नई दिल्ली,06 जनवरी 2026। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को एक सामूहिक राष्ट्रीय आंदोलन बनाया जाना चाहिए, जिसमें सरकार, कॉरपोरेट, समुदाय और आम नागरिक सभी की भागीदारी हो। उन्होंने कहा कि कुपोषण का उन्मूलन ‘विकसित भारत’ के निर्माण और देश के दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक भविष्य के लिए अनिवार्य है। गोयल ने यह बातें राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा नई दिल्ली में आयोजित पोषण पर सीएसआर कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व व्यवसाय और सामाजिक प्रभाव को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। कानून के तहत सीएसआर पर शुद्ध लाभ का दो प्रतिशत खर्च अनिवार्य है, लेकिन इसे न्यूनतम सीमा के रूप में देखा जाना चाहिए,न कि अधिकतम सीमा के रूप में। उन्होंने सीएसआर को बोझ नहीं,बल्कि समाज के लिए सार्थक योगदान का अवसर बताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सेवा की भावना भारत की संस्कृति और परंपराओं में रची-बसी है और कई संस्थान स्वेच्छा से सामाजिक कार्यों पर निर्धारित सीमा से कहीं अधिक खर्च करते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा कार्यक्रम सभी हितधारकों के लिए कुपोषण के खिलाफ प्रयास तेज करने का आह्वान है। पीयूष गोयल ने कहा कि कुपोषण एक जटिल चुनौती है, जिसके समाधान के लिए समन्वित प्रयास जरूरी हैं।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur