नई दिल्ली,06 जनवरी 2026। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत एआई के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश के सभी पांच एआई लेयर्स में बड़े निवेश आ रहे हैं। इस वर्ष ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट भारत में आयोजित होगा, जो पहले ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और फ्रांस में हो चुका है। मोदी सरकार ने भारत को दुनिया भर में एक बड़ा टेक्नोलॉजी हब बनाया है। वैष्णव ने मंगलवार को जयपुर में आयोजित रीजनल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि ग्लोबल समिट की तैयारियों के तहत जी20 की तर्ज पर देश के सभी राज्यों में रीजनल एआई समिट आयोजित किए जा रहे हैं। हाल ही में मेघालय और ओडिशा में ऐसे समिट सफलतापूर्वक हुए और आज राजस्थान में यह रीजनल समिट संपन्न हो रहा है। इस दौरान राजस्थान की एआई पॉलिसी का शुभारंभ किया गया साथ ही युवाओं को टेक्नोलॉजी से जोड़ने के लिए एक नए स्किलिंग प्रोग्राम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और छोटे उद्यमियों को एआई स्किल्स प्रदान करना है ताकि वे अपनी जिंदगी में, खासकर लघु उद्योगों में, एआई का उपयोग कर प्रोडक्टिविटी बढ़ा सकें और लाभ उठा सकें। इसी क्रम में 10 लाख युवाओं और छोटे उद्यमियों को एआई स्किल्स देने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे अगले एक साल में हासिल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के तकनीक को सभी तक पहुंचाने के संकल्प के तहत एआई मिशन में 38 हजार एआई जीपीयू यानी एआई कंप्यूटर्स उपलब्ध कराए गए हैं। इससे देश में बहुत कम कीमत पर सभी को एआई सुविधाएं मिल रही हैं। भारत में एआई क्षेत्र में लगभग 70 बिलियन डॉलर का निवेश हो रहा है,जो एक बहुत बड़ा निवेश है। इस मिशन में कई नए प्रयोग,नए एप्लिकेशन और नई टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शामिल हैं। वैष्णव ने एआई के आर्किटेक्चर की पांच लेयर्स का जिक्र करते हुए बताया कि सबसे ऊपर एप्लिकेशन लेयर है।
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