- संकल्प मॉडल पर आधारित होंगी स्वास्थ्य सेवाएँ,विधानसभा में 6,976 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित
- जीवन की रक्षा का संकल्प,स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ा रोडमैप रखा
- कैशलेस इलाज से लेकर नए मेडिकल कॉलेज तक—स्वास्थ्य बजट में कई बड़े फैसले
- संकल्प मॉडल से मजबूत होगा स्वास्थ्य तंत्र,कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज
- रायपुर में बनेगी मध्य भारत की सबसे बड़ी खाद्य-औषधि प्रयोगशाला,स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार
- प्रदेश में 25 नए डायलिसिस केंद्र और 300 एम्बुलेंसः स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की घोषणा
- स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगी नई ताकत, मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और छात्रावास निर्माण का बड़ा बजट
-रवि सिंह-
रायपुर/एमसीबी,14 मार्च 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ विधानसभा में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6 हजार 976 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित हो गई हैं, विभागीय मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए सरकार व्यापक स्तर पर काम कर रही है। मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रदेश के हर नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, उन्होंने कहा, मैं जीवन की रक्षा का संकल्प लेकर सेवा का दीप जलाने आया हूँ, इस प्रदेश का हर जन स्वस्थ रहे,यही सरकार का उद्देश्य है, उन्होंने बताया कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए स््रहृ्य्ररुक्क मॉडल के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सुधार किया जाएगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए CG-ACE योजना
पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता देने के लिए CG-ACE (छत्तीसगढ़ असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन) योजना शुरू की जाएगी,इसके अंतर्गत उड़ान, शिखर और मंजिल योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाएगा,इसके लिए बजट में 9 करोड़ 63 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
विधानसभा में हुई व्यापक चर्चा
अनुदान मांगों पर हुई चर्चा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कई विधायकों ने अपने विचार रखे,चर्चा में धर्मजीत सिंह,दलेश्वर साहू,ईश्वर साहू, प्रणव मरपच्ची,आशाराम नेताम,प्रमोद मिंज,अनुज शर्मा,पुन्नूलाल मोहले, राघवेन्द्र सिंह,कुंवर सिंह निषाद,लखेश्वर बघेल,भोलाराम साहू,दिपेश साहू, प्रेमचंद पटेल, विनायक गोयल, रोहित साहू,रामकुमार यादव,व्यास कश्यप, सुशांत शुक्ला,संगीता सिन्हा,उद्धेश्वरी पैकरा,सावित्री मंडावी,उत्तरी जांगड़े, अंबिका मरकाम और यशोदा वर्मा सहित कई विधायक शामिल रहे।
सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है, इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है,इस व्यवस्था के लागू होने से सरकारी कर्मचारियों को इलाज के दौरान आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार पर जोर
मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की जा रही हैं, इसके तहत,प्रदेश में 25 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाएंगे,आम नागरिकों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए 50 जन औषधि केंद्रों का विस्तार किया जाएगा, उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ और किफायती बनाना है।
रायपुर में बनेगा अत्याधुनिक कार्डियक इंस्टीट्यूट
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि रायपुर में मध्य भारत का अत्याधुनिक कार्डियक इंस्टीट्यूट स्थापित करने की योजना है, यह संस्थान प्रदेश के नागरिकों को उच्च स्तरीय हृदय रोग उपचार की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अधोसंरचना विकास के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे बाल हृदय रोग उपचार सेवाओं को और मजबूत किया जा सकेगा।
पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नई योजनाएं…
अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के लिए 251 करोड़ 68 लाख रुपये का बजट रखा गया है, इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना शुरू की जाएगी, जिसमें पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं दी जाएंगी, बिलासपुर में 500 सीटों वाला कन्या प्रयास आवासीय विद्यालय स्थापित किया जाएगा, इसके अलावा रायपुर, रायगढ़, मनेन्द्रगढ़ और जशपुर में छात्रावासों का निर्माण भी कराया जाएगा।
बिलासपुर में बनेगा स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट
प्रदेश के कैंसर मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी, इससे मरीजों को इलाज के लिए अन्य राज्यों या बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, इसके अलावा रायपुर में प्रदेश का पहला होम्योपैथी कॉलेज भी स्थापित किया जाएगा, जिससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
नए अस्पताल और आधुनिक एम्बुलेंस
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई नए अस्पतालों और सुविधाओं की भी घोषणा की गई है,अंबिकापुर और धमतरी में जिला अस्पतालों के नए भवन बनाए जाएंगे,रायपुर के कालीबाड़ी क्षेत्र में 200 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु चिकित्सालय बनाया जाएगा,चिरमिरी में नया जिला अस्पताल स्थापित किया जाएगा,इसके साथ ही राज्य में एम्बुलेंस सेवाओं को मजबूत करने के लिए 300 नई एम्बुलेंस खरीदी जाएंगी,70 वेंटिलेटर युक्त अत्याधुनिक एम्बुलेंस, नवजात शिशुओं के लिए 10 विशेष एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी।
रायपुर में बनेगी मध्य भारत की सबसे बड़ी प्रयोगशाला
मंत्री ने बताया कि रायपुर में मध्य भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी,इसके लिए बजट में 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है,इस प्रयोगशाला के बनने से खाद्य और औषधियों की जांच के लिए दिल्ली जैसे महानगरों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी और छत्तीसगढ़ सहित आसपास के राज्यों को भी इसका लाभ मिलेगा।
चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा विस्तार
चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है, प्रदेश में दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, जशपुर, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम में नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किए जाएंगे, इन महाविद्यालयों के लिए 1,240 नए पद,संबंधित अस्पतालों के लिए 500 पद स्वीकृत किए गए हैं, इसके अलावा रायपुर,दुर्ग,राजनांदगांव,अंबिकापुर और जगदलपुर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।
आयुष सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
आयुष विभाग के लिए बजट में 544 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, इसके तहत 7 आयुर्वेद चिकित्सालय, 13 आयुष पॉलीक्लिनिक, 692 आयुष औषधालयों का उन्नयन किया जाएगा, रायपुर स्थित शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में छात्रावास और सेमिनार हॉल का निर्माण भी किया जाएगा।
इस मॉडल में शामिल हैं…
S-Strengthened Institutions (स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत बनाना)
A – Academic E&cellence (उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा)
N – Ne&t Generation Researc (नवीन शोध एवं अनुसंधान)
K – Knowledge & Clinical (चिकित्सकीय दक्षता और ज्ञान)
A – Advanced Medical (आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं)
L – Life Saving Infrastructure (जीवन रक्षक अधोसंरचना)
P – Professional & Transparent Governance (पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रबंधन) उन्होंने कहा कि इस मॉडल के माध्यम से प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
SANKALP मॉडल से बदलेगी स्वास्थ्य व्यवस्था
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को SANKALP मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा, इसमें स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न पहलुओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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