते हैं, लेकिन इसमें परिसीमन को क्यों शामिल किया जा रहा है। ये हमारा सवाल है क्योंकि परिसीमन से जुड़े कई मुद्दे हैं। इस पर लंबी चर्चा की जरूरत है,लेकिन वे इसे 2-3 दिनों में ही निपटा देना चाहते हैं, जो मुमकिन नहीं है। दक्षिणी राज्यों के भी इस पर बड़े सवाल हैं। अगर सरकार सच में यह महिला आरक्षण चाहती है, तो वे इसे 2023 में ही कर सकते थे।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur