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मनेंद्रगढ़@ मनरेगा पर कांग्रेस का तीखा हमला,मोदी सरकार पर गरीब-विरोधी नीति का आरोप

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मनेंद्रगढ़,11 जनवरी 2026(घटती-घटना)। मनेंद्रगढ़ में आज कांग्रेस पार्टी द्वारा मनरेगा कानून में केंद्र सरकार द्वारा किए गए बदलावों के विरोध में जोरदार प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने अलग-अलग लेकिन बेहद तीखे बयानों के जरिए मोदी सरकार पर गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाया, कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि मनरेगा में बदलाव को वह गरीब-विरोधी साजिश मानती है और इसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता सौरव मिश्रा
उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा की मजदूरी का पूरा भुगतान केंद्र सरकार करती थी,जिससे काम निर्बाध चलता था, अब 40त्न राशि राज्यों पर डालकर केंद्र चाहती है कि राज्य खर्च बचाने के लिए काम ही न दें। यह संघीय ढांचे और गरीबों दोनों के खिलाफ फैसला है।
एक स्वर में आंदोलन की चेतावनी
प्रेस वार्ता में मौजूद सभी नेताओं ने एकजुट होकर कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा और गरीब मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और जरूरत पड़ी तो जनआंदोलन भी किया जाएगा, इस दौरान महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष रूमा चटर्जी,निर्मला चतुर्वेदी,पूनम सिंह और रामनरेश पटेल भी उपस्थित रहे।
पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा
नोबेल वर्मा ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं बल्कि गरीबों को मिला संवैधानिक अधिकार था, केंद्र सरकार ने राज्यों की हिस्सेदारी घटाकर इस योजना को कमजोर कर दिया है,जो मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश है। यह फैसला सीधे तौर पर मजदूरों के खिलाफ है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव
उन्होंने कहा कि भाजपा 100 दिन रोजगार का झूठा प्रचार कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि पिछले 11 वर्षों में औसतन 38 दिन से अधिक काम नहीं मिला, छत्तीसगढ़ के अधिकांश गांवों में महीनों से मनरेगा बंद है और ग्रामीण बेरोजगारी झेल रहे हैं।
पूर्व विधायक गुलाब कमरों
गुलाब कमरों ने कहा कि मनरेगा ने दो दशकों तक करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सम्मान के साथ जीने का सहारा दिया। कोविड काल में भी यही योजना गरीबों की ढाल बनी, लेकिन भाजपा सरकार अब यह सुरक्षा छीन रही है, यह सामाजिक न्याय पर सीधा हमला है।
विधायक प्रत्याशी रमेश सिंह
रमेश सिंह ने आरोप लगाया कि नए सिस्टम में सरकार तय करेगी कि किसे काम मिलेगा और किसे नहीं। पंचायतों की भूमिका खत्म कर दी गई है, जिससे गांवों के विकास पर ब्रेक लग गया है। फसल कटाई के समय काम न देना गरीबों को जानबूझकर भूखा रखने जैसा है।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल
प्रभा पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार भगवान राम के नाम पर योजनाओं का नामकरण कर जनता को भ्रमित कर रही है, जबकि असलियत में गरीबों के रोजगार और मजदूरी के अधिकार छीने जा रहे हैं, इसका सबसे ज्यादा असर महिला मजदूरों पर पड़ेगा।


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