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कोरिया@सरगुजा के सर्वांगीण विकास का रोड मैप, जनजातीय सशक्तिकरण, पर्यटन विस्तार और बुनियादी सुविधाओं पर सरकार का फोकस – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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  • सरगुजा विकास का नया अध्याय: 50 करोड़ के बजट संग जनजातीय सशक्तिकरण का संकल्प: मुख्यमंत्री
  • सरगुजा-बस्तर पर सरकार का फोकस: विकास, पर्यटन और पेयजल पर सख्ती
  • 543 नए कार्यों को मंजूरी: सरगुजा में सर्वांगीण विकास की रफ्तार तेज”
  • जनजातीय उत्थान से क्षेत्रीय समृद्धि तक: सरगुजा के लिए सरकार का स्पष्ट रोडमैप”
  • जल जीवन मिशन में लापरवाही पर कार्रवाई, हाथी-प्रभावितों को राहत – प्राधिकरण बैठक में बड़े फैसले
  • सरगुजा विकास प्राधिकरण बैठक: 50 करोड़ बजट स्वीकृत, 543 कार्य मंजूर, पर्यटन व पेयजल पर फोकस


-संवाददाता-

कोरिया 17 फरवरी 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा संभाग के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि “सरगुजा और बस्तर जैसे वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। जनजातीय समाज का सशक्तिकरण केवल घोषणा नहीं, बल्कि ठोस कार्ययोजना के माध्यम से जमीन पर उतारा जा रहा है, बैठक बैकुंठपुर जिला पंचायत के मंथन सभाकक्ष में आयोजित हुई, जिसमें सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों—कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर और सरगुजा—में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की यह बैठक केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि वनांचल क्षेत्रों के लिए विकास का ठोस रोडमैप साबित हुई, पेयजल, पर्यटन, सड़क, बिजली, जनजातीय उत्थान और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे मुद्दों पर बहुआयामी रणनीति के साथ सरकार आगे बढ़ रही है, यदि स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से होता है, तो सरगुजा क्षेत्र निश्चित रूप से विकास के नए शिखर को छू सकता है और जनजातीय समाज के जीवन स्तर में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
50 करोड़ का बजट, 543 नए विकास कार्यों को मंजूरी- बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण को 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान की स्वीकृति प्रदान की गई, 543 नए विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की मंजूरी,वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को औपचारिक अनुमोदन,लंबित कार्यों को मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश,मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य समय-सीमा में और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किए जाएं, उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
पर्यटन विकास: मयाली से झुमका तक नई पहचान- बैठक में पर्यटन को क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने पर विशेष बल दिया गया, जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित मयाली नेचर कैंप के विकास हेतु 40 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत, 5 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन, मयाली का विशाल शिवलिंग ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज, जिससे राष्ट्रीय पहचान में वृद्धि, बैकुंठपुर के झुमका जलाशय में क्रूज पर्यटन की संभावनाओं पर चर्चा, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राधिकरण की बैठकों को अलग-अलग जिलों में आयोजित करने से स्थानीय पर्यटन स्थलों की पहचान बढ़ती है और निवेश के नए अवसर खुलते हैं।
जल जीवन मिशन: लापरवाही पर सख्त कार्रवाई- जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा में गंभीर अनियमितताएँ सामने आने पर 12 समूह जल प्रदाय योजनाओं के अनुबंध निरस्त किए गए, एक मुख्य अभियंता और आठ कार्यपालन अभियंताओं को निलंबित, विभागीय जांच आरंभ, मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं है, गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी जिलों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हाथी-प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत पैकेज- सरगुजा और आसपास के वन क्षेत्रों में जंगली हाथियों के हमलों से प्रभावित परिवारों के लिए राहत संबंधी निर्णय लिए गए, मकान क्षति मुआवजा राशि में वृद्धि, अन्य मुआवजा दरों की समीक्षा प्रक्रियाधीन, हाथी-प्रभावित गांवों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने के निर्देश, मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
विद्युतीकरण और बिजली बिलों का समाधान- सोनहत विकासखंड में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विद्युतीकरण तेज गति से जारी,जशपुर में बिजली बिल सुधार शिविर आयोजित, 568 त्रुटिपूर्ण बिलों का सुधार, मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान पर जोर- धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी सभी सदस्यों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, इससे योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता मजबूत होगी।
जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर गंभीरता- बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कई मुद्दे उठाए वनांचल क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होना,हाथी से फसल व संपत्ति क्षति पर मुआवजा बढ़ाने की मांग,जल जीवन मिशन के अपूर्ण कार्य, ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता, लुंड्रा, बतौली और प्रतापपुर में गन्ना मिल प्रारंभ करने की मांग, मजदूरों के लंबित भुगतान, मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक से बढ़ती है जिलों की पहचान– मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बैठक मयाली (जशपुर) में आयोजित हुई थी, जिसके बाद क्षेत्र की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ी, अब बैकुंठपुर में बैठक होने से कोरिया जिले को भी नई पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बजट आवंटन नहीं, बल्कि विकास के ठोस परिणाम देना है।
प्रमुख जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति- बैठक में कृषि एवं प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम, उपाध्यक्ष गोमती साय, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद चिंतामणी महराज सहित अनेक विधायक एवं अधिकारी उपस्थित रहे, कोरिया कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया।


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