लखनऊ,14 जनवरी 2026। उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति से एक दिन पहले एकादशी पर्व पर बुधवार को राम नगरी अयोध्या से लेकर काशी और प्रयागराज समेत तमाम नदियों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं ने परंपरागत तरीके से स्नान-ध्यान और दान कर पुण्य कमाया। आज खिचड़ी पर्व मनाया जाएगा। योगी सरकार ने आज मकर संक्रांति का अवकाश घोषित किया है। पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी हैं। मकर संक्रांति के पुण्यकाल के समय स्नान-दान करना और सूर्य देव की उपासना करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। वैसे तो उत्तर प्रदेश में 15 जनवरी को यह पर्व मनाया जाएगा। एकादशी पर्व को लेकर रामनगरी अयोध्या में सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह 4 बजे से ही स्नान शुरू कर दिया। विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं का पहुंचना यहां कई दिन पहले शुरु हो गया था, लेकिन मंगलवार शाम को श्रद्धालुओं की भीड़ काफी बढ़ गई और अयोध्या में चारों ओर जय श्रीराम के जयकारे सुनाए दे रहे हैं। सरयू में स्नान करने के बाद भक्त रामलला के दर्शन करने के लिए राम मंदिर पहुंच रहे हैं। दर्शन के लिए हनुमानगढ़ी मंदिर में भक्तों की लंबी लंबी लाइनें लगी रहीं। अयोध्या में स्थित राम मंदिर में मकर संक्रांति का पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा। रामलला को ड़ेढ क्विंटल खिचड़ी का भोग अर्पित कर श्रद्धालुओं में बांटा जाएगा। इस अवसर पर मंदिर परिसर में स्थित सूर्य मंदिर में विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सूर्य देव की आराधना, हवन और विशेष पूजन होगा।
अयोध्या प्रशासन ने सरयू घाटों पर स्नान के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। तीर्थराज प्रयाग में संगम की रेती पर चल रहे माघ मेले में मकर संक्रांति दूसरा सबसे बडा स्नान माना जाता है। आज दूसरे स्नान पर्व पर संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम के विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। यहां देश – विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त से ही स्नान शुरु कर दिया था और दोपहर एक बजे तक 50 लाख श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। अभी भी श्रद्धालुओं के आने का क्रम लगातार जारी है।
वाराणसी में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
वाराणसी के गंगा घाटों पर आज सुबह शुभ मुहूर्त में भक्तों ने स्नान ध्यान और दान पुण्य का सिलसिला शुरु कर दिया और यह शाम तक जारी रहा । प्रशासन का अनुमान है कि विभिन्न घाटों पर दोपहर तक लगभग 13 लाख लोग आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ 16 घंटे का पुण्यकाल प्रारंभ हुआ है । ऐसे में माना जाता है कि पुण्य विशेष लाभकारी होता है। इसलिए श्रद्धालु स्नान, दान और ध्यान कर रहे हैं। काशी के विभिन्न घाटों में उन श्रद्धालुओं की संख्या अधिक है जो प्रयागराज के माघ मेले से होकर यहां पहुंचे हैं।
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