Breaking News

कोरिया@जनदर्शन में सुनवाई,ज़मीन पर सन्नाटापुराना बस स्टैंड अतिक्रमण ने खोली प्रशासन की पोल

Share

  • जब जनदर्शन भी बेअसर:आदेश, नोटशीट और शिकायतों के बाद भी कायम अतिक्रमण…
  • तीन महीने,चार आवेदन,फिर भी कब्ज़ा बरकरार…पुराना बस स्टैंड बना प्रशासनिक लापरवाही की मिसाल
  • जनदर्शन या दिखावा? अतिक्रमण नहीं हटा, भरोसा टूट गया…
  • आदेश काग़ज़ में,कब्ज़ा ज़मीन पर: जनदर्शन की विश्वसनीयता पर सवाल?


-संवाददाता-
कोरिया,05 जनवरी 2026(घटती-घटना)। कलेक्टर जनदर्शन जिसे आम जनता अंतिम उम्मीद मानकर पहुँचती है अगर वहीं से भी समाधान न मिले,तो यह केवल एक शिकायत का मामला नहीं रहता,बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल बन जाता है,बैकुंठपुर के पुराने बस स्टैंड में नगर पालिका कॉम्प्लेक्स से जुड़ा अतिक्रमण मामला आज इसी सवाल का जीवंत उदाहरण बन चुका है।
पुराना बस स्टैंड अतिक्रमण मामला अब केवल एक स्थानीय विवाद नहीं रहा,यह प्रशासनिक इच्छाशक्ति,जवाबदेही और जनदर्शन की सार्थकता पर सीधा सवाल है,अगर जनदर्शन में पहुँची शिकायतों का यही हश्र होना है,तो जनता पूछेगी फिर जनदर्शन क्यों? जनदर्शन तभी सार्थक है जब आदेश ज़मीन पर दिखें,कार्रवाई समय पर हो और फरियादी को न्याय मिले अन्यथा जनदर्शन, समाधान का मंच नहीं,फाइलों का कब्रिस्तान बनकर रह जाएगा,और यह स्थिति किसी एक व्यक्ति की नहीं,पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह है, बात दे की कई बार की गई शिकायत,फिर भी स्थिति जस की तस,रिकू मोबाइल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक पुष्प राजवाड़े द्वारा इस संबंध में 22 जुलाई 2025, 31 जुलाई 2025 और 31 अक्टूबर 2025 को जिला प्रशासन को लिखित शिकायतें दी गईं। शिकायत में उल्लेख है कि नगर पालिका द्वारा दुकानों के सामने लगभग 10 फीट चौड़ी गैलरी छोड़ी गई थी,ताकि आमजन का आवागमन सुचारु रहे,लेकिन दुकानदारों ने उसी गैलरी में टेंट, सीमेंट शीट और स्थायी अवरोध खड़े कर दिए।
सुरक्षा और स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा
दस्तावेज़ों में यह भी गंभीर बात सामने आई है कि गैलरी में ही गैस सिलेंडर और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी जाती है,गैस रिसाव की स्थिति में बड़ी दुर्घटना की आशंका जताई गई है। साथ ही,टेंट लगाकर जगह घेरने से बारिश का पानी जमा हो रहा है,कीचड़ बन रहा है और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
प्रशासन से दोबारा हस्तक्षेप की मांग…
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि पुराने बस स्टैंड परिसर में किए गए अतिक्रमण को दोबारा हटाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई भी दुकानदार गैलरी या सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा न कर सके,ताकि आम नागरिकों का आवागमन और व्यवसायिक गतिविधियां बाधित न हों।
सवालों के घेरे में नगर पालिका की निगरानी…
लगातार शिकायतों और एक बार कार्रवाई के बावजूद अतिक्रमण का दोबारा होना नगर पालिका की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई, तो पुराना बस स्टैंड क्षेत्र पूरी तरह अव्यवस्था और अवैध कब्जों का केंद्र बन जाएगा,अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में स्थायी समाधान की दिशा में क्या ठोस कदम उठाता है, या फिर शिकायतों की फाइलें यूं ही आगे-पीछे होती रहेंगी।
सबसे गंभीर सवाल: डेढ़ महीने में पुलिस बल नहीं मिला?
कार्रवाई विवरण में यह उल्लेख होना कि अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस बल की आवश्यकता है,जो डेढ़ महीने से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है अपने आप में हैरान करने वाला और चौंकाने वाला है, क्या एक जिले में डेढ़ महीने तक पुलिस बल नहीं मिलता? क्या छोटे से अतिक्रमण के लिए बल खोजना पड़ता है? या फिर यह कार्रवाई टालने का जानबूझकर अपनाया गया बहाना है? यदि प्रशासन की नीयत स्पष्ट होती,तो कार्रवाई उसी सप्ताह पूरी हो जाती।
तीन महीने,चार आवेदन, जनदर्शन टोकन फिर भी अतिक्रमण कायम
रिकू मोबाइल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक पुष्प राजवाड़े द्वारा 22 जुलाई 2025, 31 जुलाई 2025, 31 अक्टूबर 2025 और फिर 4 नवम्बर 2025 को कलेक्टर जनदर्शन में विधिवत शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत का विषय स्पष्ट था नगर पालिका कॉम्प्लेक्स की दुकान क्रमांक 02 और 03 के दुकानदारों द्वारा दुकान के बाहर सामान फैलाना,सार्वजनिक गैलरी को टेंट और सीमेंट शीट लगाकर बंद करना आवागमन का रास्ता रोकना जबकि दस्तावेज़ों में साफ लिखा अतिक्रमण अवैध है नगर पालिका के रिकॉर्ड और नोटशीट में स्पष्ट उल्लेख है कि संबंधित दुकान का आवंटित क्षेत्रफल 54.74 वर्गमीटर है दुकान के सामने 15म15 फीट की गैलरी सार्वजनिक उपयोग के लिए छोड़ी गई है, गैलरी पर किसी भी प्रकार का स्थायी या अस्थायी कब्जा नियम विरुद्ध है 31 जुलाई 2025 को नगर पालिका द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई, लेकिन यह कार्रवाई स्थायी नहीं रही, कार्रवाई के बाद फिर कब्ज़ा, आदेशों की खुली अवहेलना कुछ ही समय बाद दुकानदारों ने फिर से टेंट लगाकर गैलरी पर कब्ज़ा कर लिया, इससे न केवल रास्ता बंद हुआ, बल्कि बरसात में पानी भरने लगा, कीचड़ और गंदगी बढ़ी, संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हुआ, गैलरी में गैस सिलेंडर रखने से दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई यह स्थिति शासन के आदेशों की खुली अवहेलना मानी जा रही है।
गैलरी बंद,रास्ता जाम
शिकायत के अनुसार, नगर पालिका कॉम्प्लेक्स की दुकान क्रमांक 02 एवं 03 के संचालकों द्वारा दुकान के बाहर सामान लगाकर गैलरी को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया है। इससे न केवल अन्य दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम लोगों के लिए रास्ता बंद हो गया है।

जनदर्शन: समाधान का मंच या सिर्फ औपचारिकता?
जनदर्शन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं,बल्कि समयबद्ध समाधान देना है,लेकिन जब जनदर्शन टोकन के बावजूद कार्रवाई न हो,आदेश फाइलों में दब जाए,फरियादी महीनों कार्यालयों के चक्कर काटे तो यह प्रशासनिक सुस्ती नहीं,जनता की आस्था के साथ सीधा खिलवाड़ है।
सवाल जो अब अनदेखे नहीं किए जा सकते…
आदेश के बावजूद अतिक्रमण क्यों कायम है?
जिम्मेदार अधिकारी कौन है?
पुलिस बल उपलब्ध कराने में देरी क्यों?
क्या जनदर्शन सिर्फ “सुनवाई का मंच” बनकर रह गया है?
नगर पालिका की निगरानी भी कटघरे में…
बार-बार अतिक्रमण होना यह दर्शाता है कि…
नगर पालिका की निगरानी कमजोर है…कार्रवाई केवल दिखावटी है
दोषियों पर कोई ठोस दंड नहीं यही कारण है कि अतिक्रमण हटता नहीं, बार-बार लौट आता है।


Share

Check Also

राजपुर@ उत्कृष्ट पार्षद के लिए नवीन सर्व सोनार समाज ने किया पार्षद विशवास का सम्मान

Share राजपुर,24 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। नवीन सर्व सोनार समाज राजपुर द्वारा निर्दलीय निर्वाचित वार्ड पार्षद …

Leave a Reply