बिलासपुर,22 दिसम्बर 2025। विभागीय सजा के खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिका को सख्त टिप्पणियों के साथ खारिज करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि वकील बदल-बदलकर पुनरीक्षण याचिका लगाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल डिवीजन बेंच ने की। कोर्ट ने पहले 2 लाख रुपये का जुर्माना निर्धारित किया था,लेकिन याचिकाकर्ता के वकील द्वारा बार-बार बिना शर्त माफी मांगने पर इसे घटाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। जुर्माने की राशि शासकीय विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी, गरियाबंद को देने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में भुगतान नहीं होने पर राशि भू-राजस्व की तरह वसूली जाएगी। जशपुर निवासी संजीव यादव के खिलाफ विभागीय जांच के बाद चार वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने की सजा दी गई थी। इसके खिलाफ 2018 में दायर याचिका को सिंगल बेंच ने 23 जनवरी 2025 को खारिज करते हुए कहा था कि जांच नियमानुसार हुई और प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन नहीं हुआ।
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